SBI बैंक, जरूरत पड़ने पर एफडी को समय से पहले तोड़ने की अनुमति देता है, लेकिन ऐसा करने पर 0.50% से 1.00% का जुर्माना लगाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बैंक एफडी को मैच्योरिटी से पहले तोड़ने को बढ़ावा नहीं देता है। एफडी तोड़ने के बाद बैंक सिर्फ उतने ही दिनों का ब्याज आपको देगा, जितने दिनों के लिए आपका पैसा एफडी में रहा है।

गारंटीड प्लान
(बीमा कंपनियों द्वारा)फिक्स्ड डिपॉजिट
(बैंकों द्वारा प्रदान)सेविंग अकाउंट
(पोस्ट ऑफिस)पूरी तरह से टैक्स-फ्री, जीवन कवर शामिल
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में समय से पहले सावधि जमा तोड़ने पर लागू ब्याज से 0.50% से 1.00% का जुर्माना लगाया जाता है, इसके बाद राशि आपके खाते में भेजी जाती है। इसके अलावा एसबीआई FD तोड़ने के अन्य नुकसान भी हैं।
एसबीआई में समय से पहले एफडी कैसे तोड़े? नीचे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों की जानकारी दी गई है:
SBI प्रीमैच्योर विड्रॉल कैलकुलेटर एक ऑनलाइन टूल है, जिसकी मदद से आप यह अनुमान लगा सकते हैं, कि एफडी तोड़ने पर आपको कितनी राशि मिलेगी। यह कैलकुलेटर जुर्माने को ध्यान में रखकर ही गणना करता है, इसका उपयोग करने के लिए आपको कैलकुलेटर में शुरुआती निवेश राशि, तय ब्याज दर और कुल FD अवधि दर्ज करनी होती है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया आपको समय से पहले एफडी तोड़ने पर 1% का जुर्माना लगाता है। यह जुर्माना आपके एफडी पर मिल रहे कुल ब्याज से काटा जाता है। यदि आप जानना चाहते हैं कि पेनल्टी कटने के बाद आपको कुल कितनी राशि प्राप्त होगी, तो इसके लिए आप SBI कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं। दरअसल मैच्योरिटी से पहले एफडी तोड़ने पर ग्राहकों को ब्याज का भारी नुकसान झेलना पड़ता है, इसलिए बैंक इसे बढ़ावा नहीं देता है। लेकिन जरूरत के समय ग्राहक पैसे प्राप्त कर सकें, इसके लिए बैंक उन्हे एफडी के बदले लोन और क्रेडिट कार्ड प्रदान करता है, जो एफडी राशि की 90% लिमिट के साथ आते हैं। साथ ही बैंक क्रेडिट और लोन का भुगतान करने के लिए पर्याप्त समय और EMI सुविधा देता है।