60 साल के बाद कितनी पेंशन मिलेगा?
अटल पेंशन योजना का मकसद हर तबके को पेंशन के दायरे में लाना है हाला की पेंशन निधि विनियामक व विकास प्राधिकरण (PFRDA) Pension Fund Regulatory and Development Authority ने सरकार से Atal Pension Yojana के तहत अधिकतम उम्र बढ़ाने की सिफारिश किया हुआ है।
इस योजना के तहत अकाउंट में हर महीने एक तय योगदान करने पर रिटायरमेंट के बाद ₹1,000 से ₹5,000 महीने तक की पेंशन मिलेगी सरकार हर 6 महीने में सिर्फ ₹1,239 निवेश करने पर 60 साल की उम्र के बाद आजीवन ₹5,000 महीना यानी ₹60,000 सालाना पेंशन की गारंटी सरकार दे रही है।
हर महीने देना होगा ₹210 रूपये
मौजूदा नियमों के अनुसार अगर 18 साल की उम्र में ही योजना से अधिकतम ₹5,000 महीने पेंशन के लिए जुड़ते हैं तो आपको हर महीने ₹210 देने होंगे अगर यही पैसा हर दिन महीने में देते हैं तो ₹626 और 6 महीने में देने पर ₹1,239 देने होंगे महीने में 1,000 रूपये पेंशन पाने के लिए अगर 18 साल की उम्र में निवेश करते हैं तो मासिक ₹42 देने होंगे।
कम उम्र में जुड़ने पर मिलेगा आपको ज्यादा फायदा
मान लीजिए कि अगर 5,000 पेंशन के लिए आप 35 की उम्र में जोड़ते हैं तो 25 साल तक हर 6 महीने में ₹5,323 जमा करना होगा ऐसे में आपका कुल निवेश 2.66 लाख रुपए होगा जिस पर आपको ₹5,000 महीने पेंशन मिलेगा जबकि 18 की उम्र में जुड़ने पर आपका कुल निवेश सिर्फ 1.04 लाख रुपए ही होगा यानी एक ही पेंशन के लिए करीब 1.60 लाख रुपए ज्यादा निवेश करना होगा।
तो दोस्तों हमने तो यह जान लिया कि अटल पेंशन योजना में 60 साल के बाद हमें कितना पेंशन मिलेगा तो अभी कुछ लोगों के मन में यह सवाल होगा कि अटल पेंशन योजना आखिर में है क्या और यह काम कैसे करता है तो चलिए हम सबसे पहले जान लेते हैं कि अटल पेंशन योजना क्या है?
अटल पेंशन योजना क्या है?
तो सबसे पहले हम ये जानते है की अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) क्या है। कम निवेश में पेंशन की Guarantee के लिए APY एक अच्छा ऑप्शन है। अभी Atal Pension Yojana के तहत सरकार 60 साल के बाद ₹1000 से ₹5000 रुपये महीना पेंशन की गारंटी देती है एवं 40 साल तक की उम्र तक का व्यक्ति अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन कर सकता है। आइए जानते हैं आप अभी के नियमों के मुताबिक Atal Pension Yojana का फायदा कैसे उठा सकते हैं।
अटल पेंशन योजना की शुरुआत
Atal Pension Yojana असंगठित क्षेत्रों के लिए वर्ष 2015 में शुरू की गई थी। इस योजना को बाद में भारत के उन सभी नागरिकों के लिए लागू किया गया जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है। अटल पेंशन योजना में निवेश राशि खाता खोलने के समय व्यक्ति की उम्र के आधार पर भिन्न होती है। एक व्यक्ति पांच अलग-अलग विकल्पों के साथ 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की मासिक पेंशन का लाभ उठा सकता है।
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APY के लाभ
Atal Pension Yojana के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन की guarantee सरकार इस अर्थ में देगी कि यदि अंशदान की अवधि के दौरान पेंशन अंशदान पर वास्तविक प्रतिलाभ कम हो जाता है तो ऐसी कटौती का वित्त पोषण सरकार द्वारा किया जाएगा। दूसरी ओर यदि पेंशन अंशदान पर वास्तविक प्रतिफल न्यूनतम गारंटीकृत पेंशन में अंशदान की अवधि के प्रतिफल से अधिक है, तो ऐसे अतिरिक्त लाभ अभिदाता के खाते में जमा किए जाएंगे जिससे अभिदाताओं को योजनागत लाभ में वृद्धि होगी।
सरकार 1 जून 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच योजना में शामिल होने वाले और किसी अन्य social security योजना का सदस्य होने वाले प्रत्येक पात्र ग्राहक को कुल योगदान का 50% या ₹1000 रुपये प्रति वर्ष जो भी कम हो का सह-योगदान करेगी। लाभार्थी नहीं और आयकर दाता नहीं। वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक 5 वर्षों के लिए सरकारी सह-अंशदान दिया जाएगा।
वर्तमान में, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (APY) के तहत ग्राहक योगदान और उस पर निवेश रिटर्न के लिए कर लाभ के लिए पात्र हैं। इसके अलावा एनपीएस से बाहर निकलने पर वार्षिकी के Purchase पर भी कर नहीं लगाया जाता है एवं केवल ग्राहक की Pension आय को ग्राहक पर लागू उचित सीमांत दर पर सामान्य आय के हिस्से के रूप में माना जाता है। APY के ग्राहकों के लिए समान कर उपचार लागू है।
65 लाख से अधिक नागरिकों के द्वारा ली गई सदस्यता
अटल पेंशन योजना के तहत अब तक 65 लाख से अधिक नागरिकों ने सदस्यता ली है। जिससे ग्राहकों की संख्या बढ़कर 3.68 करोड़ हो गई है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने दी है। जिससे प्रबंधनाधीन संपत्ति बढ़कर 20000 करोड़ रुपये हो गई है। कुल ग्राहकों में से 56 फीसदी पुरुष और 44 फीसदी महिलाएं हैं। इस योजना की सदस्यता 18 से 40 वर्ष के आयु वर्ग में भारत का प्रत्येक नागरिक ले सकता है। 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर इस योजना के माध्यम से ₹1000 से ₹5000 की न्यूनतम गारंटी पेंशन प्रदान की जाती है।
इसके अलावा, ग्राहक की मृत्यु की स्थिति में, पति या पत्नी को आजीवन पेंशन की गारंटी भी प्रदान की जाती है। पति और पत्नी दोनों की मृत्यु के बाद, नॉमिनी को पेंशन फंड का भुगतान किया जाता है। इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को असंगठित क्षेत्र के नागरिकों को लाभ पहुंचाने के लिए की थी। पीएफआरडीए के अध्यक्ष द्वारा यह जानकारी दी गई है कि इस वित्तीय वर्ष के दौरान एक करोड़ नामांकन प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
Atal Pension Yojana में खाता कैसे खोले?
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Bank Branch/Post Office जहां व्यक्ति का Saving बैंक है को संपर्क करें या यदि Account नही है तो नया बचत खाता खोलें।
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Bank /Post Office Saving Bank खाता संख्या उपलब्ध करायें और बैंक कर्मचारियों की मदद से APY registration फार्म भरें
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Aadhaar/Mobile Number उपलब्ध कराएं । यह अनिवार्य नहीं है लेकिन योगदान के बारे में संचार की सुविधा हेतु प्रदान किया जा सकता है।
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Monthly/quarterly/half yearly योगदान के हस्तांतरण के लिए Saving Bank Account/Post Office Saving Bank Accounts में आवश्यक राशि रखना सुनिश्चित करें।
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आप Payment के लिए 3 तरह का प्लान चुन सकते हैं, Monthly निवेश, तिमाही निवेश या छमाही निवेश।
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यह निवेश आपको 42 साल तक करना होगा।
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42 साल में आपका कुल निवेश 1.04 लाख रुपये होगा।
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इसके बदले में 60 साल के बाद से आपको आजीवन हर महीने ₹5,000 रुपये महीना पेंशन मिलती रहेगी।
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Yojana राष्ट्रीय पेंशन योजना के जरिए पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण संचालित कर रहा है।
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Income TAX के Section 80CCD के तहत इसमें टैक्स छूट का फायदा मिलता है।
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एक सदस्य के नाम से सिर्फ 1 ही Account खुलेगा। कई बैंकों में Account खोलने की सुविधा है।
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शुरू के 5 साल सरकार की ओर से भी योगदान राशि दी जाएगी।
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अगर 60 साल के पहले या बाद में सदस्य की मौत हो जाती है, तो पेंशन की राशि पत्नी को मिलेगी।
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अगर सदस्य और वाइफ दोनों की मौत हो जाती है तो सरकार नॉमिनी को पेंशन देगी।
निष्कर्ष
तो दोस्तों आज की इस आर्टिकल में हमने जाना की 60 साल के बाद कितनी पेंशन मिलेगी? और भी काफी सारि जानकारी APY के बारे में तो अगर आपको ये आर्टिकल अच्छा लगा हो तो हमे कमेंट में जरूर से बताये।