हर्पीस क्या है?

हर्पीस मुख्य रूप से हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस (HSV) के कारण होने वाला संक्रमण है। इसके दो प्रमुख प्रकार हैं:

  • HSV-1: आमतौर पर होंठों और मुंह के आसपास कोल्ड सोर यानी छाले पैदा करता है। यह जननांगों को भी प्रभावित कर सकता है।

  • HSV-2: आमतौर पर जननांगों के हर्पीस से जुड़ा होता है, हालांकि यह मुंह के आसपास भी संक्रमण पैदा कर सकता है।

हर्पीस और हर्पीस ज़ोस्टर एक ही बीमारी नहीं हैं। हर्पीस ज़ोस्टर, जिसे शिंगल्स भी कहा जाता है, वैरिसेला-ज़ोस्टर वायरस के दोबारा सक्रिय होने से होता है। यही वायरस चिकनपॉक्स का कारण बनता है।

इसलिए शरीर पर छाले दिखाई देने पर खुद से बीमारी का नाम तय करने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है।

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हर्पीस के लक्षण क्या हैं?

हर्पीस के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों को कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते, जबकि कुछ लोगों में दर्दनाक छाले हो सकते हैं।

इसके सामान्य लक्षण हैं:

  • प्रभावित जगह पर खुजली, जलन या झनझनाहट होना।

  • त्वचा पर छोटे-छोटे पानी भरे फफोले निकलना।

  • फफोलों के फूटने के बाद दर्दनाक घाव बनना।

  • पेशाब करते समय दर्द होना, खासकर जननांगों के हर्पीस में।

  • पहली बार संक्रमण होने पर बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द होना।

  • प्रभावित जगह के पास लिम्फ नोड्स में सूजन आना।

कई बार छाले ठीक होने के बाद लंबे समय तक कोई लक्षण नहीं दिखाई देता। इसके बावजूद वायरस शरीर में मौजूद रह सकता है।

हर्पीस होने के कारण क्या हैं?

हर्पीस वायरस संक्रमित त्वचा, घाव या शरीर के संक्रमित हिस्से के संपर्क से फैल सकता है। संक्रमण फैलने के कुछ सामान्य तरीके हैं:

  • संक्रमित व्यक्ति को किस करने से, खासकर जब होंठों पर सक्रिय छाले हों।

  • ओरल, वैजाइनल या एनल सेक्स के दौरान संक्रमित त्वचा के संपर्क से।

  • जननांगों के हर्पीस वाले व्यक्ति के साथ यौन संपर्क से।

  • संक्रमित व्यक्ति के घाव को छूने के बाद बिना हाथ धोए आंखों या शरीर के दूसरे हिस्से को छूने से।

हर्पीस बिना दिखाई देने वाले छालों के भी फैल सकता है। इसलिए केवल लक्षणों की अनुपस्थिति से संक्रमण का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता।

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हर्पीस में राहत पाने के लिए सुरक्षित घरेलू उपाय

हर्पीस के घरेलू उपायों का मुख्य उद्देश्य दर्द, जलन और त्वचा की परेशानी को कम करना है। ये उपाय वायरस को शरीर से खत्म नहीं करते और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए इलाज का विकल्प नहीं हैं।

  1. ठंडी पट्टी से दर्द और जलन में राहत पाएं

    हर्पीस के छालों में दर्द, जलन या सूजन महसूस होने पर ठंडी पट्टी लगाने से कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है।

    कैसे इस्तेमाल करें?

    • एक साफ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर निचोड़ लें।
    • कपड़े को प्रभावित जगह पर धीरे से रखें।
    • कुछ मिनट बाद हटा दें और जरूरत के अनुसार दोबारा इस्तेमाल करें।
    • हर बार साफ कपड़े का इस्तेमाल करें।

    बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं। इससे त्वचा को नुकसान हो सकता है। छालों को दबाने या फोड़ने से भी बचें।

  2. प्रभावित जगह को साफ रखें

    हर्पीस के घावों की साफ-सफाई रखने से अतिरिक्त संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

    क्या करें?

    • प्रभावित जगह को साफ पानी से धीरे-धीरे साफ करें।
    • जननांगों के आसपास परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्के नमक वाले पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
    • जगह को साफ, मुलायम कपड़े से थपथपाकर सुखाएं।
    • घावों को रगड़ने या बार-बार धोने से बचें।

    तेज खुशबू वाले साबुन, स्क्रब या अन्य परेशान करने वाले उत्पादों का इस्तेमाल न करें। यदि किसी चीज से जलन बढ़ती है, तो उसका उपयोग बंद कर दें।

  3. पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल कब उपयोगी हो सकता है?

    कुछ स्थितियों में पेट्रोलियम जेली त्वचा को सूखने और फटने से बचाने में मदद कर सकती है। हालांकि, यह हर्पीस वायरस का इलाज नहीं है।

    होंठों के आसपास सूखापन होने पर उपयुक्त लिप प्रोटेक्टेंट उपयोगी हो सकता है। जननांगों के घावों पर कोई उत्पाद लगाने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें।

    ध्यान रखें कि पेट्रोलियम जेली तेल आधारित होती है और लेटेक्स कंडोम को कमजोर कर सकती है। इसे लेटेक्स कंडोम के साथ लुब्रिकेंट के रूप में इस्तेमाल न करें।

  4. ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें

    जननांगों के हर्पीस में तंग कपड़े और घर्षण छालों की परेशानी बढ़ा सकते हैं।

    इसलिए:

    • ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें।
    • प्रभावित जगह पर रगड़ पैदा करने वाले कपड़ों से बचें।
    • पसीने से गीले कपड़े बदलें।
    • त्वचा को साफ और सूखा रखें।

    इन आदतों से असुविधा कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन ये वायरस को खत्म नहीं करतीं।

  5. पर्याप्त पानी पिएं और आराम करें

    हर्पीस के दौरान, खासकर पहली बार संक्रमण होने पर, कुछ लोगों को बुखार, थकान और शरीर में दर्द महसूस हो सकता है।

    ऐसी स्थिति में पर्याप्त पानी पिएं, आराम करें और संतुलित आहार लें। यदि मुंह में छाले हैं, तो ऐसे खाद्य पदार्थ चुनें जिन्हें निगलना आसान हो। बहुत खट्टे, नमकीन या तीखे खाद्य पदार्थों से छालों में जलन बढ़ती हो, तो उन्हें कुछ समय के लिए सीमित करें।

    यदि जननांगों में छालों के कारण पेशाब करने में दर्द होता है, तो डॉक्टर से सलाह लें। पेशाब बिल्कुल न हो पा रहा हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

  6. शहद, बेकिंग सोडा और टी ट्री ऑयल लगाने से पहले सावधानी रखें

    कुछ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में शहद, बेकिंग सोडा, चंदन, एलोवेरा, मुलेठी और टी ट्री ऑयल का उल्लेख मिलता है। लेकिन इन सभी उपायों से हर्पीस ठीक होने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

    विशेष रूप से जननांगों, आंखों के आसपास या खुले घावों पर बेकिंग सोडा, टी ट्री ऑयल, चंदन का पेस्ट या अन्य घरेलू मिश्रण लगाने से जलन और त्वचा में परेशानी हो सकती है।

    इसलिए इन उत्पादों को हर्पीस के इलाज के रूप में इस्तेमाल न करें। कोई भी क्रीम, तेल या हर्बल उत्पाद लगाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

हर्पीस में क्या नहीं करना चाहिए?

हर्पीस के दौरान कुछ गलत आदतें दर्द बढ़ा सकती हैं या संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ा सकती हैं।

  • छालों को फोड़ें नहीं और उन पर खरोंच न लगाएं।

  • घावों को बार-बार हाथ न लगाएं।

  • घाव छूने या दवा लगाने के बाद हाथ साबुन से धोएं।

  • सक्रिय छालों के दौरान किस करने से बचें।

  • जननांगों के छाले पूरी तरह ठीक होने तक वैजाइनल, एनल और ओरल सेक्स न करें।

  • दूसरों के साथ लिप बाम या ऐसी निजी चीजें साझा न करें जो सीधे घाव के संपर्क में आती हों।

  • बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स या स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल न करें।

कंडोम संक्रमण फैलने का जोखिम कम कर सकता है, लेकिन संक्रमित त्वचा के सभी हिस्सों को नहीं ढकता। इसलिए यह हर्पीस से पूरी सुरक्षा नहीं देता।

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हर्पीस में खान-पान कैसा होना चाहिए?

हर्पीस को ठीक करने के लिए किसी खास आहार की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी संतुलित भोजन और पर्याप्त तरल पदार्थ सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करते हैं।

अपने आहार में शामिल करें:

  • मौसमी फल और सब्जियां।

  • दालें, अनाज और प्रोटीन के उपयुक्त स्रोत।

  • पर्याप्त पानी।

  • नियमित और संतुलित भोजन।

मूंगफली, बादाम या चॉकलेट जैसे खाद्य पदार्थ सभी लोगों में हर्पीस को बढ़ाते हैं, इसका पर्याप्त प्रमाण नहीं है। यदि किसी खास भोजन के बाद बार-बार लक्षण बढ़ते दिखाई दें, तो डॉक्टर से चर्चा करें।

हर्पीस का इलाज कैसे किया जाता है?

हर्पीस के लिए कोई ऐसा घरेलू उपाय नहीं है जो वायरस को शरीर से पूरी तरह खत्म कर दे। डॉक्टर जरूरत के अनुसार एंटीवायरल दवाएं, जैसे एसाइक्लोविर, वैलासाइक्लोविर या फैमसाइक्लोविर, लिख सकते हैं।

ये दवाएं संक्रमण के लक्षणों और उनकी अवधि को कम करने में मदद कर सकती हैं। कुछ लोगों को बार-बार होने वाले संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लंबे समय तक दवा लेने की जरूरत पड़ सकती है।

दवा का चुनाव संक्रमण के प्रकार, लक्षणों, गर्भावस्था और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए खुद से दवा शुरू न करें।

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हर्पीस से बचाव कैसे करें?

हर्पीस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कुछ सावधानियां मददगार हो सकती हैं।

  • सक्रिय छालों के दौरान किस करने और यौन संपर्क से बचें।

  • घावों को छूने के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।

  • आंखों को छूने से पहले हाथ साफ रखें।

  • जननांगों के हर्पीस में कंडोम का इस्तेमाल करें, लेकिन यह समझें कि इससे जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता।

  • यदि बार-बार संक्रमण होता है, तो डॉक्टर से रोकथाम के लिए एंटीवायरल उपचार के बारे में चर्चा करें।

  • होंठों पर छाले होने पर नवजात शिशुओं को किस न करें, क्योंकि उनके लिए संक्रमण गंभीर हो सकता है।

हर्पीस होने पर डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

हर्पीस जैसे दिखने वाले छाले किसी दूसरी त्वचा संबंधी समस्या के कारण भी हो सकते हैं। इसलिए पहली बार लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जांच करवाना उचित है।

इन स्थितियों में जल्द चिकित्सा सहायता लें:

  • पहली बार जननांगों पर दर्दनाक छाले दिखाई दें।

  • आंखों में दर्द, लालिमा या रोशनी से परेशानी हो।

  • तेज दर्द, बुखार या तेजी से बिगड़ते लक्षण हों।

  • पेशाब करने में बहुत परेशानी हो।

  • गर्भावस्था के दौरान पहली बार हर्पीस के लक्षण दिखाई दें या सक्रिय घाव मौजूद हों।

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो।

  • घाव ठीक न हो रहे हों या बार-बार लौट रहे हों।

नवजात शिशु में हर्पीस का संदेह होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  • प्रश्न 1: क्या हर्पीस घरेलू उपायों से ठीक हो सकता है?

    उत्तर: नहीं। घरेलू देखभाल से दर्द, जलन और असुविधा में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन इससे वायरस शरीर से खत्म नहीं होता। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एंटीवायरल दवाएं दे सकते हैं।
  • प्रश्न 2: हर्पीस के छाले कितने दिनों में ठीक होते हैं?

    उत्तर: ठीक होने का समय संक्रमण के प्रकार, पहली बार संक्रमण होने या दोबारा होने और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। कई कोल्ड सोर लगभग 2–4 सप्ताह में ठीक हो सकते हैं। यदि घाव ठीक नहीं हो रहे हैं या लक्षण गंभीर हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
  • प्रश्न 3: क्या हर्पीस दोबारा हो सकता है?

    उत्तर: हां। हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस शरीर में निष्क्रिय अवस्था में रह सकता है और बाद में फिर सक्रिय हो सकता है। कुछ लोगों में दोबारा होने वाले लक्षण समय के साथ कम हो जाते हैं।
  • प्रश्न 4: क्या हर्पीस छूने से फैल सकता है?

    उत्तर: संक्रमित घाव या प्रभावित त्वचा के सीधे संपर्क से वायरस फैल सकता है। इसलिए छालों को छूने से बचें और गलती से छूने पर हाथ अच्छी तरह धोएं।
  • प्रश्न 5: क्या हर्पीस में शहद या एलोवेरा जेल लगा सकते हैं?

    उत्तर: इन उत्पादों को हर्पीस का प्रमाणित इलाज नहीं माना जाता। खासकर खुले घावों, जननांगों या आंखों के आसपास बिना चिकित्सकीय सलाह के इन्हें लगाने से बचें।
  • प्रश्न 6: क्या हर्पीस हमेशा के लिए ठीक हो सकता है?

    उत्तर: हर्पीस सिम्प्लेक्स संक्रमण का वर्तमान में ऐसा इलाज नहीं है जो वायरस को शरीर से पूरी तरह खत्म कर दे। हालांकि, एंटीवायरल दवाओं और उचित देखभाल से लक्षणों को नियंत्रित करने और संक्रमण फैलने का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
  • प्रश्न 7: क्या हर्पीस होने पर सामान्य जीवन जी सकते हैं?

    उत्तर: हां। सही जानकारी, आवश्यक उपचार और संक्रमण फैलने से बचाने वाली सावधानियों के साथ अधिकांश लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं। यदि संक्रमण बार-बार हो रहा है या मानसिक तनाव पैदा कर रहा है, तो डॉक्टर से मदद लें।
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