कस्टमर ID, 9-10 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो बैंक अपने ग्राहक को देता है। इसके बाद यह नंबर ग्राहक की पहचान बन जाता है। इस ID का मुख्य उद्देश्य आपकी सभी निजी जानकारी को एक जगह सुरक्षित रखना होता है। जब भी आप इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप में पहली बार लॉगिन करते हैं, तो सुरक्षा के तौर पर यही कस्टमर ID माँगी जाती है। कस्टमर ID को CIF नंबर भी कहा जाता है और यह अकाउंट नंबर से पूरी तरह अलग होता है।

गारंटीड प्लान
(बीमा कंपनियों द्वारा)फिक्स्ड डिपॉजिट
(बैंकों द्वारा प्रदान)सेविंग अकाउंट
(पोस्ट ऑफिस)पूरी तरह से टैक्स-फ्री, जीवन कवर शामिल
कस्टमर ID (Customer ID kya hota hai) एक बहुत जरूरी नंबर होता है, चलिए जानते हैं इसकी जरूरत क्या है:
यहां कस्टमर ID निकालने के 5 आसान तरीके बताए गए हैं:
अपने सेविंग अकाउंट की पासबुक खोलें, पहले पेज पर जहाँ आपका नाम, अकाउंट नंबर और अन्य जानकारी होती है। वहीं कस्टमर ID, Cust ID या CIF no. लिखा होता है।
आप आसानी से अपनी चेकबुक से भी कस्टमर ID निकाल सकते हैं। चेकबुक के भी पहले पेज पर कस्टमर ID लिखी होती है।
जब आप किसी बैंक में नया सेविंग अकाउंट खोलते हैं, तो बैंक आपको वेलकम किट या वेलकम लेटर देता है। इसमें कस्टमर ID स्पष्ट रूप से लिखी होती है।
बैंक से मिलने वाले स्टेटमेंट में भी ऊपर कस्टमर ID लिखी होती है, अगर आपने ईमेल के द्वारा प्राप्त की है तो PDF में भी कस्टमर ID लिखी होती है।
जिस बैंक में आपका अकाउंट है उसका आधिकारिक ऐप खोलें और लॉग इन करें। प्रोफाइल वाले सेक्शन में आप कस्टमर ID देख पाएंगे। आप नेट बैंकिंग में फॉरगॉट कस्टमर ID करके भी कस्टमर ID निकाल सकते हैं।
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यहां एक टेबल में कस्टमर ID और अकाउंट नंबर में अंतर को बताया गया है:
| कस्टमर ID | अकाउंट नंबर |
|---|---|
| एक व्यक्ति की एक ही कस्टमर ID होती है, चाहे आपके उसी बैंक में कितने भी खाते हों। | हर अलग खाते का अलग अकाउंट नंबर होता है। |
| इसका उपयोग नेट बैंकिंग लॉग-इन करने और बैंक को अपनी पहचान बताने में होता है। | इसका उपयोग पैसे भेजने, प्राप्त करने और लेन-देन के लिए होता है। |
| इसे प्राइवेट रखना चाहिए, किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें। | इसे आप पैसे मंगवाने के लिए दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं। |
| यह पासबुक के पहले पन्ने पर ग्राहक की जानकारी वाले हिस्से में लिखी होती है। | यह भी पासबुक में लिखा होता है, लेकिन इसका इस्तेमाल पैसे ट्रांसफर में सबसे ज्यादा होता है। |
कस्टमर ID शेयर करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखा जा सकता है:
कस्टमर ID एक 9-10 अंकों का नंबर होता है, जो बैंक आपकी पहचान वेरिफाई करने के लिए जारी करता है। आमतौर पर आप जब किसी बैंक में खाता खोलते हैं तो वेलकम किट दी जाती है उसमें Customer ID होती है। नेट बैंकिंग में लॉग इन करने के लिए कस्टमर ID अनिवार्य होती है। आप पासबुक, स्टेटमेंट, चेकबुक और मोबाइल बैंकिंग ऐप से कस्टमर ID प्राप्त कर सकते हैं।