BPS पॉइन्ट का उपयोग म्यूचुअल फंड के एक्सपेंस रेशियो, रिटर्न और ब्याज दरों में होने वाले छोटे बदलावों को सटीक तरीके से दिखाने के लिए होता है। आपके एक्सपेंस रेशियो में सिर्फ कुछ BPS की गिरावट भी आपके फंड पर लगने वाले चार्ज को कम कर देती है, जिससे लंबी अवधि में आपका नेट रिटर्न बढ़ जाता है। आइए लेख के माध्यम से बीपीएस पॉइंट को आसानी से समझते हैं।
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म्यूचुअल फंड में BPS को बेसिस पॉइन्ट कहते हैं। यह शेयर बाज़ार की एक ऐसी यूनिट होती है, जिससे छोटे वित्तीय बदलावों को 1% के 100 वें हिस्से के रूप में मापा जाता है, यानी 1% अंतर 100 BPS के बराबर होता है। आपके म्यूचुअल फंड BPS की जितनी कम वैल्यू होगी, आपका कटने वाला चार्ज उतना ही कम हो जाएगा। इन वित्तीय बदलावों में एक्सपेंस रेशियो, रिटर्न, फंड मैनेजमेंट फीस में अंतर आदि शामिल हैं।
मान लीजिए, यदि किसी म्यूचुअल फंड का एक्सपेंस रेशियो 1.50% से घटकर 1.25% हो जाता है, तो उस फंड में 25 BPS की कमी मानी जाएगी। आइए BPS के फॉर्मूले से समझते हैं।
जब म्यूचुअल फंड में प्रतिशत के छोटे अंतरों की बात होती है, तो दशमलव की गलतियों से बचने के लिए BPS का उपयोग किया जाता है। जैसे 0.05% को सीधा 5 BPS कहा जाता है। आइए बेसिस पॉइंट के अन्य उदाहरण टेबल की मदद से जानते हैं:
| बेसिस पॉइंट | प्रतिशत |
| 1 BPS | 0.01% |
| 10 BPS | 0.10% |
| 25 BPS | 0.25% |
| 50 BPS | 0.50% |
| 100 BPS | 1.00% |
आप बीपीएस पॉइंट के फॉर्मूलों की मदद से प्रतिशत को BPS में और BPS को प्रतिशत में बदल सकते हैं। आइए जानते हैं, कैसे:
यदि आपको प्रतिशत को BPS में बदलना है, तो 100 से गुणा करें:
जैसे मान लीजिए आपको 0.75% का बीपीएस जानना है, तो आपको निम्न फॉर्मूले का उपयोग करना होगा।
यदि आपको बेसिस पॉइंट को प्रतिशत में बदलना है, तो उसके लिए वैल्यू में 100 से भाग देना होता है। जैसे:
अगर आपको 75 BPS को प्रतिशत में बदलना है, तब नीचे दिया गया फॉर्मूला उपयोग होगा।
कई बार म्यूचुअल फंड बेसिस पॉइन्ट के लिए निवेशक गलत धारणाएं बना लेते हैं, जिस वजह से इसका सही उपयोग नहीं हो पाता है। नीचे BPS से जुड़ी भ्रम फैलाने वाली धारणाओं की जानकारी दी गई है:
बेसिस पॉइंट शेयर बाज़ार और म्यूचुअल फंड की एक मानक इकाई है, जिसका इस्तेमाल बहुत छोटे वित्तीय बदलावों को मापने के लिए किया जाता है। आप भी अपने रिटर्न और एक्सपेंस रेशियो में आए छोटे बदलावों को BPS की मदद से आसानी से निकाल सकते हैं। साथ ही, इस बात का ध्यान रखें कि सीधे शब्दों में कहें तो BPS जितना कम होगा, म्यूचुअल फंड में आपका कटने वाला चार्ज उतना ही कम होगा, जिसका सीधा फायदा लंबी अवधि में आपके कुल रिटर्न को बढ़ाकर मिलता है।
*All savings are provided by the insurer as per the IRDAI approved insurance
plan.
*Tax benefit is subject to changes in tax laws. Standard T&C Apply
++Source - Google Review Rating available on:- http://bit.ly/3J20bXZ
˜The insurers/plans mentioned are arranged in order of highest to lowest first year premium (sum of individual single premium and individual non-single premium) offered by Policybazaar’s insurer partners offering life insurance investment plans on our platform, as per ‘first year premium of life insurers as at 31.03.2025 report’ published by IRDAI. Policybazaar does not endorse, rate or recommend any particular insurer or insurance product offered by any insurer. For complete list of insurers in India refer to the IRDAI website www.irdai.gov.in
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