पीपीएफ और एसआईपी में क्या बेहतर है?
पीपीएफ और SIP दोनों ही निवेश करने के लिए लोकप्रिय विकल्प हैं। इन दोनों ही विकल्पों में निवेश करने के अलग-अलग फायदे और उद्देश्य हैं। जैसे कि यदि आप बिना किसी जोखिम के सुरक्षित रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं, तो पीपीएफ में निवेश करना बेहतर है। वहीं अगर आप लंबी अवधि में बड़ा रिटर्न प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं, तो एसआईपी में निवेश करना अच्छा विकल्प हो सकता है।
PPF और SIP के बीच मुख्य अंतर
SIP को सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान और PPF को पब्लिक प्रोविडेंट फंड नाम से जाना जाता है। इन दोनों के बीच कई मुख्य अंतर होते हैं, जिनके बारे में जानना आपके रिटर्न पर अच्छा प्रभाव डाल सकता है:
| मुख्य कारक |
एसआईपी (SIP) |
पीपीएफ (PPF) |
| रिटर्न जोखिम |
बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। |
सरकारी होने की वजह से पूरी तरह सुरक्षित रहता है। |
| अपेक्षित दर |
12-15% |
वर्तमान में 7.1% |
| लॉक इन अवधि |
नहीं होती है। (ELSS फंड्स को छोड़कर) |
15 साल तक होती है, लेकिन 7 साल के बाद आंशिक निकासी की जा सकती है। |
| कर लाभ |
केवल ELSS फंड में छूट |
निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी सभी टैक्स-फ्री होते हैं। |
| निवेश सीमा |
कोई अधिकतम सीमा नहीं |
अधिकतम ₹1.5 लाख/साल ही कर सकते हैं। |
पीपीएफ और SIP में क्या चुनना बेहतर है?
PPF और SIP में से किसी एक को चुनने के लिए दोनों के बीच के मुख्य अंतर जानते हैं:
- पीपीएफ एक सरकारी योजना है, इसीलिए यदि आप बिना किसी जोखिम के सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, तो पीपीएफ में निवेश करना बेहतर होगा। वहीं SIP काफी हद तक बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, जिस वजह से सिप में रिस्क थोड़ा अधिक रहता है।
- एसआईपी में पीपीएफ की तुलना में अधिक रिटर्न मिलने की संभावना होती है क्योंकि PPF में दर तय होती है, जो कि वर्तमान में 7.1% है। लेकिन सिप में अपेक्षित रिटर्न आपके द्वारा चुने गए फंड और निवेश अवधि के आधार पर तय होता है।
- अगर आपको निवेश के दौरान अचानक से राशि की आवश्यकता पड़ती है, तो आप सिप से राशि निकाल सकते हैं, या बीच में एसआईपी बंद भी कर सकते हैं। वहीं पीपीएफ की बात करें तो यह योजना 15 साल की लॉक-इन अवधि के साथ आती है, हालांकि 7 साल बाद आंशिक निकासी की अनुमति होती है।
PPF और SIP में 1,000 रुपए प्रति माह निवेश पर गणना
यदि आप पीपीएफ और एसआईपी दोनों में 1,000 रुपए प्रति माह निवेश करते हैं, तो आपको कुल कितना रिटर्न प्राप्त होगा, इसकी जानकारी नीचे दी गई है:
पीपीएफ में 12,000 रुपए वार्षिक निवेश करने पर 7.1% ब्याज के अनुसार 15 साल बाद कुल रिटर्न:
- कुल निवेश राशि: 1,80,000 रुपए
- प्राप्त रिटर्न: 1,45,457 रुपए
- कुल मैच्योरिटी राशि: 3,25,457 रुपए
यदि आप सिप में निवेश करते हैं, तब आपका अपेक्षित दर 12% के अनुसार 15 साल का कुल रिटर्न:
- कुल निवेश राशि: 1,80,000 रुपए
- प्राप्त रिटर्न: 2,95,931 रुपए
- कुल मैच्योरिटी राशि: 4,75,931 रुपए
लोग यह भी पढ़ते हैं: बेस्ट SIP प्लान
निष्कर्ष
एसआईपी वे लोग चुन सकते हैं जो जोखिम के साथ निवेश कर सकते हैं, और कम समय में बड़ा रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं। साथ ही, वे लोग जो भविष्य के लिए बड़ा इमरजेंसी फंड बनाना चाहते हैं, जिसे वे कभी-भी परेशानी के समय में निकाल सकें। वहीं, पीपीएफ एक सरकारी योजना है, जिसमें आपका निवेश बिना जोखिम के सुरक्षित रहता है, और 15 साल तक लॉक इन रहता है। बेहतर सुझाव मानें तो, आप पीपीएफ और सिप दोनों में एक साथ निवेश कर सकते हैं, अपने सिप के रिटर्न का थोड़ा हिस्सा निकाल कर PPF में निवेश करते रहें और सिप को लंबे समय तक चलाएं। इससे आप दोनों योजना का भरपूर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
-
सिप और पीपीएफ में से कौन सा विकल्प बेहतर है?
अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा रिटर्न बनाना है और आप थोड़ा जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं, तो SIP बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वहीं अगर आपको बिना किसी जोखिम के सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न चाहिए, तो आपके लिए पीपीएफ बेहतर निवेश विकल्प रहेगा।
-
PPF में 1000 रुपए जमा करने पर कितना मिलेगा?
यदि आप PPF में हर महीने 1,000 रुपए निवेश करते हैं, तो आपका सालाना निवेश 12,000 रुपए हुआ, जिस पर 15 साल बाद वर्तमान 7.1% ब्याज दर के हिसाब से आपको कुल मैच्योरिटी 3,25,457 रुपए मिलेंगे।
-
अगर मैं पीपीएफ में हर महीने 5000 निवेश करूं तो क्या होगा?
अगर आप 15 साल तक 5,000 रुपए PPF में निवेश करते हैं, तो आपका कुल निवेश 9,00,000 रुपए बैठेगा, जिस पर 7.1% की वर्तमान ब्याज दर के अनुसार,आपको कुल 16,27,284 तक का बड़ा रिटर्न मिल सकता है।
-
SIP vs PPF किस निवेश में ज्यादा फायदा मिलेगा?
पुराने रिकॉर्ड्स की बात करें, तो SIP में ज्यादा फायदा मिलता है क्योंकि यह औसतन 12% से 15% तक का रिटर्न दे देता है, जो PPF के 7.1% से काफी अधिक है। हालांकि, PPF में रिटर्न की पूरी गारंटी होती है, जबकि SIP का रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।