फ्लेक्सी कैप फंड एक प्रकार के ओपन-एंडेड इक्विटी म्यूचुअल फंड होते हैं, जो अलग-अलग कैप (जैसे मिड कैप, स्मॉल कैप और लार्ज कैप) वाली कंपनियों में निवेश करते हैं। लेकिन SEBI के नियमों के अनुसार इस फंड का कम से कम 65% पैसा इक्विटी या उससे जुड़े शेयर्स में निवेश करना अनिवार्य होता है। बाकी बचे पैसों को फंड मैनेजर इक्विटी और डेट दोनों में से किसी भी एसेट क्लास में निवेश कर सकते हैं।
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आमतौर पर फ्लेक्सी कैप फंड में फंड मैनेजर के पास लार्ज, मिड और स्मॉल कैप के शेयरों में अपने अनुसार निवेश करने की पूरी आजादी होती है। लेकिन SEBI के नियम के मुताबिक कुल फंड का कम से कम 65% हिस्सा इक्विटी में निवेश करना अनिवार्य होता है, जबकि बाकी हिस्सा फंड मैनेजर बाजार की स्थिति के अनुसार निवेश कर सकता है।
उदाहरण: HDFC Flexi Cap Mutual Fund, फ्लैक्सी कैप फंड का एक उदाहरण है। इस फंड में लार्ज, मिड और स्मॉल कैप तीनों फंड में निवेश करके बेहतरीन रिटर्न बनाया जा सकता है। हालांकि, नियमानुसार न्यूनतम 65% हिस्सा इक्विटी में निवेश करना अनिवार्य है।
नीचे 2026 के लिए टॉप फ्लैक्सी कैप म्यूचुअल फंड की जानकारी दी गई है, जिनसे आप लंबी अवधि में बेहतरीन रिटर्न बना सकते हैं:
| Fund Name | AUM | Return 3 Years | Return 5 Years | Return 10 Years | Minimum Investment | Return Since Launch |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Quant Flexi Cap Fund Direct-Growth | ₹7,309.35 Crs | 16.42% | 14.58% | 19.45% | ₹5,000 | 18.28% |
| JM Flexi Cap Fund Direct-Growth | ₹5,036.45 Crs | 14.77% | 14.8% | 16.46% | ₹1,000 | 16.5% |
| Bank of India Flexi Cap Fund Direct-Growth | ₹3,098.01 Crs | 19.3% | 15.74% | N/A | ₹5,000 | 25.42% |
| Parag Parikh Flexi Cap Fund Direct-Growth | ₹145,070.50 Crs | 13.4% | 11.58% | 17.38% | ₹1,000 | 17.99% |
| HSBC Flexi Cap Fund Direct-Growth | ₹5,748.74 Crs | 16.67% | 13.33% | 13.82% | ₹5,000 | 14.43% |
| Edelweiss Flexi Cap Fund Direct-Growth | ₹3,508.80 Crs | 15.74% | 12.36% | 15.5% | ₹100 | 13.84% |
Updated as of 08 November 2026
फ्लेक्सी कैप फंड मुख्य रूप से तीन भागों में देखे जा सकते हैं:
फ्लैक्सी कैप फंड मुख्य रूप से तीन प्रकार के फंड होते हैं, जो कि लार्ज कैप, स्मॉल कैप और मिड कैप से जुड़े होते हैं। इस फंड में आपके निवेश का कम से कम 65% इक्विटी में जाता है, जिस वजह से बाजार का जोखिम बना रहता है। लेकिन SIP के जरिए लंबी अवधि तक निवेश करके आप जोखिम कम कर सकते हैं और बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।
