भारत में NRI निवेश योजनाएं 2026

NRI योजनाएं विदेश में रहने वाले भारतीयों को भारत में आसानी से पैसा लगाने का मौका देती हैं। NRE, NRO और FCNR खातों के ज़रिए आप म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और यूलिप जैसे विकल्पों में सुरक्षित निवेश कर सकते हैं। इससे आपको अच्छे रिटर्न के साथ-साथ टैक्स में बचत और कमाई हुई रकम को आसानी से विदेश ले जाने की सुविधा मिलती है। चलिए इसे विस्तार से समझते हैं।

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भारत में NRI के लिए टॉप इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स 2026

  1. म्यूचुअल फंड

    म्यूचुअल फंड में कई निवेशकों का पैसा एक साथ जमा करके शेयर, बॉन्ड या अन्य संपत्तियों में निवेश किया जाता है। इसके बाद बाजार जैसा प्रदर्शन करता है आपको उस आधार पर रिटर्न दिया जाता है।

    • टैक्स नियम: TDS स्रोत पर ही काटा जाता है, शॉर्ट-टर्म इक्विटी गेन पर 20% और ₹1.25 लाख प्रति वर्ष से अधिक के लॉन्ग-टर्म इक्विटी गेन पर 12.5%। यदि अधिक TDS कट जाता है, तो आप DTAA का उपयोग करके ITR में इसे वापस क्लेम कर सकते हैं।
    • उदाहरण: रोहन (दुबई) अपने NRE खाते से इक्विटी फंड में ₹50,000 की मासिक SIP चलाता है। 10 वर्षों में, 12% के औसत वार्षिक रिटर्न के साथ उसका ₹60 लाख का निवेश लगभग ₹1.16 करोड़ हो जाता है। पैसे की निकासी (Redemption) पर AMC 12.5% TDS काटेगी, और शेष राशि बिना किसी सीमा के दुबई भेजी जा सकती है क्योंकि मूल निवेश NRE खाते के माध्यम से हुआ था।
  2. फिक्स्ड डिपॉजिट

    NRI के लिए यह एक सुरक्षित निवेश विकल्प है। इसमें आपके पैसे पर बैंक की गारंटी मिलती है। इसमें आप एक तय अवधि के लिए तय FD ब्याज दर पर अपने पैसे को जमा करते हैं।

    • NRE FD: यह विदेशी आय के लिए होती है जिसे रुपये में बदला जाता है। इस पर मिलने वाला ब्याज भारत में पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और बैंक कोई TDS नहीं काटते। मूलधन और ब्याज दोनों पूरी तरह से विदेश भेजे जा सकते हैं।
    • NRO FD: यह भारत में अर्जित आय (जैसे किराया, लाभांश, पेंशन) के लिए है। ब्याज पर 30% से अधिक TDS लगता है। इसे विदेश भेजने की सीमा 1 मिलियन अमरीकी डॉलर प्रति वित्तीय वर्ष है।
    • FCNR FD: इसमें जमा राशि मूल विदेशी मुद्रा (USD, GBP, EUR, AED आदि) में 1-5 वर्षों के लिए रखी जाती है। यह ब्याज भारत में टैक्स-फ्री होता है और इसमें रुपये के मूल्य में उतार-चढ़ाव का कोई जोखिम नहीं होता।
    • उदाहरण: समीर (शारजाह) 3 साल के लिए NRE FD में ₹20 लाख जमा करता है। मैच्योरिटी पर उसे ₹24.6 लाख मिलते हैं; ₹4.6 लाख के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता।
  3. ULIP

    यूलिप जीवन बीमा और निवेश का एक बेहतरीन मिश्रण है। प्रीमियम का एक हिस्सा जीवन बीमा कवर प्रदान करता है और शेष हिस्सा बाजार के फंड्स में निवेश किया जाता है। यह 5 साल की लॉक-इन अवधि के साथ आता है।

    • उदाहरण: मीरा (सिंगापुर) ₹20 लाख के जीवन कवर के साथ 10 वर्षों के लिए ₹2 लाख प्रति वर्ष यूलिप योजना में देती है। मैच्योरिटी पर फंड का मूल्य लगभग ₹33 लाख हो जाता है। चूंकि उसका वार्षिक प्रीमियम ₹2.5 लाख से कम था, इसलिए उसे भारत में कोई टैक्स नहीं देना होगा।
  4. नेशनल पेंशन स्कीम

    PFRDA द्वारा संचालित NPS में पैसा इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में लगाया जाता है।

    • 18 से 70 वर्ष की आयु के NRE या NRO खाते से Tier-1 खाता खोल सकते हैं। न्यूनतम योगदान ₹500 है।
    • 60 वर्ष की आयु में, आप 60% तक की राशि टैक्स-फ्री लम्पसम) निकाल सकते हैं, शेष 40% राशि से एन्युटी खरीदी जाती है, जिससे मिलने वाली पेंशन पर हर साल भारत में टैक्स लगता है।
  5. चाइल्ड प्लान्स

    चाइल्ड प्लान्स एक ऐसी जीवन बीमा पॉलिसी हैं जो बच्चे के भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करती हैं। इसमें प्रीमियम की छूट की सुविधा होती है, यदि पॉलिसीधारक को कुछ हो जाता है, तो भविष्य के प्रीमियम माफ कर दिए जाते हैं, पॉलिसी चलती रहती है और बच्चे को तय मैच्योरिटी राशि मिलती है।

  6. ELSS और शेयर बाजार

    शेयरों में ट्रेडिंग के लिए NRE/NRO खाते से जुड़ा PIS खाता खोलना होता है। RBI के नियमों के अनुसार केवल डिलीवरी-बेस्ड ट्रेड की अनुमति है लेकिन डे ट्रेडिंग या शॉर्ट-सेलिंग की अनुमति नहीं है। एक एकल एनआरआई PIS रूट के जरिए किसी कंपनी की 5% से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकता। यदि आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो ELSS फंड में 3 साल के लॉक-इन के साथ धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है।

  7. बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियां

    यह सरकार या कॉर्पोरेट्स द्वारा जारी किए जाने वाले कम जोखिम वाले निश्चित आय वाले विकल्प हैं। एनआरआई के रूप में आप एक निश्चित समय के लिए पैसा उधार देते हैं और बदले में सुरक्षित ब्याज प्राप्त करते हैं। ये नियमित बैंक एफडी की तुलना में बेहतर और सुरक्षित रिटर्न देते हैं।

  8. गोल्ड

    भौतिक सोने (लॉकर शुल्क, चोरी का डर) के बजाय, अधिकांश एनआरआई डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) पसंद करते हैं। NRIs नए सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) नहीं खरीद सकते, लेकिन यदि आपके पास निवासी रहते हुए खरीदे गए बॉन्ड हैं, तो आप उन्हें बरकरार रख सकते हैं।

  9. रियल एस्टेट

    फेमा (FEMA) नियमों के अनुसार एनआरआई बिना किसी पूर्व अनुमति के भारत में आवासीय और वाणिज्यिक संपत्ति (Commercial Property) खरीद सकते हैं। कृषि भूमि, फार्महाउस और बागान खरीदने की अनुमति नहीं है (ये केवल विरासत में मिल सकते हैं)। किराए की आय पर भारत में टैक्स लगता है और किराएदार को भुगतान करने से पहले TDS काटना होता है।

  10. पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज

    यह SEBI पंजीकृत प्रबंधकों द्वारा प्रबंधित एक पेशेवर इक्विटी पोर्टफोलियो है। इसमें न्यूनतम निवेश सीमा ₹50 लाख है। एनआरआई PIS रूट के जरिए NRE या NRO खाते से इसमें निवेश कर सकते हैं।

  11. कैपिटल गारंटी प्लान

    • गारंटीड रिटर्न प्लान: इसमें मैच्योरिटी राशि या आय पहले दिन ही तय हो जाती है। बाजार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता।
    • कैपिटल गारंटी प्लान: कैपिटल गारंटी प्लान यूलिप और डेट फंड का मिश्रण है। इसमें आपका मूल निवेश (पूंजी) पूरी तरह से सुरक्षित रहता है और साथ ही बाजार से जुड़ा अतिरिक्त लाभ भी मिलता है।
  12. शरीयत अनुपालन फंड

    ये ऐसे म्यूचुअल फंड हैं जो इस्लामी सिद्धांतों के अनुसार काम करते हैं। ये शराब, तंबाकू, जुआ और ब्याज-आधारित वित्तीय सेवाओं वाली कंपनियों में निवेश से बचते हैं (जैसे: टाटा एथिकल फंड)।

गिफ्ट सिटी के माध्यम से NRI के लिए वैश्विक अवसर

गिफ्ट सिटी भारत के भीतर स्थित एक ऑफशोर वित्तीय केंद्र है:

  • यहाँ सभी लेनदेन विदेशी मुद्रा में होते हैं, जिससे मुद्रा परिवर्तन का कोई खर्च नहीं आता।
  • आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और मैक्स लाइफ जैसे बीमाकर्ताओं की शाखाएँ यहाँ उपलब्ध हैं। आप सीधे विदेशी मुद्रा में यूलिप खरीद सकते हैं जो अमेरिकी स्टॉक या वैश्विक ईटीएफ में निवेश करते हैं।
  • इसमें कोई जीएसटी नहीं लगता, अनिवासियों के लिए पूंजीगत लाभ कर शून्य है, और लाभांश पर केवल 10% रियायती दर लागू होती है।

भारत में NRI के लिए टैक्स लाभ

  • टैक्स व्यवस्था: डिफ़ॉल्ट नई कर प्रणाली के तहत बेसिक छूट सीमा ₹3 लाख है।
  • विदेशी आय: NRI की विदेशी कमाई पर भारत में कोई टैक्स नहीं लगता है। भारत केवल भारत में अर्जित या प्राप्त आय पर टैक्स लगाता है।
  • NRE और FCNR खाते: इनका ब्याज भारत में 100% टैक्स-फ्री है। NRO खातों का ब्याज पूरी तरह से कर योग्य है।
  • इक्विटी शेयर और म्यूचुअल फंड: 12 महीने के भीतर बेचने पर 20% STCG टैक्स लगता है। 12 महीने से अधिक होल्ड करने पर 12.5% LTCG लगता है (प्रति वर्ष ₹1.25 लाख तक की कमाई टैक्स-फ्री है)।
  • डीटीएए (DTAA): दोहरे कराधान निवारण समझौते (DTAA) की मदद से आप एक ही आय पर दो देशों में दोहरा टैक्स देने से बच सकते हैं।

NRI एसेट एलोकेशन रणनीति

निवेश विकल्प जोखिम स्तर पैसे वापस ट्रांसफर करने की सुविधा लाभ अवधि
गिफ्ट सिटी USD प्लान कम से मध्यम 100% बिना किसी सीमा के USD मुद्रा जोखिम से पूर्ण सुरक्षा; टैक्स-फ्री मैच्योरिटी 5 से 15 वर्ष डिटेल्स देखे
NRI ULIP मध्यम से उच्च NRE के माध्यम से पूरी तरह से रिपेट्रिएबल टैक्स-फ्री फंड रीबैलेंसिंग; धारा 10(10D) के तहत छूट 5+ वर्ष डिटेल्स देखे
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली मध्यम NRE फंड के माध्यम से रिपेट्रिएबल टैक्स लाभ के साथ सरकार समर्थित रिटारमेंट मॉडल 60 वर्ष की आयु तक डिटेल्स देखे
सूचीबद्ध REITs और रियल एस्टेट मध्यम खाते के प्रकार के आधार पर रिपेट्रिएबल उच्च श्रेणी का कमर्शियल रेंटल यील्ड; पूरी तरह से लिक्विड 3 से 7 वर्ष डिटेल्स देखे
कैपिटल गारंटी प्लान शून्य बाजार जोखिम NRE के माध्यम से पूरी तरह से रिपेट्रिएबल मूलधन पूरी तरह सुरक्षित; एकीकृत जीवन बीमा कवर 10 से 20 वर्ष डिटेल्स देखे
NRE फिक्स्ड डिपॉजिट शून्य जोखिम 100% पूरी तरह से रिपेट्रिएबल भारत में 100% टैक्स-फ्री ब्याज 1 से 5 वर्ष डिटेल्स देखे

NRI को भारत में निवेश क्यों करना चाहिए?

  • उच्च आर्थिक विकास: भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जो दीर्घकालिक रिटर्न की उच्च संभावनाएं प्रदान करती है।
  • आसान फंड ट्रांसफरेबिलिटी: NRE खाते के माध्यम से आप अपनी राशि और रिटर्न को बिना किसी परेशानी के वापस अपने देश ले जा सकते हैं।
  • मजबूत नियम (FEMA & RBI): आरबीआई और सेबी के सख्त नियम आपके निवेश को पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता प्रदान करते हैं।
  • टैक्स-फ्री विकल्प: NRE, FCNR, यूलिप और NPS जैसे कई उत्पाद आकर्षक टैक्स छूट प्रदान करते हैं।

NRI निवेश के लिए पात्रता

  • NRI स्टेटस: FEMA के तहत NRI या OCI होना आवश्यक है।
  • आयु: न्यूनतम 18 वर्ष।
  • खाते: सक्रिय NRE/NRO खाता।

जरूरी दस्तावेज

  • पहचान प्रमाण: वैध पासपोर्ट और ओसीआई/पीआईओ (OCI/PIO) कार्ड।
  • एनआरआई स्टेटस का प्रमाण: वैध वीजा, वर्क परमिट या एम्प्लॉयमेंट वीजा।
  • टैक्स संबंधी दस्तावेज: पैन कार्ड (PAN Card - अनिवार्य) और विदेशी टैक्स पहचान संख्या (TIN/SSN)।
  • पते का प्रमाण: विदेशी पते का प्रमाण (यूटिलिटी बिल, विदेशी बैंक स्टेटमेंट) और भारतीय पते का प्रमाण।
  • बैंक विवरण: रद्द किया गया चेक या NRE/NRO बैंक स्टेटमेंट।
  • अनुपालन: FATCA/CRS स्व-घोषणा पत्र और CKYC/Video KYC।

NRI निवेश योजनाओं के लिए पॉलिसीबाजार क्यों चुनें?

पॉलिसीबाजार के पास 9 लाख से अधिक संतुष्ट ग्राहक हैं। यहाँ बिना किसी छिपे हुए शुल्क के सभी जानकारी पारदर्शी रूप से दी जाती है। समर्पित एनआरआई सलाहकार आपको सही उत्पाद चुनने में मदद करते हैं और पूरी प्रक्रिया IRDAI के दिशानिर्देशों के तहत पूरी की जाती है।

निष्कर्ष

भारत में NRI निवेश योजनाएं सुरक्षा और विकास के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाती हैं। आपकी व्यक्तिगत जोखिम क्षमता और लक्ष्यों के आधार पर कई विकल्प मौजूद हैं। सही योजना चुनकर आप अपने भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बना सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • क्या एनआरआई भारत में निवेश कर सकते हैं?

    हाँ, एनआरआई अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार विभिन्न माध्यमों से भारत में निवेश कर सकते हैं।
  • क्या एनआरआई भारत में म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं?

    हाँ, NRE या NRO खाते के माध्यम से निवेश किया जा सकता है।
  • क्या एनआरआई बिना पैन कार्ड के भारत में निवेश कर सकते हैं?

    नहीं, भारत में किसी भी वित्तीय लेनदेन या निवेश के लिए पैन कार्ड (PAN Card) अनिवार्य है।
  • क्या NRE एफडी (FD) पर मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री है?

    हाँ, NRE और FCNR खातों पर मिलने वाला ब्याज भारत में 100% टैक्स-फ्री होता है।
  • क्या अमेरिका और कनाडा के एनआरआई भारत में निवेश कर सकते हैं?

    हाँ, FATCA नियमों के कारण म्यूचुअल फंड में कुछ सीमाएं हैं, लेकिन बीमा योजनाएं, यूलिप और कैपिटल गारंटी प्लान उनके लिए पूरी तरह से उपलब्ध हैं।
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^The tax benefits under Section 80C allow a deduction of up to ₹1.5 lakhs from the taxable income per year and 10(10D) tax benefits are for investments made up to ₹2.5 Lakhs/ year for policies bought after 1 Feb 2021. Tax benefits and savings are subject to changes in tax laws.
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Claude
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