म्यूचुअल फंड मैनेजमेंट फीस क्या है?

म्यूचुअल फंड में पैसे लगाते समय लोग अक्सर रिटर्न तो देख लेते हैं लेकिन उस पर लगने वाली फीस पर ध्यान देना भूल जाते हैं। फंड मैनेज करने के बदले AMC आपके निवेश से शुल्क काटती है। इसमें एक्सपेंस रेशियो, एग्जिट लोड और ट्रांजैक्शन फीस शामिल हैं। यदि आप इनपर ध्यान नहीं देंगे तो आपका रिटर्न कम हो सकता है। ऐसे में फंड चुनने से पहले इनपर भी ध्यान दें।

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म्यूचुअल फंड मैनेजमेंट फीस क्या है?

म्यूचुअल फंड फीस आपके फंड पर लगने वाला वह शुल्क है, जो एसेट मैनेजमेंट कंपनी या फंड हाउस आपके निवेशित फंड को संचालित यानी मैनेज करने के लिए लेते हैं। यह शुल्क सीधे आपके निवेश से काटा जाता है, जिस वजह से आपका कुल रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है। आपकी म्यूचुअल फंड मैनेजमेंट फीस में एक्सपेंस रेशियो (TER), एग्जिट लोड, ट्रांजैक्शन आदि भी शामिल होते हैं।

SEBI नियमों के अनुसार म्यूचुअल फंड पर एक्सपेंस रेशियो

सेबी नियमों के अनुसार वर्तमान में आपके म्यूचुअल फंड फीस में निम्न तरीके से एक्सपेंस रेशियो जुड़ता है:

इक्विटी फंड AUM अधिकतम एक्सपेंस रेशियो
पहले ₹500 करोड़ तक 2.25%
अगले ₹250 करोड़ 2.00%
अगले ₹1,250 करोड़ 1.75%
₹50,000 करोड़ से अधिक 1.05%

म्यूचुअल फंड में किस-किस चीज की फीस लगती है?

म्युचुअल फंड में SIP के दौरान मुख्य तौर पर निम्न मामलों में फीस ली जाती है:

एक्सपेंस रेशियो

यह फंड के प्रबंधन और संचालन के लिए लिया जाने वाला वार्षिक प्रतिशत शुल्क है। यह राशि सीधे आपके फंड के कुल मूल्य यानी NAV से काट ली जाती है। इसमें डेली फीस का फॉर्मूला,

= निवेश का कुल मूल्य * (एक्सपेंस रेशियो/365)

मान लीजिए आपने म्यूचुअल फंड में ₹1,00,000 का निवेश किया है, जिस पर उस फंड का एक्सपेंस रेशियो 1.5% वार्षिक है।

  • = ₹1,00,000* 1.5%= ₹1,500 प्रति वर्ष
  • = 1500/365
  • = ₹4.10 प्रति दिन

संचालन खर्च

फंड हाउस को चलाने के लिए होने वाले प्रशासनिक, कानूनी और ऑडिट से जुड़े खर्चे इसमें शामिल होते हैं। यह खर्च भी एक्सपेंस रेशियो का ही एक हिस्सा होता है।

एग्जिट लोड

यह समय से पहले निवेश निकालने पर लगने वाली पेनल्टी फीस होती है। यदि आप फंड की तय अवधि से पहले अपने पैसे निकालते हैं, तो यह शुल्क काटा जाता है, जो अधिकतर 1-2% तक हो सकता है।

ट्रांजैक्शन शुल्क

म्यूचुअल फंड में यह फीस ₹10,000 से अधिक के निवेश पर डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से पहली बार निवेश करने पर लगने वाला एकमुश्त शुल्क है। हालांकि, डायरेक्ट प्लान में निवेश करने पर यह शुल्क नहीं लगता।

ब्रोकर चार्जेस

फंड में जब डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए निवेश करना होता है, तब जो भी कमीशन या चार्जेस लगते हैं, वे भी म्यूचुअल फंड फीस में शामिल होता है।

डायरेक्ट और रेगुलर प्लान म्यूचुअल फंड फीस में अंतर

डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान की मैनेजमेंट फीस में मुख्य अंतर क्या है:

  • डायरेक्ट प्लान फीस - जब आप प्लान अपनी समझ से खुद चुनते हैं, तब उसे डायरेक्ट प्लान कहते हैं। इस प्लान में ब्रोकर चार्जेस नहीं लगते हैं, जिस वजह से रिटर्न में कम कटौती होती है।
  • रेगुलर प्लान फीस - वहीं रेगुलर प्लान में ब्रोकर अपने अनुभव और समझ से बेहतर फंड चुनकर देता है। लेकिन इसमें ब्रोकर आपके निवेश से कमीशन लेता है। इसलिए ब्रोकर फीस और फंड मैनेजर की फीस कटने की वजह से आपका रिटर्न कम लग सकता है।

निष्कर्ष

म्युचुअल फंड में निवेश करने पर कोई फिक्स्ड फीस नहीं ली जाती है। यह आपके फंड के एक्सपेंस रेशियो, फंड मैनेजर, तय एग्जिट लोड शुल्क और लेन-देन के ऊपर निर्भर करता है। साथ ही, यदि आप ब्रोकर चार्जेस से बचना चाहते हैं, तो डायरेक्ट प्लान से जुड़े फंड में निवेश कर सकते हैं। इसमें ब्रोकर फीस के बजाय केवल फंड मैनेजमेंट जैसे फंड मैनेजर की फीस जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • शेयर मार्केट में निवेश करने पर कितनी फीस लगती है?

    शेयर मार्केट में ब्रोकरेज चार्ज, सेबी फीस और स्टॉक ट्रांजैक्शन फीस जैसे शुल्क लगते हैं। ये फीस आपके ब्रोकर और ट्रेडिंग के प्रकार के आधार पर तय होती है।
  • क्या इन्वेस्टमेंट फीस और एक्सपेंस रेशियो एक ही है?

    नहीं, इन्वेस्टमेंट फीस और एक्सपेंस रेशियो दोनों अलग हैं। इन्वेस्टमेंट फीस ब्रोकर को शेयर खरीदने-बेचने के बदले दी जाती है। वहीं, एक्सपेंस रेशियो म्युचुअल फंड या ETF को मैनेज करने के लिए फंड हाउस द्वारा लिया जाने वाला वार्षिक शुल्क है।
  • मेरे स्टॉक मार्केट पर कितनी फीस लग रही है कैसे पता करें?

    अपनी कुल फीस जानने के लिए अपने ट्रेडिंग ऐप के प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट सेक्शन का उपयोग कर सकते हैं।
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Claude
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