गैंग्लियन सिस्ट क्यों होता हैं? (What Causes a Ganglion Cyst?)

गैंग्लियन सिस्ट आसान शब्दों में हमारे जोड़ या नस के पास बनने वाली एक जेली भरी गांठ है। यह तब बनती है जब जोड़ों को चिकनाई देने वाला पानी बाहर निकलकर एक थैली में जमा हो जाता है। इसका कोई एक पक्का कारण तो नहीं है, लेकिन हाथ-पैर का बार-बार इस्तेमाल, पुरानी चोट या जोड़ों की कमजोरी इसकी वजह हो सकती है। अगर यह गांठ किसी नस या जोड़ पर दबाव डालती है, तो दर्द, झुनझुनी, सुन्नपन या हाथ-पैर हिलाने में दिक्कत हो सकती है। खास बात यह है कि काम करने पर इसका साइज बढ़ सकता है और आराम करने पर यह छोटी भी हो सकती है।

गैंग्लियन सिस्ट के शुरूआती लक्ष्ण क्या हैं? (Early Symptoms of a Ganglion Cyst?)

गैंग्लियन सिस्ट के शुरूआती लक्ष्ण इस प्रकार हैं:

  • जोड़ या टेंडन के पास एक चिकनी, गोल या अंडाकार गांठ जो समय के साथ बड़ी या छोटी हो जाती है

  • जोड़ों की हरकत के दौरान या बाद में दर्द होना

  • गांठ के आसपास कोमलता या दबाव

  • झुनझुनी या सुन्नता

  • कमज़ोरी या पकड़ की ताकत में कमी

  • पास के जोड़ को हिलाने में कठिनाई

गैंग्लियन सिस्ट के लक्षण जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए? c Symptoms You Shouldn't Ignore)

नीचे दी गई टेबल गैंग्लियन सिस्ट (Ganglion Cyst) के आम लक्षणों और वे क्या बता सकते हैं, इसकी जानकारी देती है:

गैंग्लियन सिस्ट के लक्ष्ण क्या संकेत दे सकता है
लगातार या बिगड़ता हुआ दर्द सिस्ट पास की नर्व या जॉइंट टिशू पर दबाव डाल सकता है।
झुनझुनी या असामान्य संवेदनाएँ सिस्ट से दबाव पास की नर्व पर असर डाल सकता है
प्रभावित जोड़ को हिलाने में कठिनाई सिस्ट जोड़ों के नॉर्मल मूवमेंट में रुकावट डाल सकता है।
रोज़मर्रा की गतिविधियों में कठिनाई दर्द या मूवमेंट में रुकावट की वजह से पकड़ने, लिखने या चलने जैसे काम मुश्किल हो सकते हैं।
एक गांठ जो आकार में बदलती है गैंग्लियन सिस्ट जोड़ों के हिलने-डुलने से बढ़ सकते हैं या बड़े हो सकते हैं। बड़े बदलावों की जांच करनी चाहिए, खासकर अगर दर्द के साथ हो।
छोटी या अदृश्य गांठ के बावजूद दर्द एक ऑकल्ट गैंग्लियन सिस्ट तब भी मौजूद हो सकता है, जब गांठ को आसानी से देखा या महसूस नहीं किया जा सकता।
लक्षण जो बने रहते हैं या रोज़मर्रा की ज़िंदगी में रुकावट डालते हैं डायग्नोसिस को कन्फर्म करने और यह तय करने के लिए कि इलाज सही है या नहीं, मेडिकल जांच की ज़रूरत पड़ सकती है।

गैंग्लियन सिस्ट के लक्षण: तुरंत डॉक्टर को दिखाएं (Ganglion Cyst Symptoms That Need Immediate Medical Attention)

गैंग्लियन सिस्ट आमतौर पर बिनाइन होते हैं और इन्हें कोई मेडिकल इमरजेंसी नहीं माना जाता है। लेकिन अगर आपको नीचे बताई गई बातों में से कुछ भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए:

  • गांठ में बहुत तेज दर्द होना, उसका लाल पड़ जाना या छूने पर गर्म लगना।

  • तेज दर्द के साथ सूजन का बहुत तेजी से बढ़ना।

  • हाथ, बाजू, पैर या टांग में अचानक सुन्नपन आ जाना या कमजोरी का बढ़ते जाना।

  • गांठ में लालिमा और जलन के साथ-साथ बुखार आना या तबीयत खराब महसूस होना।

  • अचानक से सुन्नपन का शुरू होना या सुन्नपन का ज्यादा बिगड़ जाना।

  • मांसपेशियों में अचानक कमजोरी आना या हाथ की पकड़ ढीली पड़ जाना।

  • जोड़ को हिलाने-डुलाने में बहुत ज्यादा दिक्कत होना या मूवमेंट पूरी तरह रुक जाना।

गैंग्लियन सिस्ट के अलग-अलग प्रकार और उनके लक्षण (Types of Ganglion Cysts and Their Symptoms)

गैंग्लियन सिस्ट हाथ और कलाई के आस-पास अलग-अलग जगहों पर हो सकते हैं। सिस्ट कहाँ बनता है, इसके हिसाब से लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। नीचे दी गई टेबल में अलग-अलग तरह के गैंग्लियन सिस्ट के आम लक्षण उनकी जगह के आधार पर दिखाए गए हैं:

प्रकार / स्थान सामान्य लक्षण
कलाई के पीछे की गांठ (Dorsal Wrist Ganglion) कलाई के पिछले हिस्से पर गांठ दिखना, दर्द या तकलीफ़ होना, कलाई हिलाने-डुलाने में तकलीफ़ होना
कलाई के आगे की गांठ (Volar or Palmar Wrist ganglion) कलाई के हथेली वाले हिस्से में गांठ, दर्द या दबाव से जुड़े नर्व के लक्षण हो सकते हैं
फ्लेक्सर टेंडन शीथ गैंग्लियन (Flexor Tendon Sheath Ganglion) उंगली के बेस पर छोटी गांठ, चीज़ों को पकड़ते समय दर्द या बेचैनी
उंगली के जोड़ की गांठ (Dorsal Digital Ganglion) उंगली के आखिरी जोड़ के पास गांठ, नाखून में गड्ढा या जोड़ से जुड़ी तकलीफ़ हो सकती है
पैर या टखने का गैंग्लियन सिस्ट (Ganglion Cyst of the Foot or Ankle) चलने या जूते पहनते समय दबाव या परेशानी से होने वाली गांठ, कोमलता, दर्द

सही लक्षण सिस्ट की जगह पर निर्भर करते हैं और यह पास की नर्व, टेंडन या जोड़ पर असर डालता है या नहीं।

गैंग्लियन सिस्ट के लक्षण कब जानलेवा हो सकते हैं? (When Can Ganglion Cyst Symptoms Be Serious?)

गैंग्लियन सिस्ट पूरी तरह से साधारण और बिनाइन होते हैं। ये न तो कभी जानलेवा बनते हैं और न ही कैंसर में बदलते हैं। फिर भी, यदि गांठ में बहुत तेज़ दर्द हो, वह लाल पड़ जाए या छूने पर गर्म महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। इसके साथ ही गांठ का अचानक बहुत तेज़ी से बढ़ना या हाथ-पैर में सुन्नपन और कमज़ोरी आना भी किसी बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। ये लक्षण इंफेक्शन, नसों पर दबाव या किसी अन्य बीमारी की वजह से हो सकते हैं। इसलिए इन्हें साधारण सिस्ट मानकर बैठने की भूल न करें और तुरंत डॉक्टर से मेडिकल जांच करवाएं।

गैंग्लियन सिस्ट के लक्षणों का पता कैसे लगाया जाता है? (How Is a Ganglion Cyst Diagnosed?)

गैंग्लियन सिस्ट के लक्षणों का पता लगाने के लिए डॉक्टर आमतौर पर ये आसान तरीके अपनाते हैं:

  • शारीरिक जांच: डॉक्टर गांठ को हाथ से छूकर देखते हैं कि वह कितनी कड़क है, उसमें दर्द है या नहीं, और हाथ-पैर हिलाने पर कोई परेशानी तो नहीं हो रही।

  • रोशनी से जांच: गांठ पर टॉर्च या लाइट डालकर देखा जाता है। अगर रोशनी गांठ के आर-पार निकल जाती है, तो इसका मतलब है कि उसमें जेली जैसा तरल (साइनोवियल फ्लूइड) भरा है और वह गैंग्लियन सिस्ट ही है।

  • इमेजिंग टेस्ट:

  • X-ray: इससे गांठ तो नहीं दिखती, लेकिन अर्थराइटिस या हड्डी की चोट जैसी दूसरी समस्याओं को खारिज करने के लिए यह किया जाता है।

  • Ultrasound या MRI: इससे सिस्ट का सही साइज़, वह कितनी गहरी है, और क्या वह किसी नस को दबा रही है यह साफ पता चल जाता है।

  • सुई से जांच: कई बार डॉक्टर गांठ के अंदर सुई डालकर उसमें से थोड़ा सा जेली जैसा लिक्विड बाहर निकालकर जांचते हैं ताकि पक्का हो सके कि यह सिस्ट ही है।

बिना सर्जरी के गैंग्लियन सिस्ट का इलाज क्या है? (What Are the Non-Surgical Treatments for a Ganglion Cyst?)

बिना सर्जरी के गैंग्लियन सिस्ट का इलाज इन आसान तरीकों से किया जाता है:

  • निगरानी और आराम: अगर गांठ में दर्द नहीं है, तो डॉक्टर इसे बिना किसी इलाज के सिर्फ ऑब्जर्व करने की सलाह देते हैं। कई बार कलाई या जोड़ को आराम देने से यह अपने आप गायब हो जाती है।

  • स्प्लिंट या ब्रेस पहनना: कलाई या जोड़ की हलचल से सिस्ट का साइज बढ़ता है। इसलिए कलाई में ब्रेस या पट्टी बांधी जाती है ताकि जोड़ को आराम मिले और सिस्ट छोटा हो सके।

  • सुई से पानी निकालना: इसमें डॉक्टर लोकल एनेस्थीसिया देकर सिस्ट में सुई डालते हैं और अंदर भरा जेली जैसा लिक्विड बाहर खींच लेते हैं। इसके बाद वहां स्टेराइड का इंजेक्शन भी दिया जा सकता है ताकि सिस्ट दोबारा न बने।

  • दर्द निवारक दवाएं: अगर सिस्ट की वजह से दर्द या सूजन है, तो डॉक्टर इबुप्रोफेन जैसी दर्द कम करने वाली दवाएं देते हैं।

  • जूते बदलना: अगर सिस्ट पैर या टखने में है, तो ढीले और आरामदायक जूते पहनने की सलाह दी जाती है ताकि गांठ पर रगड़ या दबाव न पड़े।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • प्रश्न: गैंग्लियन सिस्ट होने के क्या कारण हैं?

    उत्तर: गैंग्लियन सिस्ट बनने की मुख्य वजह जोड़ों और नसों पर बार-बार पड़ने वाला दबाव या खिंचाव है। इसके अलावा, जिन लोगों के जोड़ों में ढीलापन होता है या जिन्हें आर्थराइटिस की शुरुआती समस्या होती है, उनमें जोड़ों का तरल पदार्थ (साइनोवियल फ्लूइड) बाहर निकलकर थैली के रूप में जमा होने का ख़तरा ज़्यादा रहता है।
  • प्रश्न: गैंग्लियन सिस्ट क्या होती हैं?

    उत्तर: गैंग्लियन सिस्ट हमारे जोड़ या नस के पास बनने वाली एक पानी की गांठ होती है। यह कोई कैंसर या खतरनाक बीमारी नहीं है। इसमें जोड़ों को चिकनाई देने वाला पानी बाहर निकलकर एक थैली में जमा हो जाता है, जो अंदर जाकर एक गाढ़ी जेली जैसा बन जाता है। यह अक्सर कलाई, हथेली या पैर पर दिखाई देती है।
  • प्रश्न: गैंग्लियन सिस्ट कितने दिनों में ठीक हो जाती है?

    उत्तर: इसके ठीक होने का कोई तय समय नहीं होता। कई बार कलाई या जोड़ को आराम देने पर यह कुछ हफ्तों से लेकर 2-3 महीनों में अपने आप गायब हो जाती है। वहीं, सुई से पानी निकलवाने पर यह तुरंत ठीक हो जाती है, लेकिन हाथ-पैर से ज़्यादा काम लेने पर यह कभी भी दोबारा उभर सकती है।
  • प्रश्न: गैंग्लियन सिस्ट का पहला संकेत क्या है?

    उत्तर: गैंग्लियन सिस्ट का पहला संकेत आमतौर पर जोड़ या टेंडन के पास एक चिकनी, गोल या अंडाकार गांठ होती है। यह आमतौर पर कलाई या हाथ के आसपास विकसित होती है।
  • प्रश्न: क्या गैंग्लियन सिस्ट दर्द रहित हो सकता है?

    उत्तर: हाँ, कई गैंग्लियन सिस्ट में दर्द या दूसरे लक्षण नहीं होते हैं। कई मामलों में, गांठ ही एकमात्र दिखने वाला संकेत होता है।
  • प्रश्न: गैंग्लियन सिस्ट का साइज़ क्यों बदलता है?

    उत्तर: गैंग्लियन सिस्ट बार-बार जोड़ हिलाने से बड़ा हो सकता है और आराम करने पर छोटा हो सकता है। ये बदलाव आम हैं और ज़रूरी नहीं कि ये इस बात का संकेत हों कि हालत बिगड़ रही है।