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Best ULIP Funds - Consider the best performing ULIP funds to invest in 2025 with Policybazaar. Find the list of best ULIP funds in India on the basis of Returns, Latest Nav, Fund Size and Categories
यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) यह एक ऐसा वित्तिय प्रोडक्ट है, जो आपको बीमा और निवेश दोनो का लाभ प्रदान करता है। भारत मे इसकी शुरुआत 1971 मे इस सोच के साथ की गई थी कि लोग एक ही प्रोडक्ट के ज़रिए निवेश भी कर सकें और बीमा सुरक्षा भी पा सकें। यह योजना बीमा और निवेश के फायदो के साथ कई अन्य लाभ भी प्नदान करती है ।
Fund Details |
Fund Size |
NAV |
5 Year |
7 Year |
10 Year |
|
---|---|---|---|---|---|---|
High Growth Fund
Fund Size: 10,554 Cr
|
10,554 Cr |
112.94 1.59% |
28.6% Highest Returns |
21.1% |
17.8% |
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India Consumption Fund
Fund Size: 2,211 Cr
|
2,211 Cr |
61.45 0.73% |
25.48% Highest Returns |
20% |
19.89% |
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Accelerator Mid-Cap Fund II
Fund Size: 5,681 Cr
|
5,681 Cr |
79.8 1.03% |
19.39% Highest Returns |
11.93% |
14.38% |
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Opportunities Fund
Fund Size: 36,935 Cr
|
36,935 Cr |
75.5 0.78% |
20.73% Highest Returns |
14.01% |
14.14% |
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Best ULIP Funds - Consider the best performing ULIP funds to invest in 2025 with Policybazaar. Find the list of best ULIP funds in India on the basis of Returns, Latest Nav, Fund Size and Categories
Returns as on 28-08-2025. The returns are the returns of best-performing fund in the plan
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यूलिप यानी यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान एक ऐसा वित्तीय प्रोडक्ट है जो बीमा और निवेश दोनों का लाभ एक साथ प्रदान करता है। जब आप यूलिप में पैसा लगाते हैं, तो आपके द्वारा भरे गए प्रीमियम का एक हिस्सा आपके जीवन बीमा के लिए इस्तेमाल किया जाता है , जिससे किसी अनहोनी की स्थिति में आपके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। बाकी का हिस्सा अलग-अलग निवेश फंड्स में लगाया जाता है। आपके पैसे को बाजार में लगाया जाता है, जिससे लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना होती है। आप विभिन्न प्रकार के विकल्पों का चयन कर सकते है - चाहे वह इक्विटी हो, टैक्स हो, या दोनों का मिश्रण हो।
ULIP पॉलिसी धारक को उनके हिसाब से जोखिम उठाने की सुविधा देता है, यूलिप योजनाएँ आपको अपने आर्थिक लक्ष्यों के अनुसार राशि को चुनने और उसे सही जगह पर लगाने की सुविधा प्रदान करती हैं। इसके अलावा, ये योजनाएँ आयकर अधिनियम, 1961 के तहत टैक्स लाभ भी प्रदान करती हैं।
भारत में कुछ सबसे अच्छी यूलिप योजनाएं नीचे दी गई हैं
योजना के नाम | प्रवेश आयु | न्यूनतम निवेश राशि (वार्षिक) | 10 साल का रिटर्न |
बजाज आलियांज इन्वेस्ट प्रोटेक्ट लक्ष्य | अठारह वर्ष | ₹50,400 | 21.4% |
टाटा एआईए स्मार्ट संपूर्ण रक्षा | अठारह वर्ष | ₹20,672 | 19.2% |
एचडीएफसी लाइफ संपूर्ण निवेश | अठारह वर्ष | ₹12,000 | 27.5% |
एचडीएफसी लाइफ क्लिक2इन्वेस्ट | अठारह वर्ष | ₹12,500 | 27.5% |
टाटा एआईए फॉर्च्यून प्रो | अठारह वर्ष | ₹12,000 | 21.2% |
बजाज आलियांज गोल एश्योर II | अठारह वर्ष | ₹36,000 | 23.3% |
बजाज आलियांज स्मार्ट वेल्थ लक्ष्य III | अठारह वर्ष | ₹24,000 | 23.2% |
आदित्य बिड़ला वेल्थ एस्पायर योजना | अठारह वर्ष | ₹40,000 | 19.3% |
पीएनबी मेटलाइफ मेरा वेल्थ प्लान | अठारह वर्ष | ₹12,000 | 18.3% |
भारती एक्सा वेल्थ मैक्सिमाइज़र | अठारह वर्ष | ₹24,000 | 17.1% |
कोटक लाइफ ई-इन्वेस्ट | अठारह वर्ष | ₹12,000 | 16% |
एडलवाइस टोकियो वेल्थ सिक्योर+ | 0 वर्ष | ₹12,000 | 15% |
भविष्य का जेनराली बड़ा सपना | अठारह वर्ष | ₹18,000 | 14.3% |
एलआईसी एसआईआईपी योजना | 18 वर्ष | ₹30,000 | 16.9% (आरएसआई) |
एसबीआई लाइफ ईवेल्थ इंश्योरेंस | 5 साल | ₹24,000 | 16.1% (आरएसआई) |
आईसीआईसीआई प्रू लाइफटाइम क्लासिक | 0 वर्ष | ₹30,000 | 21.6% |
अवीवा आई-ग्रोथ | अठारह वर्ष | ₹48,000 | 13.8% |
भारत मे निवेशक को यूलिप योजनाएँ चुनते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का धयान रखना चाहिए। जैसे-
यूलिप योजना का चयन ऐसे करे कि वह आपके भविष्य के पैसों के लक्ष्य और कितने समय के लिए निवेश करना है, उसके अनुसार हो।"
अपनी उम्र, परिवार की योजना और आने वाली ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए बीमा साफ-साफ तय करे।
एजुकेशन फंड से लेकर रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों तक, सोच समझ कर निवेश लक्ष्य तय करने में समय व्यतीत करें।
ऐसे यूलिप की तलाश करें जो आपके विशिष्ट निवेश लक्ष्यों के अनुरूप हों और उन्हें पूरा करें।
अलग अलग यूलिप योजनाओं की विशेषताओं और लाभों की अच्छी तरह तुलना करें।
सुविधाजनक और सटीक विश्लेषण के लिए ऑनलाइन इन्शुरन्स कंपेरीज़न (online insurance comparison) पोर्टल का उपयोग करें।
अपने निवेश के समय के अनुसार यह देखें कि पॉलिसी कितनी फ्लेक्सिबिल है।
हाइब्रिड, इक्विटी या डेट यूलिप प्लान चुनकर निवेश फ्लेक्सिबिलिटी का आकलन करें।
अपनी उम्र और पैसों के अनुसार यह समझना जरुरी है कि आप कब कितना जोखिम उठा सकते है फिर उसी हिसाब से इक्विटी या डेब्ट में निवेश करें।
युवा लोग ज़्यादा मुनाफे के लिए शेयर बाजार (इक्विटी) में पैसा लगा सकते हैं, जबकि जो लोग पैसों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते है वे फिक्स्ड इनकम वाले साधनों का चयन कर सकते है ।
शुरु में लगने वाले शुल्क, कटौती शुल्क और फंड को संभालने के लिए लगने वाले शुल्क जैसी विभिन्न फीस के बारे में पहले से अच्छी तरह जान लें उसके बाद ही कुछ करे। इससे आपके और कंपनी के बीच पारर्दशिता बनी रहेगी।
आपकी वित्तीय प्राथमिकताओं के अनुरूप यूलिप योजना का चयन करने के लिए शुल्कों का ज्ञान आवश्यक है।
हर यूलिप योजना की विशेषताओं और लाभों को समझें।
ऐसी योजना चुनें जो आपकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं और वित्तीय उद्देश्यों के लिए सबसे उपयुक्त हो।
पिछले तीन से चार वर्षों में यूलिप योजना के प्रदर्शन की समीक्षा करें।
निफ्टी और सेंसेक्स जैसे बेंचमार्क सूचकांकों (INDEX) के रिटर्न से अपने निवेश के फायदे या नुकसान की तुलना करें।
निवेश संबंधी निर्णय लेने के लिए यूलिप फंडों के दीर्घकालिक प्रदर्शन की निगरानी करें।
ऐसी यूलिप योजनाएँ चुनें जो आपके आर्थिक लक्ष्यों के अनुसार सही हो।
यूलिप एक ऐसी योजना है जो बीमा और निवेश दोनों को एक साथ जोड़ती है। इसमें आप अपनी इच्छा अनुसार फंड बदल सकते है इसके अलावा टैक्स कटौती का फायदा (धारा 80सी के तहत), और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा टैक्स फ्री होता है। इस योजना में 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जिसकी वजह से निवेशक 5 साल तक पैसा नही निकाल सकते। यूलिप एक लंबी अवधि की योजना है जो आपके भविष्य की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है और आपके परिवार को जीवन बीमा का सुरक्षा कवर भी देती है। जिस वजह से ULIP एक लाभकारी निवेश योजना है।
दोहरा लाभ: यूलिप प्लान से आपको बीमा और निवेश का दोहरा लाभ प्रदान करता है। जहाँ आपके प्रीमियम का एक हिस्सा यह सुनिश्चित करता है कि आप जीवन बीमा से कवर हैं, वहीं दूसरा हिस्सा आपकी पसंद के विभिन्न फंड्स में निवेश किया जाता है।
फंड स्विच करने की फ्लेक्सिबिलिटी: यूलिप आपको एक निवेश रणनीति में बंद नहीं करता है। आप अपने निवेश उद्देश्यों और जोखिम सहनशीलता के आधार पर विभिन्न यूलिप फंडों के बीच स्विच कर सकते हैं।
अपने बच्चे के भविष्य की सुरक्षा: आगर आप अपने बच्चे के भविष्य पर विचार कर रहे हैं? चाइल्ड यूलिप प्लान ठीक इसी उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। वे एक असाधारण सुविधा के साथ आते हैं: "प्रीमियम की छूट।" यदि दुर्भाग्य से आपके साथ कोई अनहोनी हो जाती है या जैसे गंभीर बीमारी या विकलांगता, तो यह सुविधा सुनिश्चित करती है कि आपके बच्चे की पॉलिसी सक्रिय रहेगी।
लॉक-इन अवधि: यूलिप में 5 साल की लॉक-इन अवधि होती है। यह सिर्फ एक रैंडम नंबर नहीं है; यह अनुशासित निवेश को प्रोत्साहित करता है। इस अवधि से बंधक कर आप अपने आप को लंबे समय के लिए वित्तीय स्थिरता और अधिकतम रिटर्न की संभावना के लिए तैयार कर रहे हैं।
ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता): आप हमेशा जानते हैं कि आपका पैसा कहाँ जा रहा है। इसमें आपको यह जानकारी मिलती है कि आपने कितना पैसा निवेश किया है, आप पर कौन से शुल्क लगे हैं और आपको कितनी बीमा सुरक्षा मिली हुई है।
तरलता: प्रारंभिक लॉक-इन अवधि के बाद, जो कि 5 वर्ष है, आप किसी भी अप्रत्याशित आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए निकासी कर सकते हैं।
टैक्स लाभ: यूलिप योजना में निवेश करने से आपको आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कर कटौती का लाभ उठाने में मदद मिल सकती है। आपको मिलने वाली म्चयोरिटी आय धारा 10(10डी) के तहत कर-मुक्त है।
लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट: यूलिप योजना आपको लॉन्ग-टर्म सोचने के लिए प्रोत्साहित करती है। वर्षों में मिलने वाले लाभों के साथ, आपको निवेशित रहने और अपनी संपत्ति को बढ़ता हुआ देखने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
टॉप-अप सुविधा: अगर आपके पास अतिरिक्त पैसा है तो आप इसे टॉप-अप सुविधा के माध्यम से अपने यूलिप प्लान में निवेश कर सकते हैं, जिससे आपके फंड मूल्य और संभावित रिटर्न में बढोतरी होगी।
जीवन कवर: आपके प्रियजन हमेशा सुरक्षित रहते हैं। आपके निधन की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में, उन्हें बीमा राशि या फंड मूल्य, जो भी अधिक होगा, प्राप्त होगा।
प्रदर्शन ट्रैकिंग: यूलिप आपको अपने निवेश के प्रदर्शन की निगरानी करने की अनुमति देता है। आप देख सकते हैं कि आपका निवेश कैसा प्रदर्शन कर रहा है और स्विच करने या बने रहने के बारे में सोच-समझकर निर्णय ले सकते हैं।
धारा 80सी के तहत 1.5 लाख तक का यूलिप प्रीमियम कर बचत के लिए योग्य है। इसके अलावा, यूलिप से मेंचोरीती लाभ टैक्स-फ्री रहता है।
इन लाभों का लाभ उठाने के लिए, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि बीमा राशि या मृत्यु लाभ वार्षिक प्रीमियम का कम से कम 10 गुना हो। अगर यह शर्त पूरी नहीं होती, तो निेवेशक को कम टैक्स छूट मिलेगी (बीमा राशि का सिर्फ 10%) और पॉलिसी पूरी होने पर मिलने वाला रिर्टन टैक्स से छूट वाला नहीं रहेगा।
यूलिप पर टैक्स लाभ का क्लेम करना सरल है। प्रीमियम और मेंचोरीती आय पर धारा 80सी और 10(10डी) के तहत कर छूट का लाभ मिलता है, जिससे अतिरिक्त टैक्स लाभ के साथ वित्तीय सुरक्षा चाहने वालों के लिए यूलिप एक आकर्षक विकल्प बन जाता है।
अगर हम बीमा योजनाओं को उद्देश्य के अनुसार बाँटें
संपूर्ण जीवन यूलिप के माध्यम से आपके पास एक प्रभावी रिटायरमेंट योजना टूल है। इन योजनाओं का निवेश आपको लंबी अवधि में एक महत्वपूर्ण धनराशि जमा करने की सुविधा देता है। कल्पना करें कि आपकी रिटायरमेंट की जरूरतों के लिए एक बड़ी राशि तैयार है, जो आपके सेवा मुक्त होने के बाद सालाना आय के रूप में आपको भुगतान की जाएगी।
क्या आप बीसवें या तीसवें दशक के अंत में हैं? यूलिप समय के साथ बचत करने का आपका टिकट हो सकता है। इस योजना में निवेश करके, आपको अपने भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने की सुविधा मिलती है। इसे अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में सोचें।
एक माता-पिता के रूप में, आप अपने बच्चे की बेहतरीन शिक्षा चाहते हैं। ऐसे मे यें यूलिप प्लान प्रीमियम में छूट प्रदान करते है। अगर विकलांगता, कौई बीमारी या मृत्यु जैसी स्थिति आ जाए और आप प्रीमियम नहीं भर पाते, तो भी यह सुविधा आपकी पॉलिसी को जारी रखती है, ताकि आपके बच्चे के भविष्य के सपनों में कोई बाधा न आए।
यूलिप सिर्फ आम फायदों तक ही सीमित नहीं हैं। बल्कि ये आपको मेडिकल इमरजेंसी में भी पैसों की सहायता करता हैं। मतलब, अगर कोई स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी आती है, तो आपके पास इलाज के लिए जरूरी होंगे।
यूलिप योजनाएँ दो प्रकार में आती हैं: टाइप 1- मृत्यु पर अधिक भुगतान के साथ जीवन कवरेज को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि टाइप 2 निवेश को प्राथमिकता देता है, साथ ही मृत्यु पर फंड मूल्य की पेशकश करता है। दोनों योजनाएँ को आपके विभिन्न आर्थिक लक्ष्यों के हिसाब रुप दिया जा सकता है
पैरामीटर | टाइप 1 यूलिप प्लान | टाइप 2 यूलिप प्लान |
लॉक-इन अवधि | 5 साल | 5 साल |
निवेश विकल्प | इक्विटी, ऋण, या दोनों का मिश्रण | इक्विटी, ऋण, या दोनों का मिश्रण |
रिटर्न | बाज़ार से जुड़े रिटर्न | बाज़ार से जुड़े रिटर्न |
मृत्यु का लाभ | पॉलिसीधारक की मृत्यु पर योजनाएं नामांकित व्यक्ति को या तो बीमा राशि या उच्च फंड मूल्य का भुगतान करती हैं।
उदाहरण के लिए: यदि बीमा राशि ₹40 लाख है और फंड मूल्य ₹50 लाख है, तो लाभार्थी को फंड मूल्य प्राप्त होगा। |
योजनाएं बीमा राशि और फंड मूल्य का एक साथ भुगतान करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप उच्च प्रीमियम होता है और नामांकित व्यक्ति को बड़ा भुगतान मिलता है।
उदाहरण के लिए: यदि बीमा राशि ₹40 लाख है और फंड मूल्य ₹50 लाख है, तो लाभार्थी को ₹90 लाख (₹40 लाख बीमा राशि + ₹50 लाख फंड मूल्य) प्राप्त होगा। |
उद्देश्य | गारंटीशुदा मृत्यु लाभ भुगतान | उच्च रिटर्न |
के लिए उपयुक्त | रिस्क-टोलेरंट इन्वेस्टर्स | रिस्क-टोलेरंट इन्वेस्टर्स |
जोखिम में राशि | जैसे-जैसे समय के साथ फंड का मूल्य लगातार बढ़ता जाता है, बीमा कंपनी द्वारा सामना किए जाने वाले जोखिम की मात्रा तदनुसार कम हो जाती है। | जैसे-जैसे समय के साथ फंड का मूल्य लगातार बढ़ता जाता है, बीमा कंपनी द्वारा सामना किए जाने वाले जोखिम की मात्रा तदनुसार कम हो जाती है। |
यूलिप योजनाएँ इक्विटी, डेट और हाइब्रिड फंड (मिश्रित फंड) जैसे अलग-आलग फंड विकल्प प्रदान करती हैं। यह विविधता निवेशकों को जोखिम सहनशीलता और वित्तीय उद्देश्यों के आधार पर अपने पोर्टफोलियो को तैयार करने की अनुमति देती है।
इक्विटी फंड: अगर किसी व्यक्ति का लक्ष्य ज्यादा कमाई है, तो वह अपने पैसे कंपनियों के शेयरों में लगाता है। लेकिन शेयर बाजार में फेर बदल होते रहते हैं, इसलिए इसमें जोखिम होता है। यह तरीका उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो लंबे समय तक निवेश करना चाहते हैं और जोखिम उठाने की क्षमता रखते है ।
डेट फंड: यहाँ पैसे को बॉंड में लगाया जाता है जो तय रिर्टन देते हैं। इसमें रिस्क काफी कम होता है और रिटर्न भी स्थिर रहता है। यह उनके लिए अच्छा है जो अपना पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं।
हाइब्रिड फंड: इक्विटी और डेट फंड का मिश्रण, संतुलित जोखिम और रिटर्न देता है, जो स्थिरता के साथ मध्यम गति से विकास की संभावना प्रदान करता है। यह उनके लिए उपयुक्त है जो सीमित जोखिम के साथ इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं।
प्रीमियम का एक हिस्सा जीवन कवरेज सुरक्षित करता है, जबकि शेष राशि आपके द्वारा चुने गए फंड में निवेश किया जाता है। पॉलिसीधारक लक्ष्यों के आधार पर फंड स्विच कर सकते हैं। फंड मूल्य या बीमा राशि अवधी पूरी होने पर या मृत्यु पर प्रदान की जाती है।
सर्वोत्तम यूलिप योजनाएँ जीवन बीमा कवरेज को निवेश के अवसरों के साथ जोड़ती हैं।
आपके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम का एक हिस्सा जीवन बीमा प्रदान करने में खर्च किया जाता है, जबकि बाकी हिस्सा आपके निवेश उद्देश्य और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर विभिन्न फंडों में निवेश किया जाता है।
निवेश घटक आपके द्वारा चुने गए मिड कैप फंड, लार्ज कैप फंड, डेट फंड और बैलेंस्ड फंड जैसे फंडों के प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। अगर उस फंड की वैल्यू बढ़ती है जिसमें आपने निवेश किया है , तो आपके यूलिप का पैसा भी बढ़ेगा। और अगर फंड की वैल्यू घटती है, तो आपके यूलिप की वैल्यू भी कम हो जाएगी।
यूलिप प्लान निवेशकों को बाजार की स्थितियों और प्रदर्शन के अनुसार विभिन्न फंडों के बीच स्विच करने की सुविधा प्रदान करता है।
यूलिप योजनाओं को समझने के लिए, यहाँ एक उदाहरण दिया गया है:
30 वर्षीय व्यक्ति आकाश ने 20 वर्षों के लिए यूलिप योजना में निवेश किया। वह सालाना रुपये का प्रीमियम चुकाता है। 10 वर्षों के लिए 50,000।
पॉलिसी विवरण:
प्रारंभिक बीमा राशि = रु. 5,00,000 (वार्षिक प्रीमियम x 10)
वार्षिक प्रशासन और अन्य शुल्क = रु. 2500
कुल वार्षिक निवेश = रु. 47,500
प्रारंभिक एनएवी मूल्य = रु. 10
खरीदी गई यूनिट्स = (47500/10) = 4750
मृत्यु लाभ | मैच्योरिटी लाभ |
यदि पॉलिसी अवधि के भीतर आकाश की मृत्यु हो जाती है तो नामांकित व्यक्ति को भुगतान = रु. 5,00,000 (बीमा राशि) या फंड वैल्यू (जो भी अधिक हो)। | यदि आकाश जीवित है तो मैच्योरिटी के समय भुगतान किया जाता है, जो कि फंड वैल्यू है। |
यूलिप योजना बीमा और निवेश लाभ चाहने वाले निवेशकों को निवेश करना चाहेए, यूलिप में आप अपने आर्थिक लक्ष्यों के हिसाब से फंड चुनने की सुविधा मिलती है। ऐसे मे आप चाहें तो शेयरों बाजार में पैसा लगाकर ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं, लेकिन इसमे जोखिम भी थोड़ा ज्यादा होता है।
निवेशकों के विभिन्न वर्गों के लिए यूलिप योजनाएँ इस प्रकार है
दीर्घकालिक निवेशक: यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो दीर्घकालिक निवेश में विश्वास करते हैं और कम से कम 10-15 वर्षों की अवधि के लिए प्रतिबद्ध रह सकते हैं, तो यूलिप आपके लिए उपयुक्त हो सकता है।
जोखिम लेने वाले: क्योकि यूलिप का एक हिस्सा बाजार से जुड़े फंडों में निवेश किया जाता है, इसलिए इसमें जोखिम शामिल होता है। यदि आपमें जोखिम लेने की क्षमता है और बाजार के उतार-चढ़ाव को समझते हैं, तो यूलिप योजना आपको पसंद आ सकती है।
दोहरे लाभ की तलाश: क्या आप एक ही योजना के तहत बीमा और निवेश दोनों की तलाश कर रहे हैं? यूलिप योजनाएँ दोहरा लाभ प्रदान करती हैं, जो उन्हें संयुक्त पैकेज चाहने वालों के लिए उपयुक्त बनाती हैं।
टैक्स बचतकर्ता: यूलिप योजना भुगतान किए गए प्रीमियम के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर लाभ प्रदान करती है। यदि आप टैक्स बचाने का लक्ष्य बना रहे हैं, तो यह एक अतिरिक्त प्रोत्साहन हो सकता है।
फ्लैक्सिबल निवेशक: यदि आपको बाजार की स्थितियों के आधार पर फंडों के बीच स्विच करने में सक्षम होने का विचार पसंद है, तो यूलिप योजनाएँ यह फ्लैक्सिबिलिटी प्रदान करती हैं। आप बाजार के प्रदर्शन और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर अपने निवेश को इक्विटी से डेट फंड में और इसके विपरीत स्थानांतरित कर सकते हैं।
गोल-ओरिएंटेड: यदि आपके पास विशिष्ट वित्तीय लक्ष्य हैं जैसे घर खरीदना, अपने बच्चे की शिक्षा के लिए धन देना, या रिटायरमेंट की योजना बनाना, तो यूलिप योजना को इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपकी सहायता के लिए व्यवस्थित किया जा सकता है।
तत्काल तरलता की तलाश नहीं: यूलिप आमतौर पर 5 सान की लॉक-इन अवधि के साथ आते हैं। अगर आपको पैसे की तुरंत जरूरत नहीं है और आप कुछ वर्षो तक इंतजार कर सकते हैं, तो यूलिप योजना आपके लिए सही हो सकती है।
यहाँ बताया गया है कि आपको यूलिप योजनाओं में निवेश पर विचार क्यों करना चाहिए:
ज्यादा रिटर्न: यूलिप योजनाएं 10 साल की अवधि में 12% -15% तक आकर्षक रिटर्न प्रदान करती हैं। बैलेंस्ड, इक्विटी और डेट फंड जैसे विकल्पों के साथ, निवेशक जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर अपनी पसंद बना सकते हैं। फंडों के बीच स्विच करने का लचीलापन निवेशकों को अधिकतम रिटर्न प्राप्त करने की अनुमति देता है।
परेशानी मुक्त स्टॉक प्रबंधन: यूलिप इक्विटी-आधारित मार्केट फंड में निवेश की अनुमति देते हैं, जो दैनिक स्टॉक निगरानी के बिना उच्च रिटर्न प्रदान करते हैं। बीमा कंपनियां और मैनेजर आपकी राशि को कहाँ और कैसे निवेश करना है, इस बात की जानकारी रखते है। और अक्सर बेहतर फैसले लेते हैं।, जिससे पॉलिसीधारक अपने निवेश की जानकारी आसानी से देख और समझ सकते हैं।
एकाधिक फंड विकल्प: यूलिप कई तरह के फंड विकल्प देते हैं, जिससे आप यह तय कर सकते हैं कि आपका पैसा कहाँ लगाया जाए सिर्फ शेयरों में, सिर्फ बॉंड जैसे सुरक्षित विकल्पों में आप पुराने रिटर्न और यूलिप की एनएवी (नेट एसेट वैल्यू) देखकर यह समझ सकते हैं कि कौन-सी योजना आपकी जरूरत और जोखिम सहने की क्षमता के हिसाब से सबसे बेहतर है।
ट्रांसपेरेंसी: यूलिप पारदर्शी होते हैं, यानी इनमें कुछ छिपा नहीं होता। पॉलिसीधारकों को सभी शुल्क, यूलिप का एनएवी और पहले मिला हुआ रिटर्न, यह सब बताया जाता है, यह ट्रांसपेरेंसी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप सर्वोत्तम यूलिप योजनाओं का चयन करने में सहायता करती है।
तरलता: यूलिप अक्सर 5 साल की लॉक-इन अवधि के साथ आती है । इसके बाद अगर कोई ज़रूरत या इमरजेंसी पडती है, तो आप कुछ पैसे निकाले जा सकते है। इसे आंशिक निकासी कहते हैं। यूलिप की एनएवी (नेट एसेट वैल्यू) बीमा कंपनी की वेबसाइट पर आसानी से मिल जाती है।
कम सरेंडर शुल्क: अत्यधिक सरेंडर शुल्क वाली पारंपरिक योजनाओं के विपरीत, यूलिप में उचित सरेंडर शुल्क होता है। यह सुविधा व्यक्तियों को लचीलापन और वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करते हुए महत्वपूर्ण वित्तीय हानि के बिना किसी योजना के अनुपयुक्त होने पर उससे बाहर निकलने की अनुमति देती है।
आज के वित्तीय स्थिति में, दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सूचित निवेश विकल्प बनाना महत्वपूर्ण है। यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) एक आकर्षक विकल्प के रूप में सामने आता है, जो लंबी अवधि में बचत करने की चाहत रखने वालों के लिए कई फायदे पेश करता है।
यूलिप 5 साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि के साथ आते हैं, जो अनुशासित निवेश आदतों को बढ़ावा देते हैं। यह प्रतिबद्धता सुनिश्चित करती है कि निवेशक लंबी अवधि तक निवेशित रहें, एक ठोस वित्तीय आधार तैयार करें और अधिकतम रिटर्न प्राप्त करें।
यूलिप अपने इक्विटी लाभ के कारण कई अन्य निवेश विकल्पों से बेहतर प्रदर्शन करते हैं। प्रीमियम का आधा हिस्सा विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करके, यूलिप का लक्ष्य आवश्यक बीमा कवरेज प्रदान करते हुए मजबूत रिटर्न उत्पन्न करना है।
यूलिप निवेशकों को पॉलिसी अवधि के दौरान फंड के बीच स्विच करने की अनुमति देकर फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करते हैं। यह अनुकूलन क्षमता व्यक्तियों को इक्विटी, ग्रोथ, इनकम फंड और संतुलित पोर्टफोलियो जैसे विकल्पों में से चुनकर अपनी निवेश रणनीति को अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के साथ संरेखित करने में सक्षम बनाती है। आमतौर पर, निवेशक प्रति वर्ष अधिकतम चार निःशुल्क स्विच कर सकते हैं।
यूलिप के प्राथमिक आकर्षणों में से एक उनका दोहरा लाभ है - निवेश रिटर्न के साथ बीमा कवरेज का संयोजन। पॉलिसीधारक न केवल अपने प्रियजनों के लिए वित्तीय सुरक्षा सुरक्षित करते हैं, बल्कि कर छूट का भी आनंद लेते हैं, जिससे यूलिप एक आकर्षक और आकर्षक दीर्घकालिक निवेश विकल्प बन जाता है।
पैरामीटर | यूलिप ट्रेडिशनल प्लान्स | ट्रेडिशनल प्लान्स |
परिभाषा | यूलिप बाजार से जुड़ा निवेश साधन है, जो निवेश और सुरक्षा का दोहरा लाभ प्रदान करता है | ट्रेडिशनल प्लान्स योजनाएं आम तौर पर गारंटीकृत मेंचोरीती लाभ प्रदान करती हैं और कम जोखिम वाले रिटर्न विकल्पों में निवेश करती हैं। |
फ्लेक्सिबिलिटी | यूलिप योजनाओं में, बीमाधारक अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार विभिन्न फंडों में निवेश कर सकता है। | पारंपरिक योजनाएं कोई निवेश विकल्प प्रदान नहीं करती हैं। फंड विवरण के आधार पर फंड का निवेश किया जाता है। |
पारदर्शिता | अधिकांश यूलिप योजना पॉलिसीधारक को अपने पोर्टफोलियो को ट्रैक करने की अनुमति देती है। इसके अलावा, वे नियमित आधार पर अपने फंड के प्रदर्शन पर भी नज़र रख सकते हैं। | योजना के लिए भुगतान किया गया प्रीमियम फंड के साथ आम है। इस प्रकार, पॉलिसीधारक निवेश पोर्टफोलियो का ट्रैक नहीं रख सकता है। |
निकासी | यूलिप योजनाएं पॉलिसी अवधि के 5 वर्ष पूरे होने के बाद आंशिक निकासी का लाभ प्रदान करती हैं। | पारंपरिक योजना में, आंशिक निकासी पर प्रतिबंध होता है और यदि बीमाधारक इसे चुनता है तो उसे नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। |
स्विचिंग विकल्प | यूलिप योजनाएं एक वर्ष में एक निश्चित संख्या तक फंडों के बीच मुफ्त स्विच करने की सुविधा प्रदान करती हैं | पॉलिसीधारक को फंड बदलने की अनुमति नहीं है क्योंकि यह बीमा कंपनी द्वारा तय किया जाता है। |
मेंचोरीती | पॉलिसी की मेंचोरीती पर, बीमाधारक प्रचलित इकाई कीमतों के आधार पर रिटर्न भुना सकता है | पॉलिसी की मेंचोरीती पर, बीमाधारक को योजना के अनुसार गारंटीकृत मेंचोरीती लाभ और बोनस प्राप्त होता है। |
आयकर लाभ^ | आयकर अधिनियम की धारा 80सी और 10(10डी) के तहत आयकर लाभ प्राप्त किया जा सकता है | पारंपरिक योजना आयकर अधिनियम की धारा 80सी और 10(10डी) के तहत आयकर लाभ भी प्रदान करती है। |
वफ़ादारी लाभ | यूलिप के दीर्घकालिक निवेश पर लॉयल्टी लाभ दिया जाता है | कुछ पारंपरिक योजनाएं पॉलिसीधारकों को पूरी अवधि तक पॉलिसी जारी रखने के लिए वफादारी लाभ प्रदान करती हैं |
रिस्क फैक्टर | यह बाज़ार से जुड़ा उत्पाद है इसलिए इसमें जोखिम का तत्व भी है | ये योजनाएं कम जोखिम लेने की क्षमता वाले लोगों की जरूरतों को पूरा करती हैं |
आइए सर्वोत्तम यूलिप प्लान ऑनलाइन खरीदने के चरणों पर एक नज़र डालें:
स्टेप 1: ऑफिशियल पॉलिसीबाजार वेबसाइट पर जाए।
स्टेप 2: पहले पेज़ पर, आपको विभिन्न बीमा श्रेणियां मिलेंगी। 'यूलिप प्लान' विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 3: आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और अन्य प्रासंगिक जानकारी जैसे कुछ बुनियादी विवरण दर्ज करने के लिए कहा जाएगा। इससे पॉलिसीबाजार को आपकी प्रोफ़ाइल के आधार पर सबसे उपयुक्त यूलिप प्लान प्रदान करने में मदद मिलती है।
स्टेप 4: एक बार जब आप अपना विवरण दर्ज कर लेंगे, तो आपको विभिन्न बीमा प्रदाताओं की सर्वोत्तम यूलिप योजनाओं की एक सूची प्रस्तुत की जाएगी। आप इन योजनाओं की तुलना उनकी विशेषताओं, लाभ, प्रीमियम, फंड विकल्प और अन्य क्राइटेरिया के आधार पर कर सकते हैं।
स्टेप 5: तुलना करने के बाद, उस यूलिप योजना का चयन करें जो आपकी आवश्यकताओं के लिए सबसे उपयुक्त हो और 'अभी खरीदें' या 'आगे बढ़ें' बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 6: आपको एक विस्तृत फॉर्म पर ले जाया जाएगा जहां आपको अपने बारे में, अपने नामांकित व्यक्ति और अन्य प्रासंगिक विवरण के बारे में अधिक विशिष्ट जानकारी प्रदान करनी होगी।
स्टेप 7: यूलिप आपको अपनी जोखिम क्षमता के आधार पर विभिन्न फंडों में निवेश करने की अनुमति देता है। आप इक्विटी, डेट या हाइब्रिड फंड के बीच चयन कर सकते हैं। अपना चयन अपने निवेश लक्ष्यों और जोखिम सहनशीलता के आधार पर करें।
स्टेप 8: सभी विवरण भरने और अपना निवेश फंड चुनने के बाद, आपको भुगतान पृष्ठ पर निर्देशित किया जाएगा। आप क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई आदि जैसे विभिन्न तरीकों का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं।
स्टेप 9: एक बार आपका भुगतान सफल हो जाने पर, आपको एक पुष्टिकरण प्राप्त होगा, और पॉलिसी दस्तावेज़ आपके पंजीकृत ईमेल पते पर भेज दिया जाएगा। कुछ मामलो में बीमा कंपनियाँ आपके रजिस्टर पते पर फिज़िकल कॉपी भी भेज सकती हैं।
स्टेप 10: यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी विवरण सही हैं, पॉलिसी दस्तावेज़ की समीक्षा करें। दस्तावेज़ को डिजिटल और भौतिक दोनों प्रतियों में सुरक्षित रूप से संग्रहीत करें।
यूलिप कैलकुलेटर एक आसान ऑनलाइन टूल है जो यह बताता है कि आपके द्वारा किए गए निवेश, जोखिम और लक्ष्य के आधार पर आपको कितना प्रीमियम भरना होगा और आपको कितना रिटर्न मिल सकता है। यह टूल आपकी जानकारी के लिए कई बातों को ध्यान में रखकर हिसाब लगाता है। जैसे-
वह राशि जो आप निवेश करना चाहते हैं (मासिक/वार्षिक/एकमुश्त)
पॉलिसी अवधि (जिसके लिए आप निवेशित रहना चाहते हैं)
पीरियॉडिक इन्वेस्टमेंट अवधि (जिसके लिए आप प्रीमियम का भुगतान करना चाहते हैं)
वापसी की अपेक्षित दर
यूलिप NAV यानी नेट एसेट वैल्यू का मतलब होता है यूलिप फंड के एक हिस्से की कीमत। यह दिखाता है कि आपके निवेश की वर्तमान वैल्यू क्या है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि आपका निवेश कैसा प्रदर्शन कर रहा है और आपको कितना रिटर्न मिल सकता है। यूलिप एनएवी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपके निवेश की वैल्यु तय करता है। जब आप यूलिप में निवेश करते हैं, तो आप मौजूदा एनएवी पर यूनिट खरीदते हैं। आपके निवेश का मूल्य फंड के प्रदर्शन और एनएवी में बदलाव के आधार पर बढ़ेगा या घटेगा।
यूलिप एनएवी की गणना और प्रकाशन बीमा कंपनी द्वारा प्रतिदिन किया जाता है। आप अपने यूलिप फंड का एनएवी बीमा कंपनी की वेबसाइट पर या फंड की फैक्ट शीट में पा सकते हैं।
यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं को लेकर कई झुठी बाते हैं। आइए यूलिप योजना के कुछ सामान्य मिथकों को दूर करें:
मिथक 1: यूलिप जोखिम भरे वित्तीय साधन हैं
वास्तविकता: यूलिप योजनाएँ आंशिक निवेश और आंशिक बीमा का एक संयोजन हैं। चूँकि निवेशक यह चुन सकते हैं कि वे लोन, इक्विटी, या दोनों के संयोजन में निवेश करना चाहते हैं, निवेश जोखिम सभी के लिए अलग-अलग होता है। इक्विटी-लिंक्ड फंड सबसे अधिक जोखिम वाले होते हैं लेकिन सबसे अधिक रिटर्न देते हैं।
मिथक 2: अधिक शुल्क के कारण यूलिप महंगे हैं
हकीकत: यूलिप पर बहुत कम शुल्क लगता है। नए जमाने के यूलिप शून्य प्रीमियम आवंटन और व्यवस्थापक शुल्क जैसी सुविधाओं के साथ आते हैं।
मिथक 3: यूलिप अधिदेश जारी रहना
हकीकत: निवेशक 5 साल की लॉक-इन अवधि के बाद बिना किसी सरेंडर शुल्क के यूलिप योजना को बंद कर सकते हैं। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन 5 साल के बाद भी यूलिप में निवेश जारी रखना सर्वोत्तम हित में है क्योंकि यह लंबे समय में अधिक धनराशि जमा करने में मदद करता है।
मिथक 4: बाज़ार की अस्थिरता जीवन कवर को कम कर देती है
हकीकत: बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद जीवन कवर अपरिवर्तित रहता है। यदि पॉलिसी अवधि के दौरान बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है, तो यूलिप योजना या तो पूर्ण जीवन कवर या फंड मूल्य, जो भी अधिक हो, का भुगतान करती है।
नए ज़माने के यूलिप, यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं की एक नई पीढ़ी है जो पारंपरिक यूलिप की तुलना में कई लाभ प्रदान करते हैं। ये योजनाएँ अधिक लचीली, पारदर्शी और लागत प्रभावी हैं, जो इन्हें निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक विकल्प बनाती हैं।
नए ज़माने के यूलिप की कुछ प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:
कम शुल्क: नए जमाने के यूलिप में पारंपरिक यूलिप की तुलना में कम शुल्क होता है, जैसे प्रीमियम आवंटन शुल्क, फंड प्रबंधन शुल्क और पॉलिसी प्रशासन शुल्क। इससे लंबी अवधि में निवेशकों को अधिक रिटर्न मिल सकता है।
अधिक लचीलापन: नए जमाने के यूलिप निवेश विकल्पों, फंड स्विचिंग और आंशिक निकासी के मामले में अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं। यह निवेशकों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार अपनी निवेश रणनीति तैयार करने की अनुमति देता है।
पारदर्शिता: नए जमाने के यूलिप फंड प्रदर्शन और निवेश लागत के मामले में बेहतर पारदर्शिता प्रदान करते हैं। इससे निवेशकों को अपने निवेश के बारे में जानकारीपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलती है।
कुल मिलाकर, नए जमाने के यूलिप पारंपरिक यूलिप की तुलना में कई फायदे प्रदान करते हैं। लचीले, पारदर्शी और लागत प्रभावी निवेश विकल्प की तलाश कर रहे निवेशकों को नए जमाने के यूलिप में निवेश करने पर विचार करना चाहिए।
यूलिप, बीमा और निवेश का मिश्रण है यह दोहरे लाभ चाहने वालों के लिए एक अच्छा वित्तीय समाधान है। जबकि वे जीवन कवरेज की सुरक्षा प्रदान करते हैं, यूलिप का निवेश हिस्सा आपको पैसा जोड़ने का मौका देता है। बदलती हुई आर्थिक स्थिति में भी यूलिप एक समझदारी से सोचने वाले निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और अच्छा विकल्प माना जाता है।
*All savings are provided by the insurer as per the IRDAI approved insurance
plan. Standard T&C Apply
Tax benefit is subject to changes in tax laws
++Source - Google Review Rating available on:- http://bit.ly/3J20bXZ
^The tax benefits under Section 80C allow a deduction of up to ₹1.5 lakhs from the taxable income per year and 10(10D) tax benefits are for investments made up to ₹2.5 Lakhs/ year for policies bought after 1 Feb 2021. Tax benefits and savings are subject to changes in tax laws.
^^The information relating to mutual funds presented in this article is for educational purpose only and is not meant for sale. Investment is subject to market risks and the risk is borne by the investor. Please consult your financial advisor before planning your investments.
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