एसबीआई स्वीप-इन एफडी

एसबीआई स्वीप-इन एफडी पैसै कमाने का एक स्मार्ट तरीका है। इसके तहत भारतीय स्टेट बैंक आपके बचत खाते को सावधि जमा खाते से लिंक करता है। इसके बाद आपका पैसा सेविंग अकाउंट में रहते हुए भी एफडी जितना ब्याज प्राप्त करता है। साथ ही एसबीआई स्वीप-इन एफडी के तहत पैसों की जरूरत पड़ने पर बिना किसी जुर्माने के पैसों को निकाला भी जा सकता है।

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एसबीआई स्वीप-इन एफडी क्या है?

भारतीय स्टेट बैंक की स्वीप-इन एफडी एक ऐसी विशेष सुविधा है, जिसके माध्यम से आपके सेविंग अकाउंट की अतिरिक्त राशि को बैंक अपने आप सावधि जमा में निवेश कर देता है। इससे आपको बचत खाते पर मिलने वाले औसतन 3% ब्याज की तुलना में एसबीआई एफडी ब्याज दरों के अनुसार अधिक ब्याज मिलता है।

यदि आपके सेविंग अकाउंट में अक्सर ऐसी राशि जमा रहती है, जिसका आप तत्काल उपयोग नहीं करते, तो स्वीप-इन के माध्यम से उसे सावधि जमा में निवेश करना एक बेहतरीन विकल्प है इससे आपका पैसा रखे-रखे बढ़ता रहेगा।

एसबीआई स्वीप-इन सावधि जमा कैसे काम करती है?

एसबीआई स्वीप-इन एफडी कैसे काम करती है, यह समझना बेहद सरल है। जब आप स्वीप-इन सुविधा को एक्टिवेट करतें है, तो बैंक आपके सेविंग अकाउंट के लिए एक लिमिट तय कर देता है। इसके बाद लिमिट तक राशि आपके बचत खाते में ही रहती है और अतिरिक्त राशि को एफडी में निवेश कर दिया जाता है। चलिए इसे उदाहरण की सहायता से समझते है:

  • सबसे पहले बैंक सेविंग अकाउंट पर स्वीप-इन सुविधा को सक्रिय करता है और न्यूनतम शेष राशि को तय करता है। यह राशि आपकी इच्छा के अनुसार ही तय की जाती है। 
  • अब मान लिजिए आपने न्यूनतम बैलेंस सेविंग अकाउंट के लिए 30,000 रखा और आपके खाते में 70,000 रुपए आतें है। तो बैंक स्वीप-इन सुविधा के अंतर्गत 30,000 रुपए को सेविंग अकाउंट में छोड़कर अतिरिक्त राशि 40,000 को सावधि जमा में निवेश कर देगा। 
  • अब यदि आपकों भविष्य में 35,000 रुपए की जरूरत पड़ती है और आपके खाते में केवल 30,000 है। ऐसी स्थिति में बैंक अतिरिक्त 5,000 रुपए निकालने की अनुमती देता है। इसके लिए आपकों कुछ अतिरिक्त नहीं करना होगा है। 
  • स्वीप इन एफडी से 5,000 निकालने के बाद शेष राशि सावधि जमा के तहत ब्याज मिलना जारी रहेगा।

लोग यह भी पढ़ते है : कौन सा बैंक सबसे एफडी पर सबसे ज्यादा ब्याज देता है?

भारतीय स्टेट बैंक स्वीप-इन एफडी विशेषताएं 

एसबीआई स्टेट बैंक स्वीप-इन सावधि जमा की निम्नलिखित विशेषताएं है:

  • अवधि - 1 से 5 वर्ष
  • न्यूनतम बैलेंस ऑटो-स्वीप के लिए - 50,000
  • न्यूनतम रिजल्टेंट राशि - 35,000
  • TDR के लिए न्यूनतम राशि - 15,000
  • अधिकतम राशि - कोई सीमा नहीं
  • लोन की सुविधा - उपलब्ध
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एसबीआई स्वीप-इन सावधि जमा के लाभ 

एसबीआई स्वीप-इन सावधि जमा के निम्नलिखित लाभ है:

  • बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज - भारतीय स्टेट बैंक द्वारा बचत खाते पर औसतन 3% का ब्याज दिया जाता है। लेकिन यदि आप स्वीप-इन सुविधा का लाभ प्राप्त करते है, तो आप सावधि जमा के तहत 6-7% तक का ब्याज कमा सकते है। 
  • पूरी एफडी तोड़ने की जरूरत नहीं - जरूरत के समय पैसा प्राप्त करने के लिए पूरी सावधि जमा को तोडना आवश्यक नहीं है। आपको जितनी राशि का आवश्यकता है, आप निकाल सकते है।
  • कोई जुर्माना नहीं - स्वीप-इन सुविधा का उपयोग करने या निकासी करने पर किसी प्रकार का जुर्माना नहीं लगाया जाता है। 
  • अनूकुलता - पैसा एफडी में जाने के बाद भी आप उस पैसों को प्राप्त कर सकते है। इसमें आपका पैसा लॉक नहीं होता है।

भारतीय स्टेट बैंक स्वीप-इन सावधि जमा के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

भारतीय स्टेट बैंक स्वीप-इन एफडी में आवेदन करने के लिए बताई गई प्रक्रिया का पालन करें:

  • स्टेप 1 - अपने एसबीआई नेट बैंकिंग में लॉग इन करें।
  • स्टेप 2 - ‘फिक्स्ड डिपॉजिट’ सेक्शन में जाएं।
  • स्टेप 3 - ‘एफडी स्वीप इन’ के विकल्प कोचुनें।
  • स्टेप 4 - सेविंग अकाउंट और एफडी को चुनें जिसे आप लिंक करना चाहते है।
  • स्टेप 5 - सेविंग अकाउंट के लिए न्यूनतम बैलेंस को तय करें।
  • स्टेप 6 - एक बार सभी जानकारी की पुष्टि करें और सब्मिट करें।

निष्कर्ष

भारतीय स्टेट बैंक स्वीप-एफडी के तहत आपके बचत खाते में रखी ऐसी राशि जिसका आपको तत्काल उपयोग नहीं है, वह बैंक द्वारा एफडी में निवेश कर दी जाती है। इससे आपका पैसा बचत खाते के ब्याज पर नहीं बल्कि एसबीआई एफडी ब्याज दर पर ब्याज कमाता है। स्वीप-इन के माध्यम से की गई सावधि जमा में आपका पैसा लॉक नहीं होता है, आप जरूरत पड़ने पक अपने पैसे को निकाल सकते है। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

  • एसबीआई स्वीप-इन एफडी के तहत पैसा निकालने पर जुर्माना लगता है?

    नहीं, एसबीआई स्वीप-इन एफडी के तहत निकासी करने पर जुर्माना नहीं लगाया जाता है।
  • क्या एसबीआई स्वीप-इन एफडी को समय से पहले तोड़ा जा सकता है?

    हाँ, लेकिन ऐसा करने पर 0.50% से 1.00% तक का जुर्माना लगाया जाता है। 
  • ऑटो स्वीप अकाउंट के नुकसान क्या है?

    निकासी करने पर 0.50% से 1.00% तक का जुर्माना, न्यूनतम बैलेंस की उच्च आवश्यकता और सावधि जमा पर टैक्स लगना इसके कुछ नुकसान है। 
  • क्या एसबीआई एफडी कैलकुलेटर से ऑटो स्वीप एफडी की भी कैलकुलेशन की जा सकती है?

    हाँ, एसबीआई एफडी कैलकुलेटर से ऑटो स्वीप एफडी की भी कैलकुलेशन की जा सकती है। हालांकि ऑटो स्वीप के तहत मैच्योरिटी राशि का अनुमान सटीक लगाना मुश्किल हे, क्योकिं इसमे बार-बार पैसे निकालना और निवेश अवधि तय नहीं होती है। 
  • एफडी में स्वीप क्या है?

    एफडी में स्वीप एक ऐसी सुविधा है, जो आपके बचत खाते में रखे पैसें को आपकी अनुमती के बाद सावधि जमा में निवेश कर देती है। इससे पैसों पर बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज कमाया जा सकता है। 
  • क्या मैं स्वीप एफडी से पैसे निकाल सकता हूं?

    हाँ, स्वीप एफडी से पैसे निकाले जा सकते है, और इस पर किसी प्रकार की जुर्माना भी नहीं लगता है। 

˜The insurers/plans mentioned are arranged in order of highest to lowest first year premium (sum of individual single premium and individual non-single premium) offered by Policybazaar’s insurer partners offering life insurance investment plans on our platform, as per ‘first year premium of life insurers as at 31.03.2025 report’ published by IRDAI. Policybazaar does not endorse, rate or recommend any particular insurer or insurance product offered by any insurer. For complete list of insurers in India refer to the IRDAI website www.irdai.gov.in
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