इंडसइंड बैंक में एफडी समय से पहले निकासी करने पर बैंक FD ब्याज से 0.50% से 1% का जुर्माना काट लेता है। यह जुर्माना इस बात पर तय होता है कि आपका पैसा एफडी कितने दिनों तक रहा । वही 7 दिन के भीतर एफडी तोड़ने पर बैंक आपको कोई ब्याज नहीं देता है। इंडसइंड बैंक एफडी को उसके समय से पहले तोड़ने की अनुमति देता है, लेकिन इसे बढ़ावा बिलकुल नहीं देता है।

गारंटीड प्लान
(बीमा कंपनियों द्वारा)फिक्स्ड डिपॉजिट
(बैंकों द्वारा प्रदान)सेविंग अकाउंट
(पोस्ट ऑफिस)पूरी तरह से टैक्स-फ्री, जीवन कवर शामिल
अपनी इंडसइंड बैंक में मौजूद एफडी को समय से पहले बंद करने को ही एफडी निकासी कहते हैं। आपके आवेदन करने पर बैंक आपकी राशि को सीधे बैंक से लिंक बचत खाते में भेज देता है, लेकिन इस राशि पर लागू ब्याज से 1% काट लिया जाता है।
साथ ही, अगर आप इंडसइंड बैंक की एफडी 7 दिनों से कम समय में तोड़ देते हैं, तो आपको वापसी में दी गई राशि में कोई ब्याज लाभ नहीं मिलता है। यह भी ध्यान रखें कि एफडी समयपूर्व निकासी सुविधा 5 साल की लॉक इन टैक्स सेवर एफडी पर उपलब्ध नहीं होती है।
इंडसइंड बैंक से अवधि पूरी होने से पहले एफडी निकासी से जुड़ी मुख्य जानकारी का ध्यान दें:
इंडसइंड बैंक में एफडी निकासी ऑनलाइन कैसे करें? ये जानने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:
आप अपनी इंडसइंड बैंक में मौजूद एफडी को समय से पहले बंद कर सकते हैं, लेकिन बैंक आपकी FD Break होने पर लागू ब्याज में से 1% की कटौती करता है। साथ ही, इससे आपके टैक्स और TDS पर भी प्रभाव पड़ता है और आपको ब्याज लाभ केवल उस अवधि पर मिलता है, जिस अवधि तक राशि FD में रही है। अगर आप भी पैसों की अचानक जरूरत पड़ने पर एफडी तोड़ने का सोच रहे हैं, तो पहले यह जान लें। ग्राहकों को एफडी तोड़ने के बाद होने वाले ब्याज के भारत नुकसान को न झेलना पड़े, इसके लिए बैंक एफडी के बदले लोन और क्रेडिट कार्ड की सुविधा देता है, इसमें आपकी एफडी राशि का 80-90% लिमिट होता है। साथ ही बिल भुगतान के लिए समय और EMI का विकल्प भी मिलता है। साथ ही इसकी ब्याज दर पर्सनल लोन की तुलना में कम भी होती है।