हिन्दू अविभाजित परिवार का मतलब Hindu Undivided Family है। यह एक कानूनी इकाई है, आमतौर पर जब एक ही परिवार के सदस्य एक साथ रहते हैं, मिलकर कमाते हैं और संयुक्त रूप से संपत्ति का प्रबंधन करते है तो उसे HUF कहा जाता है। यह परिवार हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन धर्म के तहत बन सकता है और HUF को हिंदू कानून और भारतीय आयकर विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त है।
हिंदू अविभाजित परिवार की धारणा भारत के संयुक्त परिवार प्रणाली पर आधारित है। भारतीय कानून में हिन्दू अविभाजित परिवार को एक स्वतंत्र कानूनी इकाई के रूप में मान्यता प्राप्त है, जिसके नाम पर अलग PAN कार्ड और बैंक खाता खोला जा सकता है।
HUF के अंतर्गत परिवार का मुख्य जो सबसे बडा पुरुष होता है, वह कर्ता, उसके बच्चे संपत्ति के वारिस और पत्नी सदस्य कहलाती है। पहले केवल पुरुष को ही कर्ता बनाया जा सकता था, हालांकि 2016 के बाद से महिलाएं भी HUF की कर्ता बन सकती है।
हिन्दू अविभाजित परिवार के सदस्य आमतौर पर परिवार के ही सदस्य होते हैं और यह पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है। इस सूची में पत्नी, बच्चे व उनके जीवनसाथी शामिल है। आमतौर पर परिवार के सबसे बडे पुरुष को HUF कर्ता माना जाता है। कर्ता को विशेष हक प्राप्त होते है, जीवन साथी को HUF का सदस्य माना जाता है और बच्चें संपत्ति के वारिस होते है, जो अपना हक कभी भी प्राप्त कर सकते है।
हिन्दू अविभाजित परिवार का निर्माण करने से पहले निम्नलिखित शर्तों के अधीन होना आवश्यक है:
टैक्स लाभ प्राप्त करने के लिए HUF एक लोकप्रिय विकल्प है। देश के तमाम परिवार टैक्स बचाने के लिए HUF बनाते है। यहाँ जानिएं HUF किस प्रकार से कर लाभ प्रदान करता हैछ
हिन्दू अविभाजित परिवार बनाने के विभिन्न लाभ है, लेकिन इसकी सीमाओं के बारें में जानना भी अत्यंत आवश्यक है:
हिन्दू अविभाजित परिवार एक टैक्स सेविंग विकल्प है। भारत में कई लोग टैक्स बचाने के लिए इसका सहारा लेते है। आमतौर पर HUF बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है, जब कोई व्यक्ति शादि करता है और उसके बच्चे होते है तो HUF बन जाता है। परिवार का मुख्या या कर्ता आमतौर पर पिता या दादा को माना जाता है। हालांकि 2016 के बाद से माताएं भी कर्ता बन सकती है। हिन्दू अविभाजित परिवार के लाभ होने के साथ-साख विभिन्न नुकसान या कहे सीमाएं भी है जिन्हे जानना जरूरी हैं।
˜The insurers/plans mentioned are arranged in order of highest to lowest first year premium (sum of individual single premium and individual non-single premium) offered by Policybazaar’s insurer partners offering life insurance investment plans on our platform, as per ‘first year premium of life insurers as at 31.03.2025 report’ published by IRDAI. Policybazaar does not endorse, rate or recommend any particular insurer or insurance product offered by any insurer. For complete list of insurers in India refer to the IRDAI website www.irdai.gov.in
*All savings are provided by the insurer as per the IRDAI approved insurance plan.
^The tax benefits under Section 80C allow a deduction of up to ₹1.5 lakhs from the taxable income per year and 10(10D) tax benefits are for investments made up to ₹2.5 Lakhs/ year for policies bought after 1 Feb 2021. Tax benefits and savings are subject to changes in tax laws.
¶Long-term capital gains (LTCG) tax (12.5%) is exempted on annual premiums up to 2.5 lacs.
++Source - Google Review Rating available on:- http://bit.ly/3J20bXZ

