जब कोई एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) निवेशकों के लिए कोई नया फंड ऑफर लॉन्च करती है, तब उसे NFO कहते हैं। आमतौर पर निवेश के दौरान NFO स्कीम की शुरुआती NAV वैल्यू ₹10 प्रति यूनिट रखी जाती है और यह ऑफर केवल 10 से 15 दिन के लिए खोला जाता है। इसके बाद जो भी राशि छोटे-छोटे निवेश के बाद जुड़ती है, उसे फंड मैनेजर शेयर बाज़ार या बॉन्ड्स में लगा देता है।
₹1 Crore* Tax-Free
NFO का मतलब New Fund Offer होता है, जिसका मतलब ऐसे म्यूचुअल फंड ऑफर से होता है, जो बाजार में पहली बार उपलब्ध कराए गए होते हैं। ये ऑफर एक निश्चित समय सीमा के लिए बनाए जाते हैं, जिनकी NAV यानी यूनिट का मूल्य भी कम होता है। इसके बाद जैसे ही ऑफर का तय समय खत्म होता है, यह एक सामान्य ओपन-एंडेड या अन्य म्यूचुअल फंड बन जाता है, जिसमें आप वर्तमान NAV पर पैसा लगा सकते हैं।
म्यूचुअल फंड NFO में निवेश करने से पहले इन बातों की जानकारी होना आवश्यक है:
NFO म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आपके पैन कार्ड की KYC और निवेश राशि कम से कम ₹1000 या ₹5000 तक होना जरूरी है। आइए NFO में ऑनलाइन निवेश करने की प्रक्रिया जानते हैं:
NFO में निवेश करना थोड़ा रिस्की हो सकता है। अक्सर ₹10 जैसी सस्ती NAV देखकर निवेशक इसे बेहतर मान लेते हैं। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है, क्योंकि NFO एक नया फंड होता है, जिसका पिछला कोई प्रदर्शन या रिकॉर्ड नहीं होता है, तो आपके पैसे डूब भी सकते हैं। इसीलिए यदि आप निवेश करना ही चाहते हैं, तो आपके लिए NFO की जगह 3-5 साल पुराने बेहतर प्रदर्शन वाले म्यूचुअल फंड में SIP करना ज़्यादा सुरक्षित है।
NFO म्यूचुअल फंड आपको कम कीमत में यूनिट खरीदने का मौका देता है। यदि आप वर्तमान में एनएफओ में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि एसबीआई, इन्वेस्को और Edelweiss आदि फंड हाउस द्वारा कई नए फंड ऑफर हाल ही में निकाले गए हैं। लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो NFO में तभी निवेश करें जब उस फंड की थीम तथा फंड मैनेजर के अनुभव पर पूरा भरोसा करते हों।
