एसबीआई स्वीप-इन एफडी पैसै कमाने का एक स्मार्ट तरीका है। इसके तहत भारतीय स्टेट बैंक आपके बचत खाते को सावधि जमा खाते से लिंक करता है। इसके बाद आपका पैसा सेविंग अकाउंट में रहते हुए भी एफडी जितना ब्याज प्राप्त करता है। साथ ही एसबीआई स्वीप-इन एफडी के तहत पैसों की जरूरत पड़ने पर बिना किसी जुर्माने के पैसों को निकाला भी जा सकता है।

गारंटीड प्लान
(बीमा कंपनियों द्वारा)फिक्स्ड डिपॉजिट
(बैंकों द्वारा प्रदान)सेविंग अकाउंट
(पोस्ट ऑफिस)पूरी तरह से टैक्स-फ्री, जीवन कवर शामिल
भारतीय स्टेट बैंक की स्वीप-इन एफडी एक ऐसी विशेष सुविधा है, जिसके माध्यम से आपके सेविंग अकाउंट की अतिरिक्त राशि को बैंक अपने आप सावधि जमा में निवेश कर देता है। इससे आपको बचत खाते पर मिलने वाले औसतन 3% ब्याज की तुलना में एसबीआई एफडी ब्याज दरों के अनुसार अधिक ब्याज मिलता है।
यदि आपके सेविंग अकाउंट में अक्सर ऐसी राशि जमा रहती है, जिसका आप तत्काल उपयोग नहीं करते, तो स्वीप-इन के माध्यम से उसे सावधि जमा में निवेश करना एक बेहतरीन विकल्प है इससे आपका पैसा रखे-रखे बढ़ता रहेगा।
एसबीआई स्वीप-इन एफडी कैसे काम करती है, यह समझना बेहद सरल है। जब आप स्वीप-इन सुविधा को एक्टिवेट करतें है, तो बैंक आपके सेविंग अकाउंट के लिए एक लिमिट तय कर देता है। इसके बाद लिमिट तक राशि आपके बचत खाते में ही रहती है और अतिरिक्त राशि को एफडी में निवेश कर दिया जाता है। चलिए इसे उदाहरण की सहायता से समझते है:
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एसबीआई स्टेट बैंक स्वीप-इन सावधि जमा की निम्नलिखित विशेषताएं है:
एसबीआई स्वीप-इन सावधि जमा के निम्नलिखित लाभ है:
भारतीय स्टेट बैंक स्वीप-इन एफडी में आवेदन करने के लिए बताई गई प्रक्रिया का पालन करें:
भारतीय स्टेट बैंक स्वीप-एफडी के तहत आपके बचत खाते में रखी ऐसी राशि जिसका आपको तत्काल उपयोग नहीं है, वह बैंक द्वारा एफडी में निवेश कर दी जाती है। इससे आपका पैसा बचत खाते के ब्याज पर नहीं बल्कि एसबीआई एफडी ब्याज दर पर ब्याज कमाता है। स्वीप-इन के माध्यम से की गई सावधि जमा में आपका पैसा लॉक नहीं होता है, आप जरूरत पड़ने पक अपने पैसे को निकाल सकते है।