डेंगू के लक्षण क्यों होते हैं? (Why Do Dengue Symptoms Occur?)
डेंगू (Dengue) वायरस अटैक करते ही शरीर की इम्युनिटी लड़ने लगती है, जिससे तेज़ बुखार, भयंकर सिरदर्द, जोड़ों में दर्द और उल्टी होने लगती है यह वायरस खून में प्लेटलेट्स तेजी से गिराता है और नसों से पानी (फ्लूइड) लीक करने लगता है। अगर लीकेज बढ़े तो ब्लड प्रेशर अचानक गिर सकता है, जो बहुत खतरनाक है सबसे बड़ा धोखा यह है की बुखार उतरते ही लगता है बीमारी ठीक हो रही है, जबकि असली खतरा (क्रिटिकल स्टेज) वहीं से शुरू होता है अगर ऐसा कोई भी लक्षण दिखे तो रिस्क बिल्कुल न लें तुरंत डॉक्टर से मिलें और पूरी जानकारी आगे पढ़ें!
डेंगू के शुरुआती लक्षण क्या हैं? (Early Symptoms of Dengue?)
डेंगू के शुरुआती लक्षण निम्नलिखित हैं:
-
अचानक तेज बुखार: तापमान अचानक 102°F से 104°F तक पहुंच जाता है।
-
सिर और आंखों में तेज दर्द: सिर दर्द के साथ-साथ आंखों के पीछे की तरफ खिंचाव और दर्द महसूस होना।
-
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द: पूरे शरीर और हड्डियों में इतना असह्य दर्द होता है कि इसे 'हड्डी तोड़ बुखार' भी कहते हैं।
-
जी मिचलाना और उल्टी: पेट खराब होना, खाना न पचना और लगातार उल्टी आना।
-
त्वचा पर चकत्ते: बुखार शुरू होने के 2 से 5 दिनों के भीतर शरीर पर लाल रंग के दाने उभरना।
-
अत्यधिक थकान: बिना कोई काम किए भी शरीर में भारी कमजोरी और सुस्ती महसूस होना।
डेंगू के इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नज़रअंदाज़ (Dengue Symptoms You Should Never Ignore)
नीचे दिए गए चेतावनी के संकेत बता सकते हैं कि डेंगू गंभीर बीमारी की ओर बढ़ रहा है। ये अक्सर गंभीर चरण के दौरान दिखाई देते हैं, खासकर जब बुखार कम होने लगता है। डेंगू के उन लक्षणों को देखें जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए:
| डेंगू के लक्षण | यह क्या संकेत देता हैं |
| पेट में बहुत तेज़ दर्द या भारीपन होना | गंभीर डेंगू की ओर बढ़ने की संभावना और कॉम्प्लीकेशंस का खतरा बढ़ सकता है। |
| लगातार या बार-बार उल्टी होना | डिहाइड्रेशन और गंभीर डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। |
| नाक या मसूड़ों से खून आना | गंभीर डेंगू से जुड़ी ब्लीडिंग की संभावना। |
| उल्टी या मल में खून | पेट और आंतों से खून बहना हो सकता है। |
| अत्यधिक थकान, बेचैनी या चिड़चिड़ापन | यह बीमारी के बिगड़ने या सर्कुलेशन कम होने पर हो सकता है। |
| तेज़ या मुश्किल साँस लेना | यह फ्लूइड जमा होने या सांस लेने में दिक्कत का संकेत हो सकता है। |
| पीली, ठंडी या चिपचिपी त्वचा | यह खराब सर्कुलेशन या शॉक का संकेत हो सकता है। |
| पेशाब कम आना या बहुत ज़्यादा प्यास लगना | यह बहुत ज़्यादा पानी की कमी या डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। |
डेंगू के गंभीर लक्षण: इन संकेतों पर तुरंत लें मेडिकल मदद (Severe Dengue Symptoms: When to Seek Medical Help)
डेंगू के निम्नलिखित गंभीर लक्षण इस प्रकार हैं:
-
गंभीर या लगातार पेट दर्द
-
बार-बार उल्टी होना
-
खून की उल्टी
-
मल में खून
-
नाक या मसूड़ों से खून आना
-
तेज़ या मुश्किल साँस लेना
-
अत्यधिक कमज़ोरी, असामान्य नींद आना या बेचैनी
-
पीली, ठंडी या चिपचिपी त्वचा
-
बहुत कम या बिल्कुल भी मूत्र नहीं
-
बहुत ज़्यादा प्यास लगना या बहुत ज़्यादा डिहाइड्रेशन के लक्षण
-
भ्रम, सतर्कता में कमी या चेतना का नुकसान
-
बुखार कम होने के बाद अचानक हालत बिगड़ना
डेंगू के अलग-अलग प्रकारों में कैसे दिखते हैं लक्षण? (Different Types of Dengue and Their Symptoms)
नीचे दी गई टेबल में अलग-अलग तरह के डेंगू के लक्षण बताए गए हैं:
| डेंगू के प्रकार | लक्षण |
| बिना चेतावनी के डेंगू | तेज़ बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी और रैश। |
| चेतावनी के संकेतों के साथ डेंगू | पेट में दर्द या कोमलता, लगातार उल्टी, पानी जमा होना, सुस्ती, म्यूकोसल से खून बहना, बेचैनी या लिवर का बढ़ना। |
| गंभीर डेंगू | गंभीर प्लाज़्मा लीकेज से शॉक या सांस लेने में दिक्कत, गंभीर ब्लीडिंग, या अंगों को गंभीर नुकसान हो सकता है। |
डेंगू के लक्षण कब जानलेवा हो सकते हैं? (When Can Dengue Become Dangerous?)
डेंगू के लक्षण निम्नलिखित परिस्थितियों में जानलेवा हो सकते हैं:
-
अचानक बीपी कम होना: खून की नसों से पानी लीक होकर बाहर निकलने लगता है। इससे शरीर में खून का बहाव रुकने लगता है और मरीज अचानक शॉक में आ सकता है।
-
शरीर से खून निकलना: जब प्लेटलेट्स बहुत ज्यादा गिर जाते हैं, तो नाक, मसूड़ों, उल्टी या लैट्रिन में खून आने लगता है।
-
सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ: फेफड़ों के आसपास पानी भरने से सांस फूलने लगती है और सांस लेना बहुत मुश्किल हो जाता है।
-
अंगों पर असर पड़ना (Severe organ impairment): डेंगू की वजह से लिवर, दिल और दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे मरीज को चक्कर आ सकते हैं, वह बेहोश हो सकता है या बहुत ज्यादा कमजोर पड़ सकता है।
नोट: ये लक्षण दिखते ही एक मिनट भी गंवाए बिना मरीज को डॉक्टर के पास ले जाएं, क्योंकि इसमें तुरंत इलाज मिलना बहुत जरूरी है।
डेंगू के लक्षणों का पता कैसे लगाया जाता है? (How Is Dengue Diagnosed?)
डेंगू का पता सिर्फ़ लक्षणों से नहीं लगाया जा सकता क्योंकि कई दूसरे इन्फेक्शन भी इसी तरह का बुखार और दूसरे लक्षण पैदा कर सकते हैं। नीचे दी गई बिंदुओं की मदद से डेंगू के लिए इस्तेमाल होने वाले डायग्नोस्टिक टेस्ट की लिस्ट दी गई है:
-
NS1 एंटीजन टेस्ट (NS1 Antigen Test): यह टेस्ट बुखार आने के शुरुआती 1 से 7 दिनों के अंदर किया जाता है। इससे तुरंत पता चल जाता है कि डेंगू का वायरस शरीर में है या नहीं।
-
RT-PCR टेस्ट: यह सबसे सटीक टेस्ट है जो शुरुआती 7 दिनों में खून में डेंगू के वायरस को पकड़ता है और इन्फेक्शन की पक्की पुष्टि करता है।
-
IgM एंटीबॉडी टेस्ट (IgM Antibody Test): जब बुखार को 4-5 दिन से ज्यादा हो जाते हैं, तब शरीर वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाता है। यह टेस्ट पुरानी या हाल की बीमारी का पता लगाने में मदद करता है।
-
CBC टेस्ट (CBC - Complete Blood Count): इस टेस्ट से प्लेटलेट्स (Platelets), सफेद रक्त कोशिकाएं (WBC) और हीमोग्लोबिन के स्तर पर नजर रखी जाती है ताकि स्थिति बिगड़ने न पाए।
-
लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT): अगर डॉक्टर को लगता है कि डेंगू का असर लिवर पर पड़ रहा है या बीमारी गंभीर हो रही है, तो लिवर की सेहत जांचने के लिए यह टेस्ट कराया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
-
प्रश्न: कैसे पता चलेगा कि आपको डेंगू हो गया है?
उत्तर: अचानक तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में खिंचाव, जी मिचलाना और शरीर पर लाल दाने दिखे तो डेंगू हो सकता है। पक्की पुष्टि के लिए NS1 एंटीजन या CBC ब्लड टेस्ट तुरंत कराएं। -
प्रश्न: डेंगू बुखार का पहला संकेत क्या है?
उत्तर: डेंगू का सबसे पहला और मुख्य संकेत ठंड लगकर अचानक 102°F से 104°F तक बहुत तेज बुखार आना है। इसके साथ ही सिर में तेज दर्द और आंखों को घुमाने में तकलीफ होने लगती है। -
प्रश्न: डेंगू का मरीज कितने दिन में ठीक हो जाता है?
उत्तर: सामान्य डेंगू का मरीज सही देखभाल और आराम से 7 से 10 दिनों में पूरी तरह ठीक हो जाता है। हालांकि, रिकवरी के दौरान शरीर में आने वाली कमजोरी पूरी तरह जाने में 2 से 3 हफ्ते लग सकते हैं।
