जैसे स्वीप इन एफडी में आपके पैसे सेविंग अकाउंट से एफडी में निवेश कर दिए जाते है, उसी प्रकार जब आपके पैसे एफडी से वापस सेविंग अकाउंट में आते है, तो उसे ऑटो स्वीप आउट एफडी कहते है। इस सुविधा की सहायता से आप जरूरत पड़ने पर एफडी से पैसे निकाल सकते है, इसके लिए न तो कोई प्रक्रिया होती है, और न कोई जुर्माना लगता है।

गारंटीड प्लान
(बीमा कंपनियों द्वारा)फिक्स्ड डिपॉजिट
(बैंकों द्वारा प्रदान)सेविंग अकाउंट
(पोस्ट ऑफिस)पूरी तरह से टैक्स-फ्री, जीवन कवर शामिल
एसबीआई एफडी फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान के तहत ग्राहकों को एक ऐसी सुविधा प्रदान की जाती है, जिससे आप अपने सेविंग अकाउंट में रखे हुए पैसों पर एफडी के समान ब्याज प्राप्त कर सकते है। दरसल एफडी ऑटो स्वीप इन एफडी नाम की यह सुविधा आपके बचत खाते के पैसों को आपकी अनुमति के बाद एफडी में बदल देती है। इससे आप बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज प्राप्त कर सकते है।
इसके बाद यदि आपकों पैसों की जरूरत पड़ती है, तो आप आसानी से उस एफडी के पैसों को निकाल भी सकते है, इसी को ऑटो स्वीप आउट एफडी कहते है। ऑटो स्वीप आउट एफडी के तहत निकासी करने पर किसी प्रकार का जुर्माना भी नहीं लगाया जाता है।
एसबीआई ऑटो स्वीप आउट एफडी की निम्नलिखित विशेषताएं हैं:
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भारतीय स्टेट बैंक में स्वीप आउट एफडी कराने के लिए यहां बताई गई प्रक्रिया का पालन करें:
एसबीआई ऑटो स्वीप एफडी एक ऐसी सुविधा है, जिसकी सहायता से आप बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज प्राप्त कर सकते है। आसान शब्दों में समझे तो इस सुविधा के तहत बैंक आपकी अनुमति के बाद बचत खाते में रखे हुए पैसों की एफडी कर देता है। बाद में अगर आपको पैसों की जरूरत होती है, तो आप सामान्य तरीके से एटीएम या चेक से पैसे निकाल सकते है। इसपर न तो कोई जुर्माना लगता है और न कोई फॉर्म भरना पड़ता है।