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डायरेक्ट म्यूचुअल फंड क्या है

डायरेक्ट म्यूचुअल फंड एक ऐसा फंड होता है, जिसमें आप बिना किसी ब्रोकर या एजेंट की मदद के निवेश कर सकते हैं। इन फंड्स में किस स्कीम को चुनना है, यह पूरी तरह आपके हाथ में होता है और इसके लिए आपको किसी ब्रोकर पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। आइए निम्न जानकारी को पढ़कर जानते हैं कि आपके लिए डायरेक्ट फंड अच्छा है या रेगुलर फंड।

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डायरेक्ट फंड कौन से होते हैं?

डायरेक्ट फंड, म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक ऐसा तरीका है, जिसमें आप ब्रोकर की मदद के बिना सीधे एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) या फंड हाउस से फंड चुनते हैं। वहीं यदि आप रेगुलर म्यूचुअल फंड की मदद से निवेश करते हैं, तो आपको एजेंट को फंड चुनने के लिए पैसे देने पड़ते हैं, जिस वजह से आपका एक्सपेंस रेशियो बढ़ जाता है।

डायरेक्ट फंड Vs रेगुलर म्यूचुअल फंड

आइए जानते हैं डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड में मुख्य अंतर क्या है:

Key Difference Direct Mutual Funds Regular Mutual Funds
निवेश का तरीका सीधे फंड हाउस की वेबसाइट, ऐप से किया जा सकता है। किसी ब्रोकर, बैंक, या डिस्ट्रीब्यूटर के ज़रिए किया जाता है।
एजेंट का कमीशन कोई कमीशन या ब्रोकरेज नहीं देना पड़ता है। हर साल लगभग 0.5% -1.5% का कमीशन आपके पैसों से कटता है।
रिटर्न लाभ रेगुलर की तुलना में 0.5% - 1.5% ज़्यादा सालाना रिटर्न मिलता है। डायरेक्ट के मुकाबले थोड़ा कम रिटर्न मिलता है।
NAV (नेट एसेट वैल्यू) इसका NAV हमेशा ज़्यादा होता है। NAV कम हो सकता है।
सलाह और सुझाव खुद से फंड चुनना होता है। एजेंट आपको फंड चुनने और रिव्यू करने में मदद करता है।

डारेक्ट म्यूचुअल फंड के फायदे क्या हैं?

Direct mutual fund में निवेश करने से उच्च रिटर्न प्राप्त हो सकता है। नीचे शेयर मार्केट में डारेक्ट फंड चुनने के मुख्य फायदे दिए गए हैं:

  • कम खर्च के लिए बेस्ट निवेश विकल्प - डारेक्ट फंड में आप ब्रोकर चार्ज से बच जाते हैं, जिस वजह से आपको रिटर्न में रेगुलर फंड की तुलना में 0.5%-1.5% ज्यादा रिटर्न का लाभ मिलता है।
  • स्टॉक मार्केट का डायरेक्ट अनुभव - जब आप खुद से फंड चुनते हैं, तो आपको फंड के प्रदर्शन और डायरेक्ट स्टॉक निवेश की समझ बढ़ती है।
  • रेगुलर फंड की तुलना में उच्च रिटर्न - ब्रोकर और एजेंट के चार्जेज न देने के कारण डायरेक्ट फंड में NAV हमेशा रेगुलर प्लान की तुलना में ज़्यादा रहती है। आप यह अंतर SIP कैलकुलेटर से गणना करके भी देख सकते हैं।

Direct म्यूचुअल फंड में कैसे इन्वेस्ट करें?

डायरेक्ट म्यूचुअल फंड निवेश के लिए व निवेश के लिए आसान प्रक्रिया नीचे दी गई है:

  • स्टेप 1 - म्यूचुअल फंड के लिए पैन कार्ड की KYC पूरी कराएं।
  • स्टेप 2 - अपने पसंदीदा फंड हाउस की वेबसाइट पर जाएं, जैसे: SBI Mutual Fund।
  • स्टेप 3 - डायरेक्ट प्लान का विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4 - आपको निवेश एकमुश्त करना है या प्रति माह, इसका विकल्प चुनें।
  • स्टेप 5 - पसंदीदा फंड चुनें और भुगतान कर दें।

इसके बारे में और जानें : म्यूचुअल फंड्स के बारे में और जानें

निष्कर्ष

कई बार लोग डायरेक्ट म्यूचुअल फंड और डायरेक्ट स्टॉक्स निवेश को एक ही समझ लेते हैं, इस बात का ध्यान रखें कि आप डायेरक्ट फंड में केवल बिना ब्रोकर के फंड चुन सकते हैं। लेकिन आपके शेयर मार्केट का स्टॉक निवेश अभी भी फंड मैनेजर के ऊपर ही निर्भर करता है, जिसके कुछ चार्जेस आपके निवेश से कटते हैं। इस फंड का लाभ लेने के लिए आप किसी भी AMC या फंड हाउस की वेबसाइट पर जाकर SIP के जरिए Direct Mutual Fund का विकल्प चुन सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • म्यूचुअल फंड क्या है और इसमें कैसे इन्वेस्ट करें?

    क्या आपको पता है, mutual fund kya hai kaise invest kare? दरअसल, म्यूचुअल फंड कई निवेशकों के पैसों को मिलाकर एक जगह इकट्ठा करने वाला माध्यम है, जिसे एक्सपर्ट फंड मैनेजर शेयर बाजार या सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करते हैं। इसमें आप किसी भी वेरिफाइड इन्वेस्टमेंट ऐप या सीधे म्यूचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट पर जाकर आसानी से निवेश शुरू कर सकते हैं।
  • मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा म्यूचुअल फंड डायरेक्ट है या रेगुलर?

    आपका फंड डायरेक्ट है या रेगुलर, यह जानने के लिए अपने निवेश ऐप के डैशबोर्ड में फंड के नाम को ध्यान से देखें। अगर फंड के नाम में ‘Direct’ लिखा है, तो आपने सीधे कंपनी से खरीदा है, और अगर वहां ‘Regular’ लिखा है, तो इसे किसी ब्रोकर के जरिए लिया गया है।
  • अगर मैं रेगुलर से डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में स्विच करूं तो क्या होगा?

    रेगुलर से डायरेक्ट प्लान में स्विच करने पर आपका डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन खत्म हो जाता है, जिससे आपका एक्सपेंस रेशियो कम होता है और लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न मिलता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि इस स्विच को एक तरह की नई खरीद माना जाता है, इसलिए इस पर नियमों के मुताबिक एग्जिट लोड और कैपिटल गेन्स टैक्स लग सकता है।

*All savings are provided by the insurer as per the IRDAI approved insurance plan.
*Tax benefit is subject to changes in tax laws. Standard T&C Apply
++Source - Google Review Rating available on:- http://bit.ly/3J20bXZ
˜The insurers/plans mentioned are arranged in order of highest to lowest first year premium (sum of individual single premium and individual non-single premium) offered by Policybazaar’s insurer partners offering life insurance investment plans on our platform, as per ‘first year premium of life insurers as at 31.03.2025 report’ published by IRDAI. Policybazaar does not endorse, rate or recommend any particular insurer or insurance product offered by any insurer. For complete list of insurers in India refer to the IRDAI website www.irdai.gov.in
^^The information relating to mutual funds presented in this article is for educational purpose only and is not meant for sale. Investment is subject to market risks and the risk is borne by the investor. Please consult your financial advisor before planning your investments.

Claude
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