NRI निवेश के लिए जरूरी बैंक खाते
भारत में NRI नागरिकों को म्यूचुअल फंड SIP में निवेश करने के लिए मुख्य रूप से NRE और NRO बैंक खाते की आवश्यकता होती है। इन खातों के साथ निवेश के लिए डीमैट और ट्रेडिंग खाता खुलवाना भी फायदेमंद है, क्योंकि यदि कोई एनआरआई भारतीय स्टॉक मार्केट में सीधे शेयर्स खरीदना चाहता है, तो उसके लिए डीमैट अकाउंट की आवश्यकता होती है। आइए NRI के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने का तरीका जानते हैं।
NRI म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे कर सकते हैं?
अनिवासी भारतीयों के लिए भारतीय म्यूचुअल फंड में निवेश करने का आसान तरीका नीचे दिया गया है:
- स्टेप 1 - NRE या NRO बैंक खाता खुलवाएं।
- स्टेप 2 - इसके बाद पैन कार्ड और KYC वेरिफिकेशन पूरा करें।
- स्टेप 3 - FATCA विवरण को भरें।
- स्टेप 4 - राशि निवेश करने के लिए माध्यम चुनें।
- स्टेप 5 - SIP या एकमुश्त निवेश करने का तरीका चुनें।
NRI SIP निवेश में USA और Canada के NRI के लिए विशेष नियम
भारत में USA और कनाडा के प्रवासी भारतीयों के लिए निवेश के मुख्य नियम नीचे दिए गए हैं:
- सीमित फंड हाउस चुनने का विकल्प - भारत के सभी म्यूचुअल फंड हाउस USA और कनाडा के NRI को SIP म्यूचुअल फंड निवेश की अनुमति नहीं देते हैं।
- USA/Canada Declaration फॉर्म भरना - निवेश शुरू करने से पहले NRI निवेशकों को एक विशेष फॉर्म जमा करना होता है। इस फॉर्म के जरिए विदेशी टैक्स कानूनों और नागरिकता से जुड़ी वित्तीय जानकारियों को फंड हाउस के साथ साझा किया जाता है।
- PAN कार्ड और KYC वेरिफिकेशन अनिवार्य - भारतीय म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए पैन कार्ड और एनआरआई स्टेटस के साथ अपडेटेड केवाईसी होना पूरी तरह अनिवार्य है।
- NRE और NRO खाता होना चाहिए - एनआरआई निवेशकों के पास भारत में निवेश करने के लिए एक्टिव एनआरई या एनआरओ बैंक खाता होना जरूरी है।
NRI म्यूचुअल फंड पर टैक्स नियम
NRI म्यूचुअल फंड के प्रकार के अनुसार टैक्स नियम नीचे दिए गए हैं:
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यदि इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश किया है
- कैपिटल गेन टैक्स - यदि आप यूनिट्स को 12 महीने से अधिक रखते हैं, तो आप पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है, जिसके तहत ₹1.25 लाख से अधिक के मुनाफे पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है। वहीं यदि आपने यूनिट्स को 12 महीने या उससे कम समय में बेचा है, तो आपको पूरे मुनाफे पर 20% की दर से टैक्स देना पड़ता है।
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यदि डेट म्यूचुअल फंड में निवेश किया है
- कैपिटल गेन टैक्स - इसके अंतर्गत निवेश का होल्डिंग पीरियड चाहे जो भी हो, आपके पूरे मुनाफे को ही शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। साथ ही, आपके लागू इनकम टैक्स स्लैब रेट के अनुसार ही टैक्स लगाया जाता है। इसमें कोई लॉन्ग-टर्म टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता है।
निष्कर्ष
NRI को भारत में म्यूचुअल फंड में निवेश करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इसके लिए कुछ मुख्य नियमों का पालन करना जरूरी होता है। जैसे निवेश के लिए NRE और NRO खाते का होना, USA और कनाडा में रह रहे भारतीय अनिवासी नागरिकों के लिए विशेष फॉर्म भरना आदि। एनआरआई नागरिकों के लिए म्यूचुअल फंड में विशेष टैक्स नियमों का पालन करना भी अनिवार्य होता है। साथ ही NRI म्यूचुअल फंड में SIP के माध्यम से भी निवेश कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कुछ विशेष नियमों का पालन करना होगा।