दाद होने के कारण क्या होते हैं?
दाद (Ringworm) एक तरह के फंगस के कारण होता है। यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति या संक्रमित जानवर से आसानी से फैल सकता है। इसके आम कारण हैं:
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संक्रमित व्यक्ति की त्वचा के सीधे संपर्क में आना
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संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, तौलिया या चादर इस्तेमाल करना
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संक्रमित पालतू जानवर के संपर्क में आना
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जिम, स्विमिंग पूल या सार्वजनिक स्नानघर में नंगे पैर चलना
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शरीर पर ज्यादा पसीना या नमी रहना
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लंबे समय तक गीले कपड़े या मोजे पहने रहना
दाद-खाज-खुजली के लक्षण
दाद के लक्षण अक्सर त्वचा पर साफ दिखाई देते हैं। इनमें शामिल हैं:
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त्वचा पर गोल या छल्ले जैसे लाल चकत्ते बनना
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चकत्तों वाली जगह पर खुजली या जलन होना
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त्वचा का सूखा और पपड़ीदार होना
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चकत्ते धीरे-धीरे आसपास की त्वचा तक फैलना
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नाखून में दाद होने पर नाखून मोटे, कमजोर या रंग बदला हुआ दिखना
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सिर में दाद होने पर बाल टूटना या किसी जगह से कम होना
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पैरों में दाद होने पर उंगलियों के बीच त्वचा का फटना या छिलना
अगर दाद तेजी से फैल रहा है, बहुत ज्यादा खुजली हो रही है या बार-बार वापस आ रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
दाद शरीर के किस हिस्से में हो सकता है?
दाद शरीर के अलग-अलग हिस्सों में हो सकता है। जगह के अनुसार इसके लक्षण भी थोड़े अलग दिखाई दे सकते हैं।
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सिर का दाद: इसमें सिर की त्वचा पर खुजली और पपड़ी हो सकती है। उस जगह के बाल टूटने या झड़ने लग सकते हैं। सिर के दाद में अक्सर डॉक्टर की सलाह से मुंह से लेने वाली फंगल-रोधी दवा की जरूरत पड़ सकती है।
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जांघ और नितंबों का दाद: पसीने और नमी के कारण इस हिस्से में दाद आसानी से हो सकता है। ढीले कपड़े पहनें और त्वचा को सूखा रखें।
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पैरों का दाद: इसे अक्सर एथलीट फुट कहा जाता है। पैरों में, खासकर उंगलियों के बीच खुजली, छिलना और त्वचा फटना इसके आम लक्षण हैं।
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दाढ़ी और गर्दन का दाद: दाढ़ी वाले हिस्से में लाल चकत्ते, खुजली और बाल टूटने जैसे लक्षण हो सकते हैं।
दाद-खाज-खुजली के घरेलू उपचार
दाद में होने वाली खुजली और जलन काफी परेशान कर सकती है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय प्रभावित जगह को साफ, सूखा और आरामदायक रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इन उपायों को दाद का पक्का इलाज नहीं माना जाता। फंगल संक्रमण को खत्म करने के लिए जरूरत पड़ने पर फंगल-रोधी दवा की सलाह दी जा सकती है।
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दाद में नारियल तेल का उपयोग नारियल तेल त्वचा को मुलायम रखने और सूखेपन से होने वाली परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है। अगर दाद वाली जगह की त्वचा बहुत सूखी महसूस हो रही है, तो थोड़ी मात्रा में नारियल तेल लगाया जा सकता है। हालांकि, केवल नारियल तेल के भरोसे दाद का इलाज नहीं करना चाहिए। फंगल संक्रमण के लिए सही फंगल-रोधी उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
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दाद में एलोवेरा जेल का उपयोग एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने और खुजली या जलन में कुछ समय के लिए राहत देने में मदद कर सकता है। साफ एलोवेरा जेल की थोड़ी मात्रा प्रभावित जगह पर लगाई जा सकती है। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें। अगर जलन, लालिमा या खुजली बढ़ जाए, तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें।
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दाद में ठंडी पट्टी से राहत अगर दाद वाली जगह पर खुजली या जलन ज्यादा हो रही है, तो ठंडी और साफ पट्टी कुछ मिनट के लिए प्रभावित जगह पर रख सकते हैं। इससे त्वचा को ठंडक मिल सकती है और खुजली कुछ समय के लिए कम हो सकती है। पट्टी हटाने के बाद प्रभावित जगह को अच्छी तरह सुखा लें, क्योंकि नमी बने रहने से त्वचा की परेशानी बढ़ सकती है।
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दाद में नीम का इस्तेमाल नीम का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। कुछ लोग नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से त्वचा साफ करते हैं। हालांकि, नीम से दाद का फंगल संक्रमण पूरी तरह ठीक होने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अगर नीम के पानी से त्वचा में जलन या लालिमा बढ़े, तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें।
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दाद में त्वचा को सूखा रखना दाद के दौरान पसीना और नमी त्वचा की परेशानी बढ़ा सकते हैं। अगर आपको बहुत ज्यादा पसीना आने की समस्या है, जिसे हाइपरहाइड्रोसिस (Hyperhidrosis) कहा जाता है, तो प्रभावित जगह को साफ और सूखा रखना और भी जरूरी है। इसलिए त्वचा को साफ करने के बाद अच्छी तरह सुखाएं। ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि त्वचा पर हवा लगती रहे और पसीना कम जमा हो।
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दाद में खुजली से कैसे राहत पाएं? दाद में खुजली होने पर बार-बार खुजलाने का मन करता है, लेकिन ऐसा करने से त्वचा पर खरोंच पड़ सकती है और संक्रमण शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है। खुजली होने पर ठंडी पट्टी रखें, नाखून छोटे रखें और प्रभावित जगह को खुजलाने से बचें।
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दाद में साफ-सफाई का ध्यान रखें
दाद आसानी से फैल सकता है, इसलिए व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
- रोज नहाएं और प्रभावित जगह को साफ रखें।
- नहाने के बाद त्वचा को अच्छी तरह सुखाएं।
- रोज साफ कपड़े और मोजे पहनें।
- तौलिया, कपड़े और चादर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- इस्तेमाल किए हुए कपड़े और तौलिये नियमित रूप से धोएं।
- दाद वाली जगह को बार-बार छूने से बचें और छूने के बाद हाथ धोएं।
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दाद में किन घरेलू नुस्खों से बचें?
हर घरेलू नुस्खा त्वचा के लिए सुरक्षित नहीं होता। कच्चा लहसुन, कपूर, सिरका या नींबू जैसी चीजें सीधे त्वचा पर लगाने से जलन या त्वचा को नुकसान हो सकता है। इसलिए बिना सही जानकारी के किसी भी तेज या जलन पैदा करने वाली चीज को प्रभावित जगह पर लगाने से बचें।
ध्यान रखें: घरेलू उपाय दाद में होने वाली खुजली, जलन और त्वचा की परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इन्हें फंगल संक्रमण की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
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दाद का सबसे तेज घरेलू उपाय क्या है? दाद से जल्दी राहत पाने के लिए प्रभावित जगह को साफ और सूखा रखना सबसे जरूरी है। पसीना और नमी जमा न होने दें, ढीले कपड़े पहनें और खुजलाने से बचें। अगर दाद फैल रहा है या लगातार बना हुआ है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सही उपचार के बारे में सलाह लें।
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24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने के लिए क्या करें?
24 घंटे में दाद पूरी तरह ठीक होने का दावा सही नहीं है। हालांकि, खुजली को कुछ समय के लिए कम करने के लिए:
- प्रभावित जगह को साफ करके अच्छी तरह सुखाएं
- कुछ मिनट के लिए ठंडी और साफ पट्टी रखें
- खुजली वाली जगह को खरोंचने से बचें
- ढीले और सूती कपड़े पहनें
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या फार्मासिस्ट से फंगल-रोधी दवा के बारे में सलाह लें
रोजमर्रा की देखभाल और आसान टिप्स
दाद के दौरान रोज की छोटी-छोटी सावधानियां संक्रमण को फैलने से रोकने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।
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नहाने के बाद प्रभावित जगह को अच्छी तरह सुखाएं
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पसीना आने पर कपड़े बदल लें
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रोज साफ कपड़े और मोजे पहनें
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तौलिया, कपड़े और चादर किसी के साथ साझा न करें
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दाद वाली जगह को बार-बार छूने या खुजलाने से बचें
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डॉक्टर की बताई दवा को उनके निर्देश के अनुसार इस्तेमाल करें
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कपड़े, तौलिया और चादर को नियमित रूप से धोकर अच्छी तरह सुखाएं
दाद-खाज-खुजली में क्या न करें?
इलाज के दौरान कुछ गलतियां दाद को बढ़ा सकती हैं। इसलिए इनसे बचें:
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दाद वाली जगह को बार-बार खुजलाना
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तौलिया, कपड़े या कंघी किसी के साथ साझा करना
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बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड वाली क्रीम लगाना
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लक्षण कम होते ही दवा अपनी मर्जी से बंद कर देना
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बहुत टाइट या सिंथेटिक कपड़े पहनना
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गीले मोजे या कपड़े लंबे समय तक पहने रहना
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संक्रमित पालतू जानवर के संपर्क को नजरअंदाज करना
दाद जैसी दिखने वाली दूसरी त्वचा समस्याएं
हर लाल और खुजली वाला चकत्ता दाद नहीं होता। कुछ दूसरी त्वचा समस्याएं भी देखने में दाद जैसी लग सकती हैं।
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एक्जिमा (Eczema) एक्जिमा (Eczema) में त्वचा लाल, सूखी और खुजली वाली हो सकती है। यह फंगल संक्रमण नहीं है और इसके कारण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं।
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सोरायसिस (Psoriasis) सोरायसिस (Psoriasis) में त्वचा पर लाल और पपड़ीदार चकत्ते बन सकते हैं। यह भी फंगल संक्रमण नहीं है। इसलिए अगर चकत्ते ठीक नहीं हो रहे हैं या बार-बार वापस आ रहे हैं, तो खुद से दाद मानकर दवा शुरू करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
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स्केबीज (Scabies) स्केबीज (Scabies) भी त्वचा में तेज खुजली और छोटे-छोटे दाने पैदा कर सकता है। इसकी वजह दाद से अलग होती है, इसलिए सही पहचान के लिए डॉक्टर से जांच जरूरी हो सकती है।
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टीनिया वर्सीकलर (Tinea Versicolor) टीनिया वर्सीकलर (Tinea Versicolor) भी एक फंगल त्वचा संक्रमण है, लेकिन यह दाद से अलग होता है। इसमें त्वचा पर हल्के या गहरे रंग के छोटे-छोटे धब्बे दिखाई दे सकते हैं। इसलिए अगर चकत्ते ठीक नहीं हो रहे हैं या बार-बार वापस आ रहे हैं, तो खुद से दाद मानकर दवा शुरू करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
दाद के लिए दवा कब जरूरी होती है?
हल्के दाद में डॉक्टर या फार्मासिस्ट फंगल-रोधी क्रीम की सलाह दे सकते हैं। लेकिन संक्रमण शरीर के बड़े हिस्से में फैल गया हो, बार-बार हो रहा हो या सिर और नाखूनों में हो, तो डॉक्टर अलग तरह की दवा दे सकते हैं।
सिर के दाद में केवल क्रीम हमेशा पर्याप्त नहीं होती। ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह से मुंह से लेने वाली फंगल-रोधी दवा की जरूरत पड़ सकती है। कौन सी दवा इस्तेमाल करनी है और कितने समय तक करनी है, यह संक्रमण की जगह और स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए खुद से दवा शुरू करने या बदलने से बचें।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
इन स्थितियों में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है:
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दाद तेजी से फैल रहा हो
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खुजली या दर्द बहुत ज्यादा हो
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सिर या नाखून में दाद हो
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दवा इस्तेमाल करने के बाद भी सुधार न हो
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दाद बार-बार वापस आ रहा हो
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चकत्ते बहुत ज्यादा बढ़ गए हों
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घर के दूसरे लोगों में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हों
क्या दाद के इलाज का खर्च हेल्थ इंश्योरेंस में कवर होता है?
दाद का इलाज अक्सर डॉक्टर की सलाह, एंटीफंगल क्रीम या दवाओं से किया जाता है और सामान्य मामलों में इसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे इलाज का खर्च आमतौर पर डॉक्टर की फीस, दवाइयों और जरूरत पड़ने पर जांचों से जुड़ा हो सकता है।
कई सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में OPD यानी बाहरी मरीज के इलाज का खर्च अपने आप शामिल नहीं होता। हालांकि, कुछ पॉलिसियों या ऐड-ऑन में OPD कवर दिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की फीस, दवाइयों या कुछ जांचों का खर्च पॉलिसी की शर्तों, कवरेज लिमिट और नियमों के अनुसार मिल सकता है।
अगर दाद गंभीर है और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है, तो कवरेज आपकी पॉलिसी में दिए गए हॉस्पिटलाइजेशन और संबंधित इलाज के नियमों पर निर्भर करेगा।
इसलिए दाद के इलाज का खर्च हेल्थ इंश्योरेंस में कवर होगा या नहीं, यह आपकी पॉलिसी के OPD कवर, हॉस्पिटलाइजेशन कवर, सब-लिमिट, वेटिंग पीरियड और अन्य नियमों पर निर्भर करता है। पॉलिसी खरीदने से पहले इन शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
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प्रश्न: क्या दाद अपने आप ठीक हो सकता है?
उत्तर: दाद बिना इलाज के लंबे समय तक रह सकता है और शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है। सही फंगल-रोधी इलाज से इसे ठीक करने में मदद मिलती है। -
प्रश्न: क्या दाद एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है?
उत्तर: हां, दाद संक्रमित व्यक्ति, जानवर या उनके कपड़े, तौलिया और दूसरी चीजों के संपर्क से फैल सकता है। -
प्रश्न: क्या दाद में खुजली करना सही है?
उत्तर: नहीं। खुजलाने से त्वचा को नुकसान हो सकता है और संक्रमण शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है।
