एलआईसी मृत्यु दावा प्रक्रिया जीवन बीमा पॉलिसीधारक की मृत्यु के मामले में उसके नामांकित व्यक्ति/लाभार्थी के लिए बीमा राशि प्राप्त करने की औपचारिक प्रक्रिया है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित रूप से संचालित करता है ताकि कठिन समय में लाभार्थी को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके। इस प्रक्रिया में दावे की सूचना देना, आवश्यक दस्तावेज़ इकट्ठा करना, सत्यापन और भुगतान जैसी मुख्य चरण शामिल हैं।
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अक्सर जानकारी के अभाव में लोग इस प्रक्रिया को कठिन समझ लेते हैं, लेकिन यदि आपको सही चरणों और दस्तावेजों की जानकारी हो, तो यह प्रक्रिया काफी सरल हो जाती है।
मृत्यु दावा क्या है?
जब किसी व्यक्ति ने एलआईसी की पॉलिसी ली होती है और पॉलिसी की अवधि के दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है, तो पॉलिसीधारक द्वारा नामांकित व्यक्ति को एक निश्चित राशि का भुगतान किया जाता है। इसे 'डेथ क्लेम' या 'मृत्यु दावा' कहा जाता है। इसमें बीमा राशि के साथ-साथ अर्जित बोनस (यदि लागू हो) भी शामिल होता है।
एलआईसी (LIC) में मृत्यु दावों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है:
शीघ्र मृत्यु दावा: यदि पॉलिसी शुरू होने या पुनर्जीवित (Revive) होने के 3 साल के भीतर मृत्यु होती है।
गैर-शीघ्र मृत्यु दावा: यदि मृत्यु पॉलिसी के 3 साल पूरे होने के बाद होती है।
मृत्यु दावा प्राप्त करने की प्रक्रिया को निम्नलिखित स्टेप्स में पूरा किया जा सकता है:
स्टेप 1: मृत्यु की सूचना देना: एलआईसी की उस शाखा (Home Branch) में सूचित करना होगा जहाँ से पॉलिसी ली गई थी। आप शाखा में जाकर या लिखित पत्र के माध्यम से सूचित कर सकते हैं। सूचना में निम्नलिखित विवरण होने चाहिए:
पॉलिसी नंबर
पॉलिसीधारक का नाम
मृत्यु की तिथि
मृत्यु का स्थान और कारण
दावेदार (Nominee) का नाम और संबंध
स्टेप 2: आवश्यक फॉर्म प्राप्त करना: सूचना देने के बाद, एलआईसी आपको कुछ विशिष्ट फॉर्म भरने के लिए देगी। ये फॉर्म मृत्यु की प्रकृति (प्राकृतिक या दुर्घटना) के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित फॉर्म महत्वपूर्ण हैं:
फॉर्म संख्या 3783 (Form A): यह दावेदार का वक्तव्य होता है, जिसमें मृतक और नामांकित व्यक्ति की जानकारी भरी जाती है।
फॉर्म संख्या 3801 (Discharge Voucher): यह एक रसीद की तरह होता है जिस पर दावेदार को हस्ताक्षर करने होते हैं।
NEFT फॉर्म: दावे की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने के लिए।
स्टेप 3: दस्तावेजों को जमा करना: फॉर्म भरने के बाद, आपको उनके साथ कुछ सहायक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं।
स्टेप 4: सत्यापन और जांच: एलआईसी आपके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों का सत्यापन करती है।
स्टेप 5: भुगतान का निपटान: सत्यापन सफल होने के बाद, एलआईसी दावे को मंजूरी देती है और स्वीकृत राशि सीधे नामांकित व्यक्ति के बैंक खाते में NEFT के माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाती है।
एलआईसी मृत्य दावे के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची
दावा प्रक्रिया को तेज करने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज तैयार होने चाहिए:
प्राकृतिक मृत्यु के मामले में:
मूल पॉलिसी बॉन्ड: यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
नगर निगम द्वारा जारी मूल मृत्यु प्रमाण पत्र: इसकी सत्यापित प्रति जमा करनी होती है।
पहचान और पता प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, या वोटर आईडी।
बैंक विवरण: दावेदार के बैंक खाते का कैंसिल चेक या पासबुक की फोटोकॉपी।
आयु का प्रमाण: यदि पॉलिसी लेते समय मृतक की आयु सत्यापित नहीं की गई थी।
दुर्घटना या अप्राकृतिक मृत्यु के मामले में (अतिरिक्त दस्तावेज):
एफ़आईआर की प्रति: दुर्घटना या अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में, संबंधित पुलिस थाने में दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) की प्रमाणित प्रति जमा करनी होती है। यह दस्तावेज़ मृत्यु की परिस्थितियों और घटना के आधिकारिक विवरण की पुष्टि के लिए आवश्यक होता है।
पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट: मृत्यु के सही कारण की पुष्टि के लिए।
पुलिस जांच रिपोर्ट: स्थल निरीक्षण की रिपोर्ट जो कि पुलिस द्वारा बनाई जाती है।
एलआईसी शीघ्र मृत्यु दावा में भरे जाने वाले अतिरिक्त फॉर्म
यदि पॉलिसी लिए हुए 3 साल से कम समय हुआ है, तो एलआईसी इसकी गहराई से जांच करती है। इसका उद्देश्य धोखाधड़ी को रोकना है। ऐसे मामलों में दावेदार को कुछ अतिरिक्त फॉर्म भरने पड़ सकते हैं:
फॉर्म 3784 (Form B): उस डॉक्टर द्वारा भरा जाता है जिसने मृतक का अंतिम उपचार किया था।
फॉर्म 3785 (Form C): पहचान और दाह संस्कार का प्रमाण पत्र।
फॉर्म 3816 (Form B1): यदि मृत्यु अस्पताल में हुई हो, तो अस्पताल का विवरण।
महत्वपूर्ण सुझाव: पॉलिसी लेते समय अपनी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी कोई भी जानकारी न छिपाएं। यदि जानकारी छिपाई गई है, तो 'शीघ्र मृत्यु दावा' खारिज होने की संभावना बढ़ जाती है।
एक्सीडेंट बेनेफिट राइडर के अंतर्गत एलआईसी मृत्यु दावा प्रक्रिया
यदि पॉलिसीधारक ने अपनी जीवन बीमा पॉलिसी के साथ एक्सीडेंट बेनेफिट राइडर लिया है और उसकी मृत्यु दुर्घटना के कारण होती है, तो सामान्य मृत्यु दावा राशि के अतिरिक्त राइडर के अंतर्गत अतिरिक्त लाभ भी देय हो सकता है।
इस स्थिति में दावा प्रक्रिया सामान्य मृत्यु दावा जैसी ही होती है, लेकिन कुछ अतिरिक्त दस्तावेज आवश्यक होते हैं:
एफ़आईआर की प्रमाणित प्रति
पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पुलिस जांच रिपोर्ट
दुर्घटना से संबंधित चिकित्सीय प्रमाण
LIC दुर्घटना के कारण और परिस्थितियों की पुष्टि के बाद राइडर लाभ की राशि स्वीकृत करती है। यह लाभ पॉलिसी की शर्तों और राइडर के नियमों के अनुसार दिया जाता है।
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₹
Years
15
20
25
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Lifetime income
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Total returns
₹3.22 Cr
*for market linked plans only
क्या एलआईसी मृत्यु दावा अस्वीकार कर सकती है?
हाँ, कुछ परिस्थितियों में एलआईसी मृत्यु दावा अस्वीकार कर सकती है। हालांकि LIC का दावा निपटान अनुपात अच्छा है लेकिन निम्न स्थितियों में दावा खारिज किया जा सकता है:
प्रस्ताव फॉर्म में गलत या अधूरी जानकारी दी गई हो
स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए गए हों
पॉलिसी लैप्स हो गई हो
पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन हुआ हो
धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि पाई गई हो
दावा अस्वीकृत होने के बाद एलआईसी मृत्यु दावा प्रक्रिया
यदि किसी कारणवश मृत्यु दावा अस्वीकृत हो जाता है, तो दावेदार निम्न कदम उठा सकता है:
अस्वीकृति का कारण समझें: LIC द्वारा जारी अस्वीकृति पत्र में कारण स्पष्ट किया जाता है।
अतिरिक्त दस्तावेज जमा करें: यदि दावा दस्तावेजों की कमी के कारण अस्वीकृत हुआ है, तो आवश्यक प्रमाण पुनः प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
शिकायत दर्ज करें:
LIC की ग्राहक सेवा/Grievance Redressal Cell में शिकायत दर्ज की जा सकती है।
IRDAI के Integrated Grievance Management System (IGMS) के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है।
बीमा लोकपाल से संपर्क: यदि समाधान संतोषजनक न हो, तो बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman) से संपर्क किया जा सकता है।
यदि नामांकित व्यक्ति न हो तो क्या करें?
यदि पॉलिसी में कोई नामांकित व्यक्ति दर्ज नहीं है, या नामांकित व्यक्ति की भी मृत्यु हो चुकी है, तो ऐसी स्थिति में दावे की राशि सीधे जारी नहीं की जाती। ऐसे मामलों में दावेदार को यह प्रमाणित करना होता है कि वह मृतक का वैध उत्तराधिकारी या अधिकृत व्यक्ति है।
एलआईसी आवश्यक दस्तावेजों और औपचारिकताओं के आधार पर दावे की पात्रता की जांच करती है। प्रक्रिया सामान्य मामलों की तुलना में कुछ अधिक समय ले सकती है। इसलिए पॉलिसी लेते समय या समय-समय पर नामांकित व्यक्ति का विवरण अपडेट रखना हमेशा उचित होता है।
दावा खारिज होने के सामान्य कारण
LIC के दावे खारिज होने के कुछ सामान्य कारण हैं:
अपूर्ण/गलत जानकारी: दावे के फॉर्म और दस्तावेज़ों में त्रुटियाँ।
समय सीमा का उल्लंघन: निर्धारित समय में दावा न दायर करना।
मिसिंग दस्तावेज़: आवश्यक प्रमाणों का अभाव।
नियमों के विरोध में मृत्यु: आत्महत्या/धोखाधड़ी जैसे मामलों में अलग शर्तें लागू हो सकती हैं।
सारांश में
एलआईसी मृत्यु दावा प्रक्रिया परिवार के कठिन समय में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक जरिया है। हालांकि यह प्रक्रिया कागजी लग सकती है, लेकिन सही जानकारी के साथ इसे 15 से 30 दिनों के भीतर पूरा किया जा सकता है। एक जागरूक नामांकित व्यक्ति के रूप में, आपको हमेशा पॉलिसी के मूल दस्तावेज और प्रीमियम रसीदों को संभालकर रखना चाहिए।
Ans: मृत्यु के बाद जितनी जल्दी हो सके दावे की सूचना शाखा को देनी चाहिए। हालांकि, उचित कारण होने पर कुछ देरी को एलआईसी स्वीकार कर लेती है, लेकिन देरी से जांच की प्रक्रिया लंबी हो सकती है।
Q: क्या मैं मृत्यु दावा ऑनलाइन फाइल कर सकता हूँ?
Ans: वर्तमान में, एलआईसी सूचना (Intimation) ऑनलाइन देने की सुविधा देती है, लेकिन मुख्य दस्तावेजों और मूल पॉलिसी बॉन्ड को भौतिक रूप से शाखा में ही जमा करना पड़ता है।
Q: यदि मूल पॉलिसी बॉन्ड खो गया हो तो क्या होगा?
Ans: ऐसे मामले में आपको एक 'इंडेम्निटी बॉन्ड' भरना होगा और कुछ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, जिसके बाद दावे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
Q: दावे की राशि मिलने में कितना समय लगता है?
Ans: यदि सभी दस्तावेज सही हैं और मामला 'गैर-शीघ्र' (Non-early) है, तो आमतौर पर 15-20 दिनों में भुगतान हो जाता है। जांच वाले मामलों में 3 से 6 महीने तक का समय लग सकता है।
Q: क्या मृत्यु दावे पर टैक्स लगता है?
Ans: आयकर अधिनियम की धारा 10(10D) के तहत, मृत्यु दावे के रूप में प्राप्त राशि पूरी तरह से कर-मुक्त (Tax-Free) होती है।
*All savings are provided by the insurer as per the IRDAI approved insurance plan. Standard T&C Apply
^Trad plans with a premium above 5 lakhs would be taxed as per applicable tax slabs post 31st march 2023
+Returns Since Inception of LIC Growth Fund
~Source - Google Review Rating available on:- http://bit.ly/3J20bXZ
++Returns are 10 years returns of Nifty 100 Index benchmark
˜The insurers/plans mentioned are arranged in order of highest to lowest first year premium (sum of individual single premium and individual non-single premium) offered by Policybazaar’s insurer partners offering life insurance investment plans on our platform, as per ‘first year premium of life insurers as at 31.03.2025 report’ published by IRDAI. Policybazaar does not endorse, rate or recommend any particular insurer or insurance product offered by any insurer. For complete list of insurers in India refer to the IRDAI website www.irdai.gov.in