बिहार पेंशन योजना 2026: आवेदन कैसे करें, पात्रता मानदंड और मासिक लाभ
बिहार एक विशाल जनसंख्या वाला राज्य है, और यहाँ की आबादी का एक बड़ा हिस्सा आज भी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। हमारे समाज में बुजुर्ग, विधवा माताएं-बहनें और दिव्यांगजन ऐसे वर्ग हैं, जिनके पास अक्सर आय का कोई निश्चित साधन नहीं होता। जीवन के कठिन दौर में आर्थिक तंगी इनकी परेशानियों को और बढ़ा देती है। इन परिस्थितियों को समझते हुए, बिहार सरकार ने 'बिहार राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना' की शुरुआत की है। यह योजना केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक जीवन रेखा है। वर्ष 2026 में, यह योजना पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रही है और लाखों जरूरतमंदों को हर महीने जीने का सहारा प्रदान कर रही है।
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बिहार पेंशन योजनाएं, बिहार राज्य की सरकारी योजनाएं है, जिनका मूल लक्ष्य समाज के असहाय और वंचित लोगों को आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर प्रदान करना है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बुढ़ापे में, पति की मृत्यु के बाद या शारीरिक अक्षमता की स्थिति में किसी को भी दाने-दाने के लिए मोहताज न होना पड़े।
यह योजना केंद्र सरकार के 'राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम' (NSAP) और बिहार सरकार के साझा प्रयासों से संचालित होती है। 2026 में सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता (Transparency) पर बहुत जोर दिया है। अब पेंशन की राशि नकद न देकर सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि बीच में कोई बिचौलिया पैसे न खा सके। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना की पहुँच बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
बिहार पेंशन योजना की प्रमुख श्रेणियां
बिहार सरकार ने समाज की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पेंशन योजना को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा है:
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना घर के उन बुजुर्गों के लिए है, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ढलती उम्र में बुज़ुर्ग अपनी छोटी-मोटी ज़रूरतों के लिए बच्चों पर बोझ न बनें।
विधवा पेंशन योजना (लक्ष्मी बाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन)
यह योजना उन महिलाओं के लिए है, जिन्होंने अपने पति को खो दिया है। पति की मृत्यु के बाद आने वाले आर्थिक संकट से उबरने और आत्मनिर्भर बनने में यह पेंशन महिलाओं की मदद करती है।
बिहार राज्य दिव्यांग पेंशन योजना
यह श्रेणी उन लोगों के लिए है जो शारीरिक या मानसिक रूप से 40% या उससे अधिक दिव्यांग हैं। यह सहायता राशि उन्हें समाज में सर उठाकर जीने और अपनी दवा-दारू का खर्च उठाने में मदद करती है।
हालांकि कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) पीड़ितों के लिए भी अलग से प्रावधान हैं, लेकिन मुख्य रूप से ये तीन श्रेणियां ही सबसे ज्यादा प्रचलित हैं।
बिहार पेंशन योजना की पात्रता मानदंड: 2026 में आवेदन कौन कर सकता है?
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं कि पेंशन का पैसा केवल सही और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे। 2026 के लिए निर्धारित पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं:
सामान्य शर्तें (सभी के लिए)
आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
आवेदक के पास आधार कार्ड होना चाहिए और वह बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
आवेदक पहले से किसी अन्य सरकारी नौकरी या दूसरी पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो।
श्रेणी-वार पात्रता
वृद्धावस्था पेंशन के लिए:
आवेदक की आयु 60 वर्ष पूरी होनी चाहिए।
परिवार की कुल वार्षिक आय 60,000 रुपये से कम होनी चाहिए।
बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।
विधवा पेंशन के लिए:
महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
पति का मृत्यु प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
महिला ने दूसरा विवाह न किया हो।
परिवार की वार्षिक आय सीमा 60,000 रुपये है।
दिव्यांग पेंशन के लिए:
आयु की कोई विशेष सीमा नहीं है, लेकिन 40% या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र (सरकारी मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी) होना जरूरी है।
आय सीमा का नियम यहाँ भी लागू होता है।
बिहार पेंशन योजना में मासिक लाभ-खाते में कितना पैसा आता है?
लाभार्थियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि उन्हें कितनी पेंशन मिलेगी। 2026 में बिहार पेंशन योजना के तहत मिलने वाली राशि का विवरण नीचे दिया गया है:
बिहार पेंशन योजना 2026 के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर निर्धारित की गई है, जिसमें वृद्धावस्था पेंशन के तहत 60 से 79 वर्ष के बुजुर्गों को 400 रुपये और 80 वर्ष से अधिक आयु वालों को 500 रुपये प्रति माह मिलते हैं, जबकि सभी पात्र विधवा महिलाओं को सरकार द्वारा 500 रुपये मासिक की आर्थिक सहायता दी जाती है; वहीं दिव्यांग पेंशन की बात करें तो 40% से 79% तक की दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 400 रुपये और 80% या उससे अधिक दिव्यांगता की स्थिति में कुछ विशेष प्रावधानों के साथ 600 रुपये प्रति माह की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
यह राशि आमतौर पर हर महीने जमा होती है, लेकिन कई बार इसे तिमाही आधार (हर तीन महीने पर) पर एकमुश्त भेजा जाता है। पैसा DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में आता है, जिससे किसी भी तरह की कटौती की गुंजाइश नहीं रहती। भले ही यह रकम छोटी लगे, लेकिन गरीब परिवारों के लिए यह दवा और राशन का बड़ा सहारा है।
आवेदन के बाद आप आधिकारिक पोर्टल पर 'Beneficiary Status' विकल्प में जाकर अपना आधार नंबर या अकाउंट नंबर डालकर स्थिति देख सकते हैं। स्वीकृति मिलने के बाद आमतौर पर 2 से 3 महीने के भीतर पेंशन आना शुरू हो जाती है।
सारांश में
बिहार पेंशन योजना 2026 राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक वरदान समान है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद करती है, बल्कि समाज के बुजुर्गों और महिलाओं को सम्मान भी लौटाती है।
यदि आप इन शर्तों को पूरा करते हैं, तो बिना देर किए आवेदन करें। यदि आपके आस-पास कोई ऐसा जरूरतमंद है जो पढ़ा-लिखा नहीं है, तो उसका फॉर्म भरने में मदद करके आप एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभा सकते हैं। राज्य में वृद्धावस्था पेंशन योजना नियमित आय के माध्यम से वृद्धा लोगो की रिटायरमेंट प्लानिंग करने में सहायता करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. बिहार पेंशन योजना 2026 में मासिक पेंशन राशि कितनी है?
सामान्यतः वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन में 400 रुपये मिलते हैं। 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों और विधवा महिलाओं को 500 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। भुगतान अक्सर तिमाही (तीन महीने में एक बार) होता है।
Q2. क्या वृद्धावस्था पेंशन के लिए बीपीएल सूची में होना जरूरी है?
बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता मिलती है, लेकिन मुख्य शर्त यह है कि परिवार की वार्षिक आय 60,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
Q3. विधवा पेंशन के लिए क्या उम्र सीमा है?
विधवा पेंशन के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और उन्होंने पुनर्विवाह न किया हो।
Q4. अगर पेंशन का पैसा नहीं आ रहा तो क्या करें?
सबसे पहले बैंक जाकर चेक करें कि आपकी e-KYC पूरी है या नहीं। इसके बाद आप पोर्टल पर स्टेटस चेक करें या अपने ब्लॉक के समाज कल्याण विभाग में संपर्क करें।
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