जब आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तब आपको जो यूनिट्स मिलती हैं, उन यूनिट्स की वैल्यू को ही NAV (Net Asset Value) कहते हैं। बाजार के अनुसार NAV की जो भी वर्तमान वैल्यू होगी, उसी के अनुसार आपके यूनिट्स की कीमत तय होती है। हालांकि आपके एनएवी की गणना भी दैनिक आधार पर की जाती है। आइए इससे विस्तार से समझते हैं।
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म्यूचुअल फंड SIP में एनएवी का मतलब नेट एसेट वैल्यू होता है, जोकि आपके म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स खरीदने और बेचने का मूल्य होता है। सरल शब्दों में, जिस तरह आप शेयर बाजार में किसी कंपनी का एक शेयर उसकी वर्तमान कीमत पर खरीदते हैं, बिल्कुल वैसे ही जब आप म्यूचुअल फंड में पैसा निवेश करते हैं, तब आपको उस दिन की NAV के हिसाब से फंड की यूनिट्स मिलती हैं।
उदाहरण: अगर आज NAV की वैल्यू ₹15 है, और आप यूनिट्स खरीद लेते हैं, तो हो सकता है कि कल उतनी ही यूनिट्स अगले निवेशक को ₹20 के मूल्य से प्राप्त हों।
NAV की वैल्यू दिन में एक बार ही बदलती है, जिस वजह से गणना बाज़ार बंद होने के बाद की जाती है। आइए उदाहरण से आसानी से समझते हैं कि NAV कैसे कैलकुलेट कर सकते हैं:
NAV का फॉर्मूला = ((Total Assets) - (Total Liabilities))/(Total Number of Units)
NAV = ((1,00,000) - (1,000))/(9,900)
= 99,000/9900= ₹10
इस फंड की 1 यूनिट की कीमत ₹10 होगी। अगर आप इस फंड में ₹1,000 निवेश करते हैं, तो आपको 100 यूनिट्स मिलेंगी।
NAV की जानकारी होना और गणना निकालना इन कार्यों के लिए आवश्यक होता है:
म्यूचुअल फंड्स में यूनिट्स खरीदते समय कीमत अलग-अलग हो सकती है, यूनिट्स की इसी कीमत को NAV कहते हैं। इन यूनिट्स का म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट में काफी महत्व होता है, जैसे जब भी आप फंड में पैसा निवेश करते हैं या निकालते हैं, तो लेन-देन उसी दिन की NAV दर पर होता है। आपके लिए एक बेहतर सुझाव यह भी है, कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए एनएवी कम होने का इंतजार न करें, क्योंकि NAV से आप केवल यूनिट्स खरीदते हैं, लेकिन आपके रिटर्न की कीमत आपके फंड के प्रदर्शन पर ही निर्भर करती है।
