FD के बदले मिलने वाले क्रेडिट कार्ड को सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड भी कहते हैं। इसमें आपको बिना किसी इनकम प्रूफ और सिबिल स्कोर की चिंता किए, कार्ड मिल जाता है। इसमें बैंक आपकी एफडी की रकम की 80% से 90% तक की लिमिट तय करता है। लेकिन इसमें अच्छी बात यह है कि कार्ड इस्तेमाल करते हुए भी आपकी एफडी पर पूरा ब्याज मिलता रहता है और आप समय पर बिल का भुगतान करके अपना क्रेडिट स्कोर भी सुधार सकते हैं।
आपकी एफडी ही सिक्योरिटी है — न सैलरी स्लिप चाहिए, न क्रेडिट हिस्ट्री
जितना बड़ा डिपॉज़िट, उतनी ज़्यादा स्पेंडिंग पावर
समय पर पेमेंट करने से आप अपनी क्रेडिट हिस्ट्री बना भी सकते हैं और सुधार भी सकते हैं

पूरी तरह से टैक्स-फ्री, जीवन कवर शामिल
सावधि जमा क्रेडिट कार्ड एक सुरक्षित विकल्प है, जो आपको बैंक में जमा फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले जारी किया जाता है। साथ ही इसे FD बैक्ड क्रेडिट कार्ड भी कहते है, इसमें बैंक 80% से 90% तक की क्रेडिट लिमिट देता है। जैसे मान लीजिए आपकी एफडी 50,000 तक की है तो बैंक आपको 40,000 से 45,000 तक की लिमिट दे सकता है और इस कार्ड को लेने के लिए किसी इनकम प्रूफ या सैलरी स्लिप की जरूरत नही है।
एफडी के बदले क्रेडिट कार्ड की निम्नलिखित विशेषताएं नीचे दी गई है:
अधिकांश बैंकों द्वारा सावधि जमा के बदले क्रेडिट कार्ड प्रदान किए जाते है। इसकी अधिक जानकारी नीचे दी गई है:
| बैंक का नाम | न्यूनतम FD राशि | क्रेडिट सीमा |
| एसबीएम बैंक (SBM) | ₹2,000 | 90% से 100% तक |
| HDFC बैंक | ₹15,000 | 90% तक |
| कोटक महिंद्रा बैंक | ₹10,000 | 80% से 90% तक |
| आईडीएफसी फर्स्ट बैंक | ₹10,000 | 100% तक |
| एक्सिस बैंक | ₹20,000 | 80% से 85% तक |
| भारतीय स्टेट बैंक (SBI) | ₹25,000 | 80% तक |
| आईसीआईसीआई बैंक (ICICI ) | ₹50,000 | 90% तक |
आप FD के बदले क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:
ग्राहकों को सावधि जमा के बदले बिना किसी आय प्रमाण या सिबिल (CIBIL) स्कोर के आसानी से सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड मिल जाता है। इसमें बैंक एफडी राशि का 80% से 90% तक क्रेडिट लिमिट तय कर देता है, जबकि आपकी FD पर पूरा ब्याज मिलना जारी रहता है। यह कार्ड नए ग्राहकों और खराब क्रेडिट स्कोर वाले लोगों के लिए सिबिल स्कोर सुधारने का सबसे आसान तरीका प्रदान करता है। आमतौर पर बैंक सावधि जमा तोड़ने को बढ़ावा नहीं देता है, इसलिए ग्राहकों को एफडी के बदले लोन और एफडी के बदले क्रेडिट का विकल्प दिया जाता है।