भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की पॉलिसी लाखों लोगों के लिए वित्तीय सुरक्षा का मजबूत आधार है। लेकिन कभी-कभी जीवन की परिस्थितियां बदल जाती हैं और पॉलिसी को परिपक्वता से पहले सरेंडर करना पड़ता है। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल होता है कि एलआईसी सरेंडर वैल्यू कैसे चेक करें। सरेंडर वैल्यू वह राशि है जो आपको पॉलिसी रद्द करने पर मिलती है। यह आपको आर्थिक नुकसान से बचाती है और आगे की प्लानिंग में मदद करती है।
Read more
एलआईसी योजनाओं के लाभ-
एलआईसी पॉलिसी ऑनलाइन परेशानी मुक्त खरीदें
धारा 80सी और 10(10डी) के तहत कर बचत^
उच्च रिटर्न वाली बाज़ार लिंक योजनाएँ
एलआईसी अधिनियम की धारा 37 के अनुसार संप्रभु गारंटी
इस लेख में हम आपको सरेंडर वैल्यू की पूरी जानकारी देंगे – यह क्या है, कब मिलती है, कैसे कैलकुलेट होती है और सबसे जरूरी एलआईसी सरेंडर वैल्यू कैसे चेक करें की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया। चाहे आप ऑनलाइन तरीके से चेक करना चाहें या ऑफलाइन, सब कुछ विस्तार से समझाया गया है।
सरेंडर वैल्यू पॉलिसी को बीच में बंद करने पर मिलने वाली राशि होती है। यदि आप पूरी अवधि तक प्रीमियम भरते रहें, तो परिपक्वता पर पूरी राशि और बोनस मिलता है। लेकिन यदि आप सरेंडर करते हैं, तो कुछ कटौती के बाद राशि वापस मिलती है। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है जिन्हें तुरंत पैसों की जरूरत पड़ जाए या पॉलिसी जारी रखना संभव न हो।
ज़्यादातर एलआईसी (LIC) की पॉलिसियों में सरेंडर वैल्यू तभी मिलती है जब कम से कम 2 पूरे साल का प्रीमियम भरा गया हो। इससे पहले सरेंडर करने पर कुछ नहीं मिलता। सरेंडर वैल्यू दो प्रकार की होती है:
गारंटीड सरेंडर वैल्यू (GSV)
यह न्यूनतम राशि होती है जो कुल भरे प्रीमियम का 30% (पहले साल का प्रीमियम और अतिरिक्त प्रीमियम छोड़कर) होती है। पार्टिसिपेटिंग पॉलिसी में जमा बोनस भी जुड़ता है।
स्पेशल सरेंडर वैल्यू (SSV)
यह आमतौर पर ज्यादा होती है और कंपनी के सरेंडर वैल्यू फैक्टर पर आधारित होती है। इसमें पेड-अप वैल्यू को डिस्काउंट फैक्टर से गुणा किया जाता है।
आपको जो राशि मिलेगी, वह इन दोनों में से ज्यादा वाली होगी। सरेंडर करने से पहले वैल्यू चेक करना जरूरी है क्योंकि एक बार सरेंडर करने के बाद पॉलिसी हमेशा के लिए बंद हो जाती है और जीवन बीमा कवर खत्म हो जाता है।
एलआईसी सरेंडर वैल्यू कैसे चेक करें?
एलआईसी की सरेंडर वैल्यू को चेक करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीके मौजूद हैं जो कि नीचे दिए गए हैं:
ऑनलाइन तरीका:
आज के डिजिटल युग में एलआईसी सरेंडर वैल्यू कैसे चेक करें का सबसे आसान तरीका ऑनलाइन है। एलआईसी (LIC) का कस्टमर पोर्टल इस काम को बहुत सरल बनाता है। यहां स्टेप-बाय-स्टेप गाइड है:
स्टेप 1: रजिस्ट्रेशन करें (यदि नया यूजर है): एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। कस्टमर पोर्टल सेक्शन में "New User" पर क्लिक करें। अपनी पॉलिसी डिटेल्स, मोबाइल नंबर, ईमेल और अन्य जानकारी भरकर रजिस्टर करें। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद अकाउंट एक्टिवेट हो जाएगा।
स्टेप 2: लॉगिन करें: यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।
स्टेप 3: पॉलिसी चुनें: डैशबोर्ड पर अपनी पॉलिसी लिस्ट दिखेगी। जिस पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू चेक करनी है, उसे चुनें।
स्टेप 4: पॉलिसी डिटेल्स देखें:"Policy Status" या "View Policy Details" विकल्प पर क्लिक करें। यहां आपको प्रीमियम डिटेल्स, बोनस, लोन विकल्प और सरेंडर वैल्यू दिखाई देगी। कुछ पॉलिसी में "Surrender Quote" का अलग विकल्प होता है।
स्टेप - 5 सरेंडर कोट प्राप्त करें: यदि डायरेक्ट नहीं दिख रहा, तो "Online Service Request" में सरेंडर कोट रिक्वेस्ट करें। कुछ घंटों या दिनों में वैल्यू आपके पोर्टल पर दिख जाएगी।
यह तरीका मुफ्त और सुरक्षित है। यदि कोई दिक्कत आए, तो हेल्पलाइन नंबर 1800-33-4433 पर कॉल करें।
ऑफलाइन तरीका
यदि ऑनलाइन सुविधा नहीं इस्तेमाल करना चाहते, तो ऑफलाइन तरीके भी उपलब्ध हैं जो कि निम्नलिखित हैं:
नजदीकी LIC ब्रांच विजिट करें:अपनी पॉलिसी डॉक्यूमेंट और आईडी प्रूफ लेकर एलआईसी ब्रांच जाएं। काउंटर पर सरेंडर वैल्यू इंक्वायरी फॉर्म भरें। स्टाफ तुरंत कैलकुलेशन करके बता देगा।
एजेंट से संपर्क करें: आपके पॉलिसी एजेंट से बात करें। वे पॉलिसी डिटेल्स से वैल्यू कैलकुलेट कर सकते हैं।
हेल्पलाइन कॉल करें: एलआईसी (LIC) की टोल-फ्री नंबर 1800-33-4433 पर कॉल करके पॉलिसी नंबर बताएं। वे गाइड करेंगे या वैल्यू बता सकते हैं।
Calculate your LIC Premium
Years
₹
Years
15
20
25
30
Lifetime income
₹1.68 Lacs
Total returns
₹3.22 Cr
*for market linked plans only
सरेंडर वैल्यू की अनुमानित गणना कैसे करें?
यदि तुरंत आपको जानकारी चाहिए, तो खुद कैलकुलेट कर सकते हैं:
GSV फॉर्मूला: (कुल भरे प्रीमियम – पहला साल प्रीमियम – एक्स्ट्रा प्रीमियम) × 30% + जमा बोनस (यदि हो)
स्पेशल सरेंडर वैल्यू के लिए कंपनी के फैक्टर टेबल देखें जो कि ब्रोशर में उपलब्ध होते हैं।
उदाहरण: मान लीजिए 10 साल में 5 लाख प्रीमियम भरा (पहला साल 50,000 छोड़कर), तो GSV लगभग 1.35 लाख + बोनस। लेकिन सटीक वैल्यू के लिए कंपनी से चेक करें।
सरेंडर करने से पहले ध्यान रखने वाली बातें
सरेंडर अंतिम विकल्प होना चाहिए क्योंकि:
जीवन बीमा कवर खत्म हो जाता है
कर संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं
परिपक्वता पर सरेंडर से ज्यादा राशि मिलती है।
विकल्प जैसे पॉलिसी लोन या पेड-अप बनाना बेहतर हो सकता है।
सरेंडर वैल्यू को प्रभावित करने वाले फैक्टर
सरेंडर वैल्यू कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे:
भरे गए प्रीमियम की संख्या और राशि
पॉलिसी का प्रकार (एंडोमेंट, मनी बैक, यूलिप आदि)
पॉलिसी अवधि और बीत चुका समय
जमा बोनस (पार्टिसिपेटिंग प्लान में)
सरेंडर फैक्टर (जो साल-दर-साल बढ़ता है)
यदि आपने ज्यादा साल प्रीमियम भरा है, तो वैल्यू ज्यादा मिलेगी। यूलिप प्लान में फंड वैल्यू और चार्जेस भी प्रभावित करते हैं।
सारांश में
एलआईसी सरेंडर वैल्यू कैसे चेक करें अब आपके लिए आसान हो गया होगा। ऑनलाइन पोर्टल सबसे सुविधाजनक है, जबकि ऑफलाइन विश्वसनीय। सरेंडर करने से पहले अच्छे से सोचें और वैल्यू चेक करके ही निर्णय लें। एलआईसी की योजनाएं लंबी अवधि के लिए बनाई गई हैं, इसलिए इनको जारी रखना फायदेमंद होता है। यदि कोई संदेह हो, तो एजेंट या ब्रांच से सलाह लें।
आमतौर पर :contentReference[oaicite:0]{index=0} (LIC) की पारंपरिक पॉलिसियों में कम से कम 2 पूरे साल का प्रीमियम भरने के बाद ही सरेंडर वैल्यू बनती है। इससे पहले पॉलिसी सरेंडर करने पर कोई राशि देय नहीं होती।
गारंटीड और स्पेशल सरेंडर वैल्यू में क्या अंतर है?
गारंटीड सरेंडर वैल्यू न्यूनतम सुनिश्चित राशि होती है, जो आमतौर पर कुल जमा प्रीमियम (पहले वर्ष का प्रीमियम छोड़कर) का लगभग 30% होती है। स्पेशल सरेंडर वैल्यू इससे अधिक हो सकती है और यह कंपनी द्वारा तय किए गए फैक्टर व पॉलिसी की अवधि पर निर्भर करती है।
ऑनलाइन सरेंडर वैल्यू चेक करने के लिए क्या चाहिए?
ऑनलाइन सरेंडर वैल्यू देखने के लिए पॉलिसी नंबर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी और कस्टमर पोर्टल पर लॉगिन क्रेडेंशियल्स की आवश्यकता होती है। नए यूज़र को पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है।
सरेंडर करने पर टैक्स प्रभाव क्या होता है?
यदि पॉलिसी 5 वर्ष पूरे होने से पहले सरेंडर की जाती है, तो पहले प्राप्त कर लाभ (धारा 80C) रद्द हो सकते हैं और प्राप्त राशि पर आयकर नियमों के अनुसार टैक्स लागू हो सकता है।
सरेंडर के अलावा अन्य विकल्प क्या हैं?
सरेंडर करने के बजाय आप पॉलिसी पर लोन ले सकते हैं, उसे पेड-अप पॉलिसी में बदल सकते हैं या प्रीमियम हॉलिडे (यदि योजना में उपलब्ध हो) का विकल्प चुन सकते हैं। ये विकल्प पॉलिसी को बंद किए बिना वित्तीय लचीलापन प्रदान करते हैं।
*All savings are provided by the insurer as per the IRDAI approved insurance plan. Standard T&C Apply
^Trad plans with a premium above 5 lakhs would be taxed as per applicable tax slabs post 31st march 2023
+Returns Since Inception of LIC Growth Fund
~Source - Google Review Rating available on:- http://bit.ly/3J20bXZ
++Returns are 10 years returns of Nifty 100 Index benchmark
˜The insurers/plans mentioned are arranged in order of highest to lowest first year premium (sum of individual single premium and individual non-single premium) offered by Policybazaar’s insurer partners offering life insurance investment plans on our platform, as per ‘first year premium of life insurers as at 31.03.2025 report’ published by IRDAI. Policybazaar does not endorse, rate or recommend any particular insurer or insurance product offered by any insurer. For complete list of insurers in India refer to the IRDAI website www.irdai.gov.in