पेंशन प्लान में निवेश करना जरूरी क्यो है?
आमतौर पर वृद्धावस्था में नियमित आय का साधन नहीं रहता है, ऐसे में जीवन यापन में मुश्किलों का सामना करना पड सकता है। जाहिर सी बात है कि वृद्धावस्था में कोई भी वृद्ध व्यक्ति संघर्ष नहीं करना चाहेगा। भारत में जिस तीव्र गति से महंगाई बढ रही है उसके बाद यह कहना कठिन है, कि आपकी बचत कब तक आपका साथ देगी। ऐसे में अपनी भविष्य को अभी से ही सुरक्षित करना आवश्यक है।
भारत में तमाम ऐसे पेंशन प्लान उपलब्ध है जिनमे नियमित निवेश किया जा सकता है। इसके बाद वृद्धावस्था में नियमित पेंशन प्रदान की जाती है। नियमित पेंशन के माध्यम से सुनिश्चित किया जाता है, कि सभी निजी जरूरतें पूरी होती रहें।
भारत में सरकारी पेंशन योजनाएं
भारत में सरकार द्वारा निम्नलिखित पेंशन योजनाएं शुरू की गई है:
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अटल पेंशन योजना
अटल पेंशन योजना भारत सरकार द्वारा 2015 में शुरू की गई थी। अटल पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु के बाद नियमित पेंशन प्रदान करना है। अटल पेंशन योजना के तहत 1,000 से 5,000 तक इच्छित पेंशन प्राप्त की जा सकती है, हालांकि इसके लिए उन्हे मासिक योगदान करना होता है। 18 वर्ष से 40 वर्ष के व्यक्ति अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन कर सकते है। असंगठित क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी योजना में आवेदन कर सकते है। मासिक योगदान की राशि जानने के लिए अटल पेंशन योजना कैलकुलेटर का उपयोग किया जा सकता है।
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राष्ट्रीय पेंशन योजना
राष्ट्रीय पेंशन योजना की शुरुआत भारत सरकार द्वारा 2004 में की गई थी। नैशनल पेंशन स्कीम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करना है। नैशनल पेंशन स्कीम को खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों के लिए लाया गया था, लेकिन कुछ वर्षों के बाद इसे सभी भारतीय नागरिकों के लिए खोल दिया गया। 18 वर्ष से 60 वर्ष के नागरिक NPS में आवेदन कर सकते है। राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत पेंशन राशि, योगदान पर निर्भर करती है।
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पीपीएफ अकाउंट
पीपीएफ अकाउंट जिसका पूर्ण रूप पब्लिक प्रोविडेंट फंड है। यह मूल रूप से पेंशन योजना नहीं है, हालांकि इसका सुरक्षित पेंशन योजना के रूप में उपयोग किया जा सकता है। पीपीएफ अकाउंट एक लंबी अवधि का बचत खाता है। सरकार समर्थित होने के कारण इसपर स्थिर रिटर्न की गारंटी दी जाती है। पीपीएफ अकाउंट 15 वर्ष की लॉक इन अवधि के साथ आता है। हालांकि इस खाते को 15 वर्षों के बाद बिना नियमित निवेश के भी जारी रखा जा सकता है और इस पर ब्याज मिलना जारी रहेगा। निवेशक नियमित तौर पर ब्याज की निकासी कर सकते है और मूल निवेश राशि एकदम सुरक्षित रहेगी।
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ईपीएस 95 पेंशन - कर्मचारी पेंशन योजना
कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 में शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा पहल है। EPS 95 Pension को भारत सरकार ने संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को पेंशन प्रदान करने के लिए शुरू किया था। कर्मचारी पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों की वृद्धावस्था को आर्थिक रूप से सुरक्षित करना है। EPS 95 पेंशन का प्रबंधन EPFO द्वारा किया जाता है। योजना के तहत कर्मचारी द्वारा वेतन का 12% और नियोक्ता द्वारा मूल वेतन का 8.33% EPS 95 पेंशन के लिए योगदान किया जाता है और शेष 3.67% EPF में जाता है। कर्मचारी के 58 वर्ष का हो जाने पर मासिक पेंशन मिलना शुरू हो जाती है।
भारत में अन्य पेंशन योजनाएं
भारत में तमाम इंश्योरेंस कंपनी और बैंक वार्षिकी, यूलिप योजनाएं और म्यूचुअल फंड स्कीम पेश करते है, जिनमे निवेश किया जा सकता है। यहां इन योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई है:
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यूलिप योजनाएं
यूलिप योजनाएं भारत में एक लोकप्रिय निवेश विकल्प है, यूलिप योजनाओं के तहत किए गए निवेश का एक हिस्सा जीवन कवर के लिए उपयोग किया जाता है और बाकि के शेष हिस्से को बाजार आधारित फंडो में लगाया जाता है। जीवल कवर के कारण पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में नामांकित व्यक्ति को आर्थिक सहायता दी जाती है। यूलिप योजनाओं के तहत लंबी अवधि में रिटायरमेंट के लिए अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है। साथ ही SWP के माध्यम से नियमित निकासी भी की जा सकती है।
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वार्षिकी योजनाएं
वार्षिकी योजनाओं के तहत निवेशक एकमुश्त या नियमित निवेश कर सकते है, जिसके बाद उनकी एक तय समय के बाद निवेशकों को नियमित आय दी जाती है। निवेशक नियमित आय की राशि और मिलने का समय तय कर सकते है। वार्षिकी के तहत सुरक्षित रूप से नियमति आय प्रदान करता है। वार्षिकी योजनाओं को वृद्धा नागरिकों को रिटायरमेंट प्लान के रूप में देखा जा सकता हैं।
SIP योजनाएं
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान, नियमित अंतराल पर एक तय राशि म्यूचुअल फंड में निवेश करने का तरीका है। SIP नियमित निवेश के माध्यम से बचत और निवेश की आदत को बढ़ावा देता है। SIP की शुरुआत मात्र 100 या 500 रुपए से की जा सकती है। वरिष्ठ नागरिक SIP योजनाओं में नियमित निवेश कर एक बडा रिटायरमेंट फंड बना सकते है, साथ ही SWP के माध्यम से नियमित निकासी भी कर सकते है।
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एलआईसी न्यू जीवन निधि प्लान
एलआईसी न्यू जीवन निधि प्लान के तहत किए गए निवेश का एक हिस्सा परिपक्वता पर एकमुश्त रूप से दिया जाता है, वही दुसरा हिस्सा जीवन भर पेंशन के रूप में नियमित तौर पर दिया जाता है। ऐसे मे वरिष्ठ नागरिक एलआईसी न्यू जीवन निधि प्लान में निवेश कर अपने जीवन को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकते है। एलआईसी न्यू जीवन निधि प्लान के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में बीमित राशि बोनस के साथ दी जाती है।
पेंशन योजनाओं के लाभ
पेंशन योजनाओं के निम्नलिखित लाभ है:
- नियमित आय का साधन - वृद्धावस्था में नियमित आय का साधन न होने के कारण जीवन यापन में मुश्किले हो सकती है, ऐसे में नियमित आय के साधन से आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
- मानसिक शांति - नियमित आय के कारण निजी जरूरते पूरी होने से मानसिक तौर पर शांती बनी रहती है।
- जीवन कवर - कई पेंशन योजनाएं निवेश के साथ-साथ जीवन बीमा कवर की सुविधा भी देती है, ऐसे में दुर्भाग्यवश मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहायती दी जाती है।
- अन्य लाभ - पेंशन योजनाओं के तहत नामांकन, कर लाभ, अनुकूल विकल्प जैसे लाभ प्रदान किए जाते है।
निष्कर्ष
पेंशन प्लान वृद्धावस्था को आर्थिक स्थिरता प्रदान करने के लिए बेहद आवश्यक है। पेंशन प्लान वृद्धजनो को नियमित आय का साधन प्रदान करते है। भारत में तमाम पेंशन योजनाएं उपलब्ध है जैसे अटल पेंशन योजना, नैशनल पेंशन स्कीम, पीपीएफ अकाउंट और ईपीएस 95 पेंशन। इसके साथ साथ निवेशक वार्षिकी, यूलिप और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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अटल पेंशन योजना के तहत कितनी पेंशन दी जाती है?
अटल पेंशन योजना के तहत 1,000 से 5,000 तक पेंशन इच्छा अनुसार दी जाती है, हालांकि इसके लिए योगदान करना होता है।
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क्या कर्मचारी पेंशन योजना का लाभ निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी उठा सकते है?
हां, कर्मचारी पेंशन योजना का लाभ निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी उठा सकते है।
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भारत में सरकारी पेंशन योजनाएं कौन सी है?
- अटल पेंशन योजना
- नैशनल पेंशन स्कीम
- कर्मचारी पेंशन योजना
- पीपीएफ खाता
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अटल पेंशन योजना में कितना पैसा कटता है?
अटल पेंशन योजना में कितना पैसा कटता है,यह पेंशन राशि पर निर्भर करता है। वर्तमान आयु और इच्छित पेंशन राशि के आधार पर मासिक योगदान की गणना की जाती है।
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ईपीएस 95 उच्च पेंशन योगदान कितना है?
पेंशनभोगियों को उच्च पेंशन प्राप्त करने के लिए पहले ईपीएस 95 उच्च पेंशन योगदान जो कि 1.16% (EPS-95 Higher Pension Contribution) है करना होता था। हालांकि अब ऐसा नहीं है, अब यह अतिरिक्त योगदान नियोक्ताा के 8.33% में से दिया जाएगा।