एलआईसी में सर्वाइवल बेनिफिट एक ऐसा लाभ है जो जीवन बीमा पॉलिसीधारक को पॉलिसी की कुछ पूर्व निर्धारित तिथियों के बाद तब मिलता है जब वह पॉलिसी के दौरान जीवित रहता है। सरल शब्दों में, यह एक प्रकार की ‘जीवन जीने का इनाम’ है जो पॉलिसीधारक को पॉलिसी की अवधि में समय-समय पर दिया जाता है।
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एलआईसी योजनाओं के लाभ-
एलआईसी पॉलिसी ऑनलाइन परेशानी मुक्त खरीदें
धारा 80सी और 10(10डी) के तहत कर बचत^
उच्च रिटर्न वाली बाज़ार लिंक योजनाएँ
एलआईसी अधिनियम की धारा 37 के अनुसार संप्रभु गारंटी
जहाँ डेथ बेनिफिट पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद उसके परिवार को मिलता है, वहीं सर्वाइवल बेनिफिट वह राशि है जो पॉलिसीधारक को उसके जीवित रहने के दौरान समय-समय पर मिलती रहती है। इस लेख में हम सर्वाइवल बेनेफिट से संबंधित जानकारी जैसे, सर्वाइवल बेनिफिट क्या है और यह आपके वित्तीय पोर्टफोलियो के लिए क्यों जरूरी है, जैसे सवालों का जवाब गहराई से समझेंगे।
यह लाभ उन पॉलिसियों में मिलता है जहाँ केवल मृत्यु लाभ के अलावा पॉलिसीधारक को जीवन में सूचित समय पर आर्थिक लाभ भी दिया जाता है।
यह निम्नलिखित तरह काम करता है:
पॉलिसी की शुरुआत में तय किया जाता है कि किन सालों में सर्वाइवल बेनिफिट दिया जाएगा।
यदि आप पॉलिसी के जीवन काल के उन निर्दिष्ट वर्षों तक जीवित रहते हैं, तो आपको उन तिथियों पर सूचित प्रतिशत राशि मिलती है।
यह राशि मूल बीमित राशि का एक भाग होती है और पॉलिसी के प्रकार के अनुसार तय होती है
सर्वाइवल बेनिफिट कैसे काम करता है?
एलआईसी की अलग-अलग योजनाओं में सर्वाइवल बेनिफिट के काम करने का तरीका अलग हो सकता है। मुख्य रूप से इसे दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
मनी बैक पॉलिसी में सर्वाइवल बेनिफिट
मनी बैक प्लान में, बीमित राशि का एक निश्चित प्रतिशत पॉलिसी की अवधि के दौरान पूर्व-निर्धारित अंतरालों पर भुगतान किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी 20 साल की पॉलिसी है, तो आपको हर 5वें, 10वें और 15वें साल में बीमा राशि का 20% मिल सकता है।
एंडोमेंट और होल लाइफ प्लान में
कुछ योजनाओं जैसे 'जीवन उमंग' में, प्रीमियम भुगतान अवधि खत्म होने के बाद, पॉलिसीधारक को जीवन भर या एक निश्चित आयु तक हर साल सर्वाइवल बेनिफिट के रूप में एक निश्चित राशि मिलती है।
सर्वाइवल बेनिफिट कैसे मिलता है?
कई लोगों को लगता है कि सर्वाइवल बेनिफिट के लिए एलआईसी (LIC) के दफ्तर के चक्कर काटने पड़ेंगे, लेकिन यह प्रक्रिया भी काफी सटीक और व्यवस्थित है। यहाँ इसका चरणबद्ध तरीका दिया गया है:
एलआईसी द्वारा सूचना:आपकी पॉलिसी में सर्वाइवल बेनिफिट की देय तिथि से लगभग 2-3 महीने पहले एलआईसी आपको एक नोटिस या पत्र भेजती है।
डिस्चार्ज फॉर्म: यदि राशि बड़ी है, तो आपको एक 'डिस्चार्ज वाउचर' भरकर जमा करना होता है। हालांकि, छोटे भुगतानों के लिए अब एलआईसी इसे सीधे प्रोसेस कर देती है।
NEFT मैंडेट: अब एलआईसी चेक के माध्यम से भुगतान नहीं करती। आपके बैंक खाते की जानकारी (कैन्सल चेक और बैंक विवरण) एलआईसी के पोर्टल पर अपडेट होनी चाहिए। राशि सीधे आपके खाते में 'क्रेडिट' कर दी जाती है।
पॉलिसी का 'इन-फोर्स' होना: लाभ पाने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि आपकी पॉलिसी चालू (In-force) स्थिति में होनी चाहिए और सभी प्रीमियम समय पर भरे गए हों।
सर्वाइवल बेनिफिट के मुख्य लाभ
नियमित आय का स्रोत: यह आपकी मध्यम अवधि की वित्तीय जरूरतों, जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा या घर की मरम्मत के लिए नकदी का प्रवाह सुनिश्चित करता है।
जोखिम के साथ रिटर्न: इसमें आपको जीवन बीमा का कवर तो मिलता ही है, साथ ही जीवित रहने पर गारंटीड रिटर्न भी मिलता है।
टैक्स में छूट: एलआईसी से प्राप्त सर्वाइवल बेनिफिट आमतौर पर आयकर अधिनियम की धारा 10(10D) के तहत कर मुक्त होता है जिसमें कुछ शर्तें भी लागू हैं।
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एलआईसी की प्रमुख योजनाएं जिनमें सर्वाइवल बेनिफिट मिलता है
यदि आप सर्वाइवल बेनिफिट को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहते हैं, तो एलआईसी (LIC) की निम्नलिखित योजनाएं बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं:
एलआईसी न्यू मनी बैक प्लान (20 और 25 वर्ष) (920 और 921)
यह सबसे लोकप्रिय प्लान है। इसमें पॉलिसीधारक को हर 5 साल के अंतराल पर बीमा राशि का एक हिस्सा मिलता रहता है। यदि पॉलिसीधारक पूरी अवधि तक जीवित रहता है, तो उसे अंत में शेष बीमा राशि के साथ 'वेस्टेड सिंपल रिवर्सनरी बोनस' और 'फाइनल एडिशनल बोनस' भी मिलता है।
एलआईसी जीवन उमंग (745)
यह एक होल-लाइफ प्लान है जहाँ प्रीमियम खत्म होने के बाद, आपको हर साल बीमा राशि का 8% सर्वाइवल बेनिफिट के रूप में मिलता रहता है, वह भी 100 वर्ष की आयु तक।
एलआईसी बीमा श्री (948)
ये योजना उच्च नेटवर्थ वाले व्यक्तियों के लिए हैं, जहाँ सर्वाइवल बेनिफिट की राशि काफी अधिक होती है और यह आपके जीवन स्तर को बनाए रखने में मदद करती है।
डेथ बेनिफिट और सर्वाइवल बेनिफिट में अंतर
विशेषता
सर्वाइवल बेनिफिट
डेथ बेनिफिट
किसे मिलता है?
स्वयं पॉलिसीधारक को
नॉमिनी को
कब मिलता है?
जीवित रहने और निश्चित अवधि पूरी होने पर
पॉलिसीधारक की असामयिक मृत्यु पर
उद्देश्य
जीवन की जरूरतों को पूरा करना
परिवार को वित्तीय सुरक्षा देना
उपलब्धता
केवल मनी बैक या विशिष्ट योजनाओं में
सभी जीवन बीमा पॉलिसियों में अनिवार्य
सर्वाइवल बेनिफिट के लिए मुख्य सावधानियां
यहाँ कुछ व्यावहारिक सावधानियां दी गई हैं:
पॉलिसी लैप्स न होने दें: यदि आपका प्रीमियम ड्यू है, तो सर्वाइवल बेनिफिट रुक सकता है।
KYC अपडेट रखें: अपना मोबाइल नंबर, ईमेल और वर्तमान पता एलआईसी के रिकॉर्ड में हमेशा अपडेट रखें ताकि सूचना समय पर मिले।
बैंक विवरण की जाँच: सुनिश्चित करें कि जो बैंक खाता आपने एलआईसी को दिया है, वह सक्रिय है। अक्सर लोग पुराना खाता बंद कर देते हैं और फिर सर्वाइवल बेनिफिट 'बाउंस' हो जाता है।
दस्तावेजों का रख-रखाव: अपनी मूल पॉलिसी बॉन्ड की फोटोकॉपी और रसीदें सुरक्षित रखें।
सारांश में
सर्वाइवल बेनिफिट केवल एक बीमा शब्द नहीं है, बल्कि यह एक समझदार वित्तीय नियोजन का हिस्सा है। यह सुनिश्चित करता है कि आपको अपनी जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े। चाहे बच्चों की शादी हो या रिटायरमेंट के बाद का सुकून, एलआईसी (LIC) की ये योजनाएं हर कदम पर आपका साथ निभाती हैं।
पॉलिसी लेने से पहले हमेशा अपने 'एजेंट' से मिलें या एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी आयु और आवश्यकता के अनुसार गणना जरूर करें। याद रखें, सही समय पर लिया गया सही निर्णय ही उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है।
क्या सर्वाइवल बेनिफिट मिलने के बाद पॉलिसी बंद हो जाती है?
नहीं, सर्वाइवल बेनिफिट मिलने के बाद भी पॉलिसी जारी रहती है। यह केवल बीमा राशि का एक हिस्सा होता है। पॉलिसी अपनी निर्धारित अवधि तक चलती रहती है और लाइफ कवर भी बना रहता है।
यदि सर्वाइवल बेनिफिट लेने के बाद पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा?
ऐसी स्थिति में नामांकित व्यक्ति (Nominee) को पूरी डेथ बेनिफिट राशि मिलती है। खास बात यह है कि :contentReference[oaicite:0]{index=0} (LIC) आमतौर पर पहले दिए जा चुके सर्वाइवल बेनिफिट को डेथ क्लेम से नहीं काटती (अधिकांश मनी बैक योजनाओं में)।
क्या सर्वाइवल बेनिफिट पर टैक्स देना पड़ता है?
वर्तमान आयकर नियमों की धारा 10(10D) के अनुसार, यदि आपका वार्षिक प्रीमियम बीमा राशि के 10% से कम है, तो प्राप्त सर्वाइवल बेनिफिट पूरी तरह टैक्स फ्री हो सकता है (लागू नियमों के अनुसार)।
क्या मैं अपना सर्वाइवल बेनिफिट एलआईसी के पास जमा छोड़ सकता हूँ?
जी हाँ, कुछ नई योजनाओं में LIC यह सुविधा देती है कि आप सर्वाइवल बेनिफिट की राशि तुरंत न लेकर उसे कंपनी के पास जमा रहने दें, जिस पर आपको निर्धारित दर से ब्याज मिल सकता है।
सर्वाइवल बेनिफिट और मैच्योरिटी बेनिफिट में क्या अंतर है?
सर्वाइवल बेनिफिट पॉलिसी अवधि के दौरान निर्धारित अंतराल पर मिलने वाला भुगतान है, जबकि मैच्योरिटी बेनिफिट पॉलिसी की अवधि पूरी होने पर मिलने वाली अंतिम एकमुश्त राशि होती है।
*All savings are provided by the insurer as per the IRDAI approved insurance plan. Standard T&C Apply
^Trad plans with a premium above 5 lakhs would be taxed as per applicable tax slabs post 31st march 2023
+Returns Since Inception of LIC Growth Fund
~Source - Google Review Rating available on:- http://bit.ly/3J20bXZ
++Returns are 10 years returns of Nifty 100 Index benchmark
˜The insurers/plans mentioned are arranged in order of highest to lowest first year premium (sum of individual single premium and individual non-single premium) offered by Policybazaar’s insurer partners offering life insurance investment plans on our platform, as per ‘first year premium of life insurers as at 31.03.2025 report’ published by IRDAI. Policybazaar does not endorse, rate or recommend any particular insurer or insurance product offered by any insurer. For complete list of insurers in India refer to the IRDAI website www.irdai.gov.in