टर्म इंश्योरेंस प्लान बनाम पारंपरिक जीवन बीमा

आज के युग में, जीवन की अनिश्चितता से खुद को बचाने के लिए यह बड़ा ही जरूरी हो जाता है कि आपके पास बीमा कवरेज हो। बीमा पॉलिसी की तेजी से बढ़ती जरूरत के साथ, मार्किट में बहुतायत में बीमा उत्पाद उपलब्ध हैं। हालाँकि, अपनी जरूरतों को पूरा करने वाली बीमा योजना को चुनना बहुत से कारकों पर निर्भर करता हैं।

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यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आश्रित की संख्या, उम्र, समयावधि और कवरेज की राशि जैसे कारकों पर विचार किया जाएं । इसलिए एक सही बीमा पॉलिसी चुनने के लिए यह हमेशा बेहतर रहता है कि आप इस पर थोडी रिसर्च कर ले। यदि हम  समायावधि बीमा की बात करते हैं और परंपरागत जीवन बीमा पॉलिसी की,  दोनों ही योजनाओं के अपने कुछ फायदे है और अपनी कुछ सीमायें। चलों अब  समयावधि बीमा के फायदों एक नज़र डालते हैं कि आपकों समयावधि बीमा को खरीदना चाहिए या पंरम्परागत जीवन बीमा पॉलिसी को।

मृत्यु लाभ-

समयावधि बीमा एंव परम्परागत जीवन बीमा योजना में सबसे बड़ा अंतर यह है कि एक समयावधि बीमा योजना बीमे की समयावधि में बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर ही मृत्यु लाभ उपलब्ध कराता है, जबकि जीवन बीमा पॉलिसी मृत्यु और परिपक्वता लाभ दोनों उपलब्ध कराता है। समयावधि बीमा योजना में मृत्यु लाभ के रूप में जो राशि उपलब्ध करायी जाती हैं वह जीवन बीमा योजना में उपलब्ध करायी गयी राशि से बहुत ज्यादा होती हैं। यद्पि ज्यादातर बीमा खरीदार जीवन बीमा योजना में निवेश करने पर ज्यादा ध्यान देते हैं, क्योकि यह जिंदगी को सुऱक्षा देने के साथ-साथ निवेश पर वापसी भी सुनिश्चित करती है, आपको यह सुझाव देना चाहेगें कि कम-से-कम एक समयवाधि बीमा योजना जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि यह न्यूतम प्रीमियम में ज्यादा मृत्यु लाभ देती है।

जोखिम कवर बनाम बचत

एक समयावधि बीमा योजना बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर बीमित व्यक्ति के परिवार को मृत्यु-लाभ उपलब्ध कराती है। हालाँकि समयावधि योजना किसी उत्तरजीविता लाभ या परिपक्वता लाभों को उपलब्ध नहीं कराती हैं। इसलिए यदि कोई समयावधि में निवेश करने की तभी सोच सकता है जब उसे केवल मृत्यु-लाभ ही चाहिए और ज्यादा प्रीमियम की राशि का भुगतान वह नहीं कर सकता।  हालाँकि, यदि कोई जीवन कवर के साथ निवेश को जमा करना चाहता हैं, तो उसे पंरम्परागत जीवन बीमा योजना में निवेश करने के बारे में सोचना चाहिए।

लचीलापन

एक समयावधि बीमा योजना को सेरेण्डर करना जीवन बीमा योजना को सेरेण्डर करने से कही ज्यादा आसान है। समयावधि योजना में, यदि बीमित व्यक्ति प्रीमियम का भुगतान करना बंद कर देता हैं, तो योजना के लाभ खत्म हो जाते हैं और योजना समाप्त हो जाती है। हालाँकि, जीवन बीमा योजना में, बीमें का पूरा जीवनचक्र समाप्त हो जाने पर ही परिपक्वता लाभ मिलता है। यदि बीमित व्यक्ति बीमा को सेरेण्डर करता है या बीच में ही समाप्त करना चाहता है तो उसे पूरी योजना के बचत के पूरे हिस्से से कुछ भी वापस प्राप्त नहीं होगा, केवल जो प्रीमियम राशि बीमा व्यक्ति ने भरी थी वही वापस होगी, वह भी, कुछ निश्चित ह्रास के साथ। इसके अतिरिक्त, ज्यादातर समयावधि योजनाएं नवीकरणीय होती हैं और योजना को बढ़े हुए प्रीमियम में समान सुरक्षा के साथ अक्षय निधि में बदलने का प्रस्ताव देती है।

* बीमा कंपनियो द्वारा उपलब्ध करायी गयी सभी बचतें आईआरडीएआई द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। मानक टी & सी लागू होते हैं।

प्रीमियम राशि

यदि कोई व्यक्ति जीवन बीमा योजना में ज्यादा कवरेज लाभ पाना चाहता है, तब उन्हें ज्यादा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। परंतु, ज्यादा प्रीमियम राशि होने के कारण, ज्यादातर बीमा के खरीदार पर्याप्त कवरेज का लाभ नहीं ले पाते। इसके अतिरिक्त, सामान्यत: जीवन बीमा योजना में योजनाधारक यदि अपनी योजना को वापस कर देता है, तो कम रिटर्न देती है, 5 प्रतिशत – 7 प्रतिशत, जोकि आगे चलकर कम हो जाती है यदि योजनाधारक अपनी योजना को वापस कर देता है। साथ ही, प्रबंधन की लागत को भी घटाया जाता है। इसके विपरीत, समयावधि योजना ज्यादा सस्ती होती है और न्यूनतम लागत पर ज्यादा कवरेज देती है।

उदाहरण के लिए:  यदि कोई 30 साल का व्यक्ति 20 वर्षों के समय के लिए 10,00,000 रूपये का समयावधि बीमा खरीदना चाहता है, तब उसे इसके लिए वार्षिक प्रीमियम 3000 रूपये देना होगा। इससे अलग, समान मृत्यु लाभ के साथ एक बिना लाभ वाली अक्षय योजना के लिए वार्षिक प्रीमियम 30,000 रूपये देना होगा और लाभ वाली अक्षय योजना के लिए वार्षिक प्रीमियम की लागत 50,000 रूपये होगी। 

समयावधि बीमा योजना उनके लिए लाभदायक होती है, जो कि अपने परिवार को वित्तीय सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकते या फिर एक निश्चित और सुरक्षित आय का श्रोत उनके पास नहीं है। 

टैक्स लाभ

यह हमेशा गलत समझा गया है कि एक व्यक्ति  आयकर अधिनियम सेक्शन 80 सी के तहत् तभी ज्यादा टैक्स छूट में लाभ पा सकता है जब वो ज्यादा प्रीमियम अदा करे, जो प्रीमियम हम जीवन बीमा योजना के लिए अदा करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह समझा जाता है कि परिपक्वता लाभ टैक्स मुक्त होते हैं। 

हालाँकि, यह समझना जरूरी है कि समयावधि में जमा किया गया प्रीमियम न केवल न्यूनतम होता है, अपितु आयकर अधिनियम के 80 सी के तहत् टैक्स छूट के लिए भी योग्य होता है। यदि कोई टैक्स छूट में लाभ लेने के लिए बीमा योजना में निवेश करना चाहता है, तब वे समयावधि योजना में निवेश करने के बारे में सोच सकते हैं,  जैसे कि दोनों योजनाओं के प्रीमियम में अंतर है तो अन्य टैक्स-बचत योजनाओं में भी निवेश किया जा सकता है, जैसे इएलएसएस, पीपीएफ आदि।

आपकी बेहतर समझ विकसित करने के लिए, हमनें यहाँ समयावधि बीमा के साथ विभिन्न प्रकार के जीवन बीमा योजना का एक तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया हैं।

मापदंड़

समयावधि योजना

अक्षय योजना

यूनिट से जूड़ी योजना

परिपक्वता  लाभ

समयावधि बीमा योजना में कोई परिपक्वता लाभ प्रस्तावित नहीं होता।

उपलब्ध

उपलब्ध

मृत्यु लाभ

बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर सुनिश्चित राशि का भुगतान मृत्यु लाभ के रूप में कर  दिया जाता हैं।

सुनिश्चित राशि का भुगतान कर दिया जाता है, साथ ही यदि बोनस प्रस्तावित था तो उसका भी भुगतान कर दिया जाता है। 

सुनिश्चित राशि का मृत्यु लाभ या निधि मूल्य इनमें से जो भी ज्यादा हो का मृत्यु लाभ के रूप में भुगतान कर दिया जाता है।

प्रीमियम ( 30 साल के व्यक्ति के लिए और 25 सालों की समयावधि के लिए 25 लाख के कवरेज वाला)

अनुमानित प्रीमियम: 4000 रूपये प्रतिवर्ष, प्रीमियम योजना की अवधि, उम्र और सुनिश्चित राशि पर निर्भर करता हैं।

अनुमानित प्रीमियम: 21,000 रूपये वार्षिक। प्रीमियम योजना की अवधि,उम्र और सुनिश्चित राशि के आधार पर ज्यादा भी हो सकता हैं।

अनुमानित प्रीमियम: 2.5 लाख प्रति वर्ष। बीमित व्यक्ति यह निर्णय ले सकता है कि वह कितना प्रीमियन अदा करना चाहता है और उसके आधार पर एक राशि सुनिश्चित कर दी जाती है।

निवेशकों के लिए, यह समझना महत्वपूर्ण है कि जीवन बीमा हमारी अच्छी वित्तीय योजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह एक ही समय में जीवन बीमा और समयावधि बीमा दोनों के लिए लाभदायक होता हैं। जैसे कि एक ही योजना निवेश के रिटर्न के लाभ और जीवन सुरक्षा उपलब्ध कराती है, साथ ही अन्य योजना के साथ आप एक न्यूनत्तम प्रीमियम अदा करके अपने किसी विशेष के भविष्य कि वित्तीय सुरक्षा को भी सुरक्षित कर सकते हैं। ऊपर दिये गये बिंदु एक जानकारी के साथ चुनाव करने में आपकी आपके अपने हिसाब से सबसे अच्छी बीमा योजना को चुनने की मदद कर सकते हैं। 

Written By: PolicyBazaar

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