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कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस

कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी, ओन डैमेज कवर (OD) और थर्ड-पार्टी लाइबिलिटी इंश्योरेंस का एक कॉम्बिनेशन होती है। यह न केवल सड़क हादसों में थर्ड-पार्टी नुकसान से सुरक्षा देती है, बल्कि आपकी बाइक को एक्सीडेंट, चोरी, आग, और प्राकृतिक या मानवजनित आपदाओं से भी प्रोटेक्ट करती है। इसमें उस नुकसान/हानि का कवरेज शामिल होता है जो बीमित बाइक को हुआ हो या किसी तीसरे व्यक्ति, प्रॉपर्टी या वाहन को बीमित बाइक से हुए एक्सीडेंट में हुआ हो।

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कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी के फायदे

कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी भारत में सभी टू-व्हीलर ओनर्स को वित्तीय और कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है। इस पॉलिसी के तहत पॉलिसीधारक आग, चोरी, प्राकृतिक आपदा और मानवजनित घटनाओं से बाइक को हुए नुकसान के लिए क्लेम कर सकते हैं।

अन्य प्रमुख फायदों को समझने के लिए नीचे दिए गए पॉइंट्स देखें:

  • एक्सटेंसिव प्रोटेक्शन: कॉम्प्रिहेंसिव टू-व्हीलर इंश्योरेंस आपको, आपकी बाइक को और किसी भी तीसरे पक्ष को चोरी, आग, एक्सीडेंट और टोटल लॉस जैसी स्थितियों में व्यापक सुरक्षा देता है।
  • लाइबिलिटीज कवरेज: यह पॉलिसी थर्ड-पार्टी क्लेम्स से जुड़ी कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारियों को कवर करती है, जिसमें वाहन को हुए नुकसान और व्यक्ति को लगी चोटें शामिल हैं। यदि एक्सीडेंट में किसी थर्ड पार्टी की मृत्यु होती है, तो उससे जुड़ी फाइनेंशियल लाइबिलिटी भी शामिल होती है।
  • ओन-डैमेज कवर: बाइक को टक्कर, प्राकृतिक आपदाएं (जैसे बाढ़, तूफान, भूकंप), मानवजनित घटनाएं (जैसे दंगे, तोड़फोड़, हड़ताल), चोरी, आग और टोटल लॉस की स्थिति में कवर मिलता है।
  • सिंगल प्रीमियम की सुविधा: इस पॉलिसी का सबसे बड़ा फायदा है कि एक बार में एक ही प्रीमियम देकर थर्ड-पार्टी और ओन डैमेज दोनों का कवरेज मिल जाता है, जिससे प्रोसेस आसान हो जाता है।
  • एड-ऑन्स और NCB: कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी में 5+ एड-ऑन्स चुनने की फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है, जो बाइक से जुड़ी अलग-अलग जरूरतों को पूरा करते हैं। इसके अलावा, यदि आपने पिछले साल कोई क्लेम नहीं किया है, तो नो क्लेम बोनस (NCB) के तहत रिन्यूअल पर डिस्काउंट भी मिलता है।

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कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी के इनक्लूजन और एक्सक्लूजन

इनक्लूजन (कवरेज में शामिल):

  • थर्ड-पार्टी लाइबिलिटीज: किसी तीसरे व्यक्ति या उसकी प्रॉपर्टी (या वाहन) को हुए नुकसान/हानि के लिए कवरेज। एक्सीडेंट में घायल होने या मृत्यु की स्थिति भी कवर होती है।
  • एक्सीडेंटल डैमेज: एक्सीडेंट में बाइक को हुए नुकसान के लिए मुआवजा।
  • फायर डैमेज: आग, विस्फोट, बिजली गिरना, या सेल्फ-इग्निशन जैसी घटनाओं से हुई हानि।
  • चोरी / टोटल लॉस: बाइक चोरी हो जाने या पूरी तरह से नष्ट हो जाने की स्थिति में कवरेज। यदि बाइक की चोरी की रिपोर्ट पुलिस द्वारा ‘Untraceable’ घोषित की जाती है, तो इंश्योरेंस कंपनी IDV के अनुसार भुगतान करेगी।
  • प्राकृतिक आपदाएं: भूकंप, तूफान, लैंडस्लाइड, बाढ़, साइक्लोन आदि से हुए नुकसान।
  • मानवजनित आपदाएं: दंगे, तोड़फोड़, हड़ताल आदि से हुए नुकसान।

डिस्क्लेमर: ऊपर बताए गए इनक्लूजन जनरल कवरेज के उदाहरण हैं। सटीक कवरेज जानने के लिए कृपया अपनी पॉलिसी वर्डिंग्स को ध्यान से पढ़ें।

एक्सक्लूजन (कवरेज कवरेज में न शामिल)

नीचे दिए गए मामलों में कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कोई क्लेम या मुआवजा नहीं दिया जाता:

  • टेक्निकल/इलेक्ट्रिकल ब्रेकडाउन: तकनीकी या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट्स के कारण बाइक को हुए नुकसान के लिए क्लेम नहीं मिलेगा।
  • ड्रंक ड्राइविंग: शराब या नशे की हालत में बाइक चलाने से हुए नुकसान को कवर नहीं किया जाता।
  • इनऐक्टिव पॉलिसी: अगर पॉलिसी एक्टिव नहीं है या एक्सपायर हो चुकी है, तो उस दौरान हुए किसी भी नुकसान का कवरेज नहीं मिलेगा।
  • इनवैलिड DL या RC: अगर ड्राइविंग लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट वैध नहीं है, तो उस स्थिति में हुए नुकसान पर क्लेम नहीं मिलेगा।
  • जियोग्राफिकल लिमिट से बाहर का नुकसान: पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स में बताई गई सीमाओं के बाहर हुए नुकसान के लिए कवरेज नहीं होता।
  • नॉर्मल वियर एंड टियर: सामान्य घिसावट या पार्ट्स के पुराने होने से हुए नुकसान को कवर नहीं किया जाता।
  • गैरकानूनी गतिविधियां: रेसिंग जैसे गैरकानूनी कामों के दौरान हुए नुकसान पर क्लेम नहीं मिलता।
  • कॉन्सिक्वेंशियल लॉस: किसी अप्रत्याशित घटना के परिणामस्वरूप हुए नुकसान को कवरेज में शामिल नहीं किया जाता।

डिस्क्लेमर: ऊपर बताई गई exclusions कॉमन उदाहरण हैं। सटीक जानकारी के लिए कृपया अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी की वर्डिंग्स ध्यान से पढ़ें।

कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस के एड-ऑन्स

Policybazaar.com पर आपको कई जरूरी और वैल्यू-एडेड एड-ऑन्स मिलते हैं, जिनसे आपकी पॉलिसी की कवरेज को और बेहतर बनाया जा सकता है:

  1. पर्सनल एक्सीडेंट कवर

    बाइक ओनर के लिए यह अनिवार्य एड-ऑन है, जिसमें ₹15 लाख तक का कवरेज मिलता है। किसी भी एक्सीडेंट में चोट, विकलांगता या मृत्यु की स्थिति में इंश्योर्ड या उनके नॉमिनी को मुआवजा दिया जाता है।

  2. ज़ीरो डिप्रिसिएशन कवर

    इस एड-ऑन के साथ, आपके बाइक के पार्ट्स पर डिप्रिसिएशन की कटौती नहीं होती, जिससे क्लेम अमाउंट पूरा मिलता है। पहले यह सुविधा सिर्फ पहले 2 क्लेम तक सीमित थी, लेकिन अब कई इंश्योरेंस कंपनियां इसे अधिक बार लागू करती हैं। यह कवर कॉम्प्रिहेंसिव और स्टैंडअलोन OD पॉलिसियों दोनों में लागू होता है।

  3. रिटर्न-टू-इनवॉइस कवर

    अगर आपकी बाइक चोरी हो जाती है या टोटल लॉस हो जाती है, तो यह कवर बाइक की इनवॉइस वैल्यू के अनुसार मुआवजा दिलाता है। इसमें IDV के साथ रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्जेस का भुगतान भी किया जाता है।

  4. नो क्लेम बोनस (NCB) प्रोटेक्शन कवर

    यह कवर ओन-डैमेज क्लेम के बावजूद आपके NCB को सुरक्षित रखता है। पहले 2 क्लेम्स पर NCB नहीं कटता, लेकिन इसे खरीदने से पहले क्लेम लिमिट्स जरूर जांचें।

  5. कंज़्यूमेबल्स कवर

    इस कवर से स्क्रू, नट-बोल्ट, इंजन ऑयल, ब्रेक ऑयल जैसे छोटे पार्ट्स के रिप्लेसमेंट या रिपेयर का खर्च कवर होता है। ध्यान दें, फ्यूल लॉस इसमें शामिल नहीं है।

  6. 24x7 रोडसाइड असिस्टेंस कवर

    बाइक खराब होने की स्थिति में यह कवर आपकी मदद करता है – जैसे टॉइंग, ऑन-स्पॉट रिपेयर, बैटरी सर्विस, फ्यूल डिलीवरी आदि। यह सुविधा कॉल पर 24x7 उपलब्ध है।

कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस प्रीमियम कैसे तय होता है?

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस का प्रीमियम IRDA द्वारा तय किया जाता है, जबकि कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी का प्रीमियम इन फैक्टर्स पर निर्भर करता है:

  1. IDV (Insured Declared Value):

    IDV बाइक की अधिकतम वैल्यू होती है जो टोटल लॉस या चोरी के मामले में इंश्योरर देता है। यह बाइक की कीमत और एक्सेसरीज़ में से डिप्रिसिएशन घटाकर तय की जाती है।

  2. NCB और अन्य डिस्काउंट्स:

    अगर आपने पिछले साल कोई क्लेम नहीं किया, तो NCB डिस्काउंट मिलता है। साथ ही, अगर आपकी बाइक में AAI-एप्रूव्ड एंटी-थेफ्ट डिवाइस है, तो भी प्रीमियम में छूट मिल सकती है।

  3. बाइक की उम्र:

    नई बाइक के लिए प्रीमियम ज्यादा होता है जबकि पुरानी बाइक पर डिप्रिसिएशन के कारण कम प्रीमियम देना पड़ता है।

  4. बाइक का मेक, मॉडल और वेरिएंट (MMV):

    महंगी, स्पोर्ट्स या क्रूज़र बाइक के लिए प्रीमियम अधिक होता है, जबकि सिटी-कम्यूटिंग बाइक के लिए कम। फ्यूल टाइप (पेट्रोल, इलेक्ट्रिक) भी प्रीमियम को प्रभावित करता है।

  5. रजिस्ट्रेशन लोकेशन:

    अगर बाइक मेट्रो शहर या ट्रैफिक वाले एरिया में रजिस्टर्ड है, तो प्रीमियम ज्यादा होगा। वहीं, छोटे शहरों या गांवों में प्रीमियम कम हो सकता है।

  6. एड-ऑन्स की खरीदारी:

    हर एड-ऑन कवरेज के साथ अतिरिक्त लागत आती है, जो ओवरऑल प्रीमियम बढ़ा सकती है। इसलिए जरूरत के अनुसार एड-ऑन्स चुनें।

  7. कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस प्रीमियम कैसे कम करें

    अगर आप अपनी कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम कम करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए सुझावों को अपनाकर आप अच्छा खासा बचत कर सकते हैं:

  8. सुरक्षित तरीके से बाइक चलाएं और NCB का लाभ उठाएं

    हर बाइक मालिक को ट्रैफिक नियमों की जानकारी होनी चाहिए और उनका पालन करना चाहिए। जब आप पूरे पॉलिसी अवधि में कोई क्लेम नहीं करते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी आपको नो क्लेम बोनस (NCB) देती है।
    यह बोनस अगली पॉलिसी के प्रीमियम पर छूट के रूप में लागू होता है, जो 20% से शुरू होकर पांच लगातार क्लेम-फ्री वर्षों में 50% तक पहुंच सकता है।

  9. एंटी-थेफ्ट डिवाइस लगवाएं

    अगर आप AAI (Automobile Association of India) के सदस्य हैं, या आपने अपनी बाइक में ARAI द्वारा प्रमाणित एंटी-थेफ्ट डिवाइस लगवाया है, तो आपको प्रीमियम में अतिरिक्त छूट मिल सकती है।

  10. एड-ऑन कवर सोच-समझकर चुनें

    हर एड-ऑन कवर आपकी कुल प्रीमियम राशि को बढ़ाता है। इसलिए केवल उन्हीं ऐड-ऑन्स को चुनें जो आपकी आवश्यकताओं के अनुसार हों। आप पॉलिसीबाजार पर उपलब्ध बाइक इंश्योरेंस कैलकुलेटर की मदद से यह पता लगा सकते हैं कि कौन-सा एड-ऑन कितना प्रीमियम बढ़ाएगा।

  11. समय पर पॉलिसी का नवीनीकरण करें

    अपनी पॉलिसी की वैधता समाप्त होने से पहले उसका रिन्यूअल जरूर कराएं। इससे आपका अर्जित NCB बना रहेगा और अगली बार प्रीमियम कम लगेगा।

  12. छोटे-मोटे नुकसान के लिए क्लेम न करें

    यदि आपकी बाइक को कोई छोटा नुकसान हुआ है, जैसे कि साइड मिरर टूटना या हल्की स्क्रैच, जिसकी मरम्मत 300-400 रुपये में हो सकती है, तो ऐसे मामलों में क्लेम करने से बचें। इससे आपका NCB बना रहेगा और भविष्य में आपको अधिक छूट मिलेगी।

  13. नो क्लेम बोनस (NCB) क्या है

    नो क्लेम बोनस वह छूट है जो इंश्योरेंस कंपनी एक पॉलिसीधारक को लगातार क्लेम-फ्री ड्राइविंग के लिए देती है। यह छूट हर साल बढ़ती है और अधिकतम 50% तक जा सकती है।

    क्लेम-फ्री वर्ष की संख्या NCB छूट का प्रतिशत
    पहला वर्ष 20%
    दूसरा वर्ष 25%
    तीसरा वर्ष 35%
    चौथा वर्ष 45%
    पांचवां वर्ष 50%

    ध्यान दें: पांचवें वर्ष के बाद NCB प्रतिशत नहीं बढ़ता है। अगर आप एक बार भी क्लेम करते हैं, तो आपका NCB शून्य हो जाता है।

पॉलिसीबाजार से कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस ऑनलाइन कैसे खरीदें या रिन्यू करें

बाइक इंश्योरेंस को ऑनलाइन खरीदना या रिन्यू करना एक आसान प्रक्रिया है:

  • पॉलिसीबाजार इंश्योरेंस ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड की वेबसाइट पर जाएं।
  • 'इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स' सेक्शन में जाकर 'Two-Wheeler Insurance' चुनें।
  • अपनी बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य जरूरी विवरण भरें।
  • विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों के प्लान्स को तुलना करें और बजट के अनुसार चुनें।
  • एड-ऑन कवर जोड़ें यदि आवश्यक हों।
  • वाहन, मालिक और नॉमिनी की जानकारी भरें।
  • UPI, इंटरनेट बैंकिंग या डेबिट/क्रेडिट कार्ड के जरिए प्रीमियम का भुगतान करें।
  • आपकी पॉलिसी की सॉफ्ट कॉपी आपके पंजीकृत ईमेल पते पर भेज दी जाएगी।

कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस क्लेम कैसे फाइल करें?

कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस क्लेम फाइल करना अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है, खासकर जब आप कैशलेस या रिइम्बर्समेंट क्लेम प्रोसेस को अपनाते हैं। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आप एक्सिडेंटल डैमेज के लिए आसानी से क्लेम कर सकते हैं:

चरण 1: बीमा कंपनी को दुर्घटना की सूचना दें: जैसे ही आपकी बाइक को कोई दुर्घटना या नुकसान होता है, बीमा कंपनी को उसकी जानकारी तुरंत हेल्पलाइन नंबर या ईमेल के जरिए दें।

चरण 2: क्लेम फॉर्म डाउनलोड कर सबमिट करें: बीमा कंपनी की वेबसाइट से क्लेम फॉर्म डाउनलोड करें, उसे भरें और सबमिट करें।

चरण 3: जरूरी दस्तावेज जमा करें: क्लेम प्रोसेस को आगे बढ़ाने के लिए बीमा कंपनी को सभी आवश्यक दस्तावेज प्रदान करें।

चरण 4: बाइक रिपेयर के लिए गैराज भेजें

  • अगर आपने कैशलेस क्लेम चुना है, तो अपनी बाइक को बीमा कंपनी के अधिकृत नेटवर्क गैराज में भेजें।
  • अगर आप रिइम्बर्समेंट क्लेम कर रहे हैं, तो बाइक को किसी भी नजदीकी गैराज में मरम्मत के लिए भेज सकते हैं।

चरण 5: बिल का निपटान

  • कैशलेस क्लेम में, मरम्मत के बाद बीमा कंपनी सीधे नेटवर्क गैराज को भुगतान करती है।
  • रिइम्बर्समेंट क्लेम में, आप पहले खुद बिल चुकाते हैं और बाद में बीमा कंपनी उस राशि को आपके बैंक खाते में ट्रांसफर करती है।

नोट: डिडक्टिबल्स या बीमा में कवर न होने वाले खर्चों का भुगतान आपको स्वयं करना होगा।

टू-व्हीलर इंश्योरेंस क्लेम के लिए आवश्यक दस्तावेज़

कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस क्लेम फाइल करते समय नीचे दिए गए दस्तावेजों की जरूरत होती है:

  • पूरी तरह से भरा और साइन किया हुआ क्लेम फॉर्म
  • बाइक का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
  • वैध ड्राइविंग लाइसेंस
  • बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी डॉक्युमेंट
  • एफआईआर की कॉपी (यदि एक्सिडेंट या चोरी का मामला हो)
  • ओरिजिनल रिपेयर बिल
  • वाहन रिलीज का प्रूफ (केवल रिइम्बर्समेंट क्लेम के लिए)
  • नकद भुगतान की रसीद (केवल रिइम्बर्समेंट क्लेम के लिए)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • प्र. कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस क्या है?

    उत्तर: यह एक प्रकार का टू-व्हीलर इंश्योरेंस है, जो बाइक की चोरी, एक्सिडेंटल डैमेज, प्राकृतिक आपदा, आग और थर्ड पार्टी देनदारी से सुरक्षा प्रदान करता है।
  • प्र. इसकी वैधता कितनी होती है?

    उत्तर: नई बाइक के लिए कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी 3 साल की होती है।
  • प्र. ओन डैमेज और कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस में क्या फर्क है?

    उत्तर: ओन डैमेज कवर केवल आपकी बाइक के नुकसान को कवर करता है। जबकि कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में ओन डैमेज और थर्ड पार्टी कवर दोनों शामिल होते हैं।
  • प्र. क्या टू-व्हीलर कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना जरूरी है?

    उत्तर: नहीं, यह अनिवार्य नहीं है। लेकिन अगर आपके पास यह कवर नहीं है, तो आपकी खुद की बाइक को हुए नुकसान का खर्च बीमा में कवर नहीं होगा।
  • प्र. एक्सपायर्ड पॉलिसी रिन्यू करते समय मेरा NCB वैलिड रहेगा?

    उत्तर: हां, लेकिन केवल 90 दिनों तक। अगर आपने पॉलिसी एक्सपायर होने के 90 दिनों के अंदर रिन्यू नहीं की, तो आपका NCB समाप्त हो जाएगा।
  • प्र. क्या टोटल लॉस के लिए क्लेम किया जा सकता है?

    उत्तर: हां, जब वाहन को हुए नुकसान की लागत उसकी IDV (Insured Declared Value) का 75% से अधिक हो, तो यह टोटल लॉस माना जाता है और कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में कवर किया जाता है।
  • प्र. कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस किन लोगों के लिए जरूरी है?

    उत्तर: यह पॉलिसी नई बाइक मालिकों, भारी ट्रैफिक वाले इलाकों में चलने वालों, महंगी बाइक चलाने वालों, रोड ट्रिप पसंद करने वालों और बार-बार छोटी दुर्घटनाएं करने वालों के लिए उपयुक्त है।
  • प्र. बाइक के लिए "फुल इंश्योरेंस" का क्या मतलब है?

    उत्तर: आमतौर पर इसका अर्थ होता है कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस प्लान जो आपकी बाइक और दूसरों को अधिकतम सुरक्षा देता है।
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Disclaimer: The list mentioned is according to the alphabetical order of the insurance companies. Policybazaar does not endorse, rate or recommend any particular insurer or insurance product offered by any insurer. This list of plans listed here comprise of insurance products offered by all the insurance partners of Policybazaar. For complete list of insurers in India refer to the Insurance Regulatory and Development Authority of India website www.irdai.gov.in
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*TP price for less than 75 CC two-wheelers. All savings are provided by insurers as per IRDAI-approved insurance plan. Standard T&C apply.

*Rs 538/- per annum is the price for third party motor insurance for two wheelers of not more than 75cc (non-commercial and non-electric)

#Savings are based on the comparison between the highest and the lowest premium for own damage cover (excluding add-on covers) provided by different insurance companies for the same vehicle with the same IDV and same NCB.

*₹ 1.5 is the Comprehensive premium for a 2015 TVS XL Super 70cc, MH02(Mumbai) RTO with an IDV of ₹5,895 and NCB at 50%.

*₹457/- per annum (₹1.3/day) is the price for third-party motor insurance for private electric two-wheelers of not more than 3KW (non-commercial). Premium is payable annually. The list of insurers mentioned is arranged according to alphabetical order of the names of insurers respectively. Policybazaar does not endorse, rate or recommend any particular insurer or insurance product offered by any insurer. The list of plans listed here comprise of insurance products offered by all the insurance partners of Policybazaar. For the complete list of insurers in India, refer to the Insurance Regulatory and Development Authority of India website: www.irdai.gov.in